NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope) ने यूरेनस की अब तक की सबसे साफ तस्वीर ली है. इस फोटो में उसके 13 में से 11 छल्ले तो दिख ही रहे हैं. साथ ही साथ उसके 27 चंद्रमाओं में से छह चांद भी दिखाई दे रहे हैं. ये आज के दौर की अद्भुत तस्वीर है. (सभी फोटोः NASA/ESA/JWST/Hubble)
यूरेनस की इतनी बेहतरीन फोटो हबल टेलिस्कोप ने भी नहीं ली थी. इस तस्वीर को लेने की कहानी पिछले साल शुरू हुई थी. जब नासा JWST की मदद से नेपच्यून की इमेज जारी की थी. लेकिन इस बार बर्फीले ग्रह यूरेनस की जो फोटो आई है, उसे देखते ही बनता है. बेहतरीन बारीकी के साथ छल्लों को चौड़ाई भी दिख रही है.
बर्फीले ग्रह यूरेनस का रेडियस 25,362 किलोमीटर है. सतह पर तापमान माइनस 216 डिग्री सेल्सियस रहता है. इसे सूरज का एक चक्कर लगाने में 84 साल लगते हैं. जबकि पृथ्वी को मात्र एक साल. इस समय यूरेनस पर स्प्रिंग का मौसम हैं. यूरेनस की यह खूबसूरत तस्वीर JWST के वेब नीयर-इंफ्रारेड कैमरा (NIRCam) ने ली है.
इसके पहले हबल, वॉयजर-2 और केक ऑब्जरवेटरी ने यूरेनस की तस्वीर ली थी. इस ग्रह की खूबसूरती देखते बनती है. नीला रंग, सफेद रंग और उस पर धुंधले-चमकते हुए छल्ले. जो हिस्सा सूरज की तरफ रहता है, वह मोतियों की तरह चमकता रहता है. यूरेनस के ध्रुवों पर एक अलग ही चमक दिखाई देती है.
हबल और केक ऑब्जरवेटरी से वैज्ञानिक इसके ध्रुवों को नहीं देख पाते थे. इसकी सतह पर पानी, मीथेन और अमोनिया मौजूद है. वेब की तस्वीर में यूरेनस के 13 में से 11 छल्ले दिख रहे हैं. जब इन्हें दूर से देखों तो ये आपस मिलकर एक छल्ला बने हुए दिखते हैं.
JWST ने सिर्फ 12 मिनट यूरेनस की तरफ देखा तो इतनी बेहतीन तस्वीरें आईं. अगर वह थोड़ी देर और रहता तो और कई नजारे फोटो में कैप्चर हो जाते. इस टेलिस्कोप की मदद से वैज्ञानिक अंतरिक्ष की गहराइयों में झांक रहे है. अभी तो तस्वीरें आई हैं, उनकी मदद से वैज्ञानिक यूरेनस के बारे में विस्तृत अध्ययन करेंगे.
आपको बता दें कि यूरेनस का वजन 14 पृथ्वी के बराबर है. वायुमंडल की ऊंचाई 27.7 किलोमीटर है. जिसमें हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन सबसे ज्यादा भरे पड़े हैं. यूरेनस के चारों तरफ बने हुए छल्लों में माइक्रोमीटर छोटे गहरे रंग के कणों से लेकर मीटर बड़े पत्थर हैं. दो छल्लों को छोड़कर ज्यादातर छल्ले संकरे हैं.