अमेरिका की एक परमाणु पनडुब्बी चीन के पास मौजूद दक्षिणी चीन सागर (South China Sea) के नीचे एक समुद्री पहाड़ से टकरा गई. अमेरिकी नौसेना का दावा है कि यह पहाड़ किसी नक्शे में शामिल नहीं था. इसके बारे में किसी को पता भी नहीं था. इससे हुई टक्कर की वजह से सबमरीन में मौजूद 11 नौसैनिक घायल हो गए. हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई. ये हादसा पिछले महीने हुआ था लेकिन अमेरिकी नेवी ने अब इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की है. (फोटोः गेटी)
अमेरिका की घातक परमाणु पनडुब्बी यूएसएस कनेक्टीकट (USS Connecticut) 2 अक्टूबर को साउथ चाइना सी में निगरानी के लिए गोते लगा रही थी. तभी वह एक ऐसे समुद्री पहाड़ से टकराई, जिसका किसी भी समुद्री नक्शे में जिक्र नहीं है. इस हादसे में 11 लोग चोटिल हुए. पनडुब्बी क्षतिग्रस्त भी हुई. वह उसी हालत में गुआम बंदरगाह तक पहुंची. (फोटोः गेटी)
अमेरिकी नौसेना ने पनडुब्बी को हुए नुकसान की पूरी जानकारी जाहिर नहीं की है. अमेरिका की 7th फ्लीट ने 1 नवंबर को एक बयान जारी करते हुए कहा कि सी-वूल्फ क्लास फास्ट अटैक परमाणु पनडुब्बी यूएसएस कनेक्टीकट एक छिपे हुए समुद्री पहाड़ से टकरा गई. नेशनल ओशिएनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के मुताबिक सीमाउंट यानी समुद्री पहाड़ किसी खत्म हुए ज्वालामुखी के बचे हुए नुकीले हिस्से होते हैं. (फोटोः गेटी)
ज्यादातर सीमाउंट यानी समुद्री पहाड़ नुकीले होते हैं लेकिन कुछ गोल या थोड़े चौड़े भी हो सकते हैं. कुछ का ऊपरी हिस्सा एक दम मैदान की तरह समतल भी हो सकता है. समुद्री पहाड़ अक्सर समुद्री जीवों के विकसित होने, रहने और प्रजनन के लिए उपयुक्त होते हैं. क्योंकि यहां कई छोटे जीव छिपते, रहते और खाते-पीते हैं. (फोटोः गेटी)
समुद्री पहाड़ों से भरपूर मात्रा में पोषक तत्व समुद्री पानी में मिलता है. इसलिए यहां पर मूंगा पत्थर और स्पंज जैसे जीव तेजी से फैलते हैं. NOAA के मुताबिक दुनिया भर के समुद्रों में करीब 1 लाख से ज्यादा समुद्री पहाड़ हैं. इनमें से ज्यादातर एक किलोमीटर यानी 3281 फीट ऊंचे हैं. लेकिन अभी तक वैज्ञानिक सिर्फ 0.1 फीसदी समुद्री पहाड़ों को खोज पाए हैं. (फोटोः गेटी)
Nuclear-powered US submarine collided with a hidden underwater mountain, Navy reveals https://t.co/DkU3VbiZbW
— Live Science (@LiveScience) November 3, 2021
साल 2005 में अमेरिका की परमाणु पनडुब्बी यूएसएस सैन फ्रांसिस्को (USS San Francisco) भी गुआम के पास एक छिपे हुए समुद्री पहाड़ से टकरा गई थी. तब उसकी गति 55.52 किलोमीटर प्रतिघंटा थी. इस हादसे में 137 नौसैनिक जख्मी हुए थे और एक की मौत हो गई थी. (फोटोः गेटी)
बताया जाता है कि जिस समय यह हादसा हुआ था यूएसएस सैन फ्रांसिस्को समुद्र के अंदर 525 फीट की गहराई में गोते लगा रही थी. किस्मत अच्छी थी कि पनडुब्बी डूबी नहीं लेकिन उसके अगले हिस्से में काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था. उसका रिएक्टर बच गया था, इसलिए पनडुब्बी वापस गुआम बंदरगाह पर पानी के ऊपर आ गई थी. (फोटोः गेटी)
साल 1963 में अमेरिकी पनडुब्बी यूएसएस थ्रेसर (USS Thresher) ऐसे ही समुद्र में लापता हो गई थी. वह अटलांटिक महासागर में परीक्षण गोताखोरी के लिए गई थी. किसी को यह नहीं पता चल पाया कि इस पनडुब्बी में प्राथमिक तौर पर क्या आपातकालीन स्थिति आई थी. इसके बाद अमेरिका ने पनडुब्बियों की सुरक्षा के लिए कई तरह की नई तकनीक ईजाद किए. उन्हें पनडुब्बियों में लगाया. ताकि ऐसे हादसे न हों. (फोटोः गेटी)