मध्य फिलीपींस (Philippines) में एक अशांत ज्वालामुखी रविवार फट गया. इस ज्वालामुखी से इतनी राख निकली कि आसमान में कम से कम 1 किमी तक राख के बादल दिखाई दिए. (Photo: Reuters)
अधिकारियों ने माउंट बुलुसन (Mount Bulusan) पर अलर्ट बढ़ा दिया है. साथ ही, नागरिकों को खतरे वाले इलाके में प्रवेश न करने की हिदायत दी है. (Photo: Getty)
फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (Philippine Institute of Volcanology and Seismology) ने माउंट बुलुसन पर पांच लेवल वाले पैमाने पर, अलर्ट को 0 से 1 पर बढ़ा दिया है. इसका मतलब यह है कि मौजूदा समय में यह ज्वालामुखी 'असामान्य स्थिति' (Abnormal condition) में है. (Photo: AFP)
संस्थान कहना है कि ज्वालामुखी विस्फोट से पहले, 24 घंटे में 77 ज्वालामुखीय भूकंप दर्ज भी किए गए थे. संस्थान के प्रमुख रेनाटो सॉलिडम (Renato Solidum) ने बुलुसन के विस्फोट को 'फ्रीऐटिक' (Phreatic) या भाप से भड़कने वाला बताया है, जो कि बुलुसन ज्वालामुखी की विशेषता है. (Photo: Reuters)
रेनाटो सॉलिडम का कहना है कि इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. 4 किमी का दायरा जो स्थायी खतरे वाला इलाका है, वहां किसे के भी जाने की अनुमति नहीं है. अगर इस इलाके में राख गिरती (Ashfall) है, हर किसी को राख से बचने के लिए मास्क पहनकर रहना होगा या बेहतर है कि लोग घर के अंदर ही रहें. (Photo: Getty)
बुलुसन से निकली राख के विशालकाय बादल ने आसमान का रंग नीले से ग्रे में बदल दिया. राख के बादल को इस वीडियो में देखा जा सकता है. (Photo: Reuters)
संस्थान का कहना है कि फिलीपींस में 24 सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जिनमें बुलुसन भी एक है. बुलुसन आखिरी बार जून 2017 में फटा था. फिलीपींस प्रशांत क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' (Ring of Fire) में है, जहां ज्वालामुखी गतिविधियां और भूकंप आना बहुत आम हैं. (Photo: Getty)
उत्तरी फिलीपींस में लुज़ोन आईलैंड (Luzon island) पर माउंट पिनाटुबो (Mount Pinatubo), में 600 सालों तक निष्क्रिय रहने के बाद 1991 में फटा था. उस विस्फोट की वजह से दर्जनों गांव कई टन मिट्टी के नीचे दब गए थे. इस घटना में 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. (Photo: Getty)
A restive volcano in the central Philippines spewed a column of ash at least 1 km (0.6 mile) into the sky on Sunday, prompting authorities to raise the alert at Mount Bulusan by one notch and remind residents not to enter the danger zone. https://t.co/PHgvWwoCcd
— Reuters Science News (@ReutersScience) June 5, 2022