पिछले दो दशकों में अफ्रीका में इतना भयानक तूफान नहीं आया था. तूफान फ्रेडी (Cyclone Freddy) ने दो करोड़ की आबादी वाले देश मलावी में भंयकर तबाही मचाई. मलावी के राष्ट्रपति लाजर चकवेरा (Lazarus Chakwera) का कहना है कि यहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,000 से ज़्यादा हो गई है. ये दक्षिणी अफ्रीकी देशों में आने वाले सबसे घातक तूफानों में से एक है. (Photo: Reuters)
तूफान फ्रेडी पहले फरवरी के अंत में आया और इसने मलावी, मोज़ाम्बिक और मेडागास्कर में खूब तबाही मचाई. इसके बाद ये शांत हुआ और मार्च में फिर से हमला किया. तूफान ने अपने पीछे विनाश के निशान छोड़े हैं, जिन्हें देखकर तबाही का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. (Photo: Reuters)
मलावी के राष्ट्रपति लाजर चकवेरा का कहना है कि इस तूफान ने करीब 20 लाख से ज़्यादा लोगों को प्रभावित किया. इतना ही नहीं, इस तूफान की वजह से 5 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए, क्योंकि तूफान अपने साथ लोगों के घरों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचों को बहाकर ले गया. (Photo: Reuters)
मलावी में हालात इतने खराब हो गए हैं कि तूफान प्रभावित इलाकों में लोगों को रोजमर्रा की ज़रूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है. भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कई सड़कें जमीन में समा गईं हैं और सड़कों की जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए. (Photo: Reuters)
मलावी में पहाड़ों पर हुई बारिश अपने साथ कीचड़ और मिट्टी बहाकर लाई थी. यह कीचड़ लोगों के घरों में घुस गया, जिससे हालात काफी बद्तर हो गए. राहत और बचाव अभियान चलाए गए ताकि लोगों को रेस्क्यू किया जा सके. (Photo: Reuters)
इस भयंकर तूफान ने मध्य मोजाम्बिक (Mozambique) को धराशायी कर दिया है. तूफान ने सब बर्बाद कर दिया है. बाढ़ के बाद वहां इतिहास का सबसे घातक हैजा भी फैला. (Photo: Reuters)
राष्ट्रपति ने यह साफ नहीं किया कि मौत की अनुमानित संख्या जो 20 मार्च को 500 से ज़्यादा थी, वह अब 1000 से ज़्यादा क्यों बढ़ गई. हालांकि, तूफान थमने के बाद, मार्च के अंत तक मलावी में सैकड़ों लोग अभी भी लापता थे. (Photo: Reuters)
मलावी में तम्बाकू के मार्केटिंग सीजन की शुरुआत करते हुए, चकवेरा ने कहा कि फ्रेडी की वजह से देश की आर्थिक स्थिति अब पहले जैसी नहीं रह गई है. उन्होंने मलावियों से मिलकर काम करने की अपील की क्योंकि देश अभी आपदा के प्रभाव से उबर रहा है, जिसमें 405 किलोमीटर की सड़कें, 63 स्वास्थ्य सुविधाएं और 500 स्कूल बर्बाद कर दिए हैं. (Photo: Reuters)