आइसलैंड के रेकजाविक प्रायद्वीप के ग्रिंडाविक कस्बे के पास चार दिन पहले जमीन फटी. साढ़े तीन km लंबी दरार बन गई. अंदर से लावा निकलने लगा. तेजी से. अब भी निकल रहा है. दरार आधा किलोमीटर और आगे बढ़ गया. लेकिन अब वह ग्रिंडाविक की तरफ नहीं जा रहा. (फोटोः रॉयटर्स)
इस दरार से 100 फीट ऊंचा लावे का फव्वारा निकल रहा है. कई जगहों पर तो इससे भी ज्यादा ऊंचाई हासिल कर रहा है. शुरूआती विस्फोट के बाद भारी मात्रा में लावा निकला. पिघले हुए पत्थर निकल रहे थे. आसमान नारंगी और लाल रंग का हो गया था. लग रहा था कि आसमान ही लावा उगल रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)
इस ज्वालामुखी विस्फोट की हैरतअंगेज तस्वीरें आई हैं. आमतौर पर ज्वालामुखी विस्फोट की किसी पहाड़ की चोटी पर होता है. लेकिन ग्रिंडाविक कस्बे के पास ज्वालामुखी जमीन से निकल रहा है. आसपास छोटी-मोटी पहाड़ियां हैं. लेकिन बड़ा इलाका मैदानी है. चारों तरफ बर्फ ही बर्फ फैली है. (फोटोः एपी)
आइसलैंड के मौसम विभाग की माने तो अभी लावा का बहाव तो हो रहा है लेकिन विस्फोट कम होता जा रहा है. लेकिन यह आशंका है कि अभी इस इलाके में कहीं से भी नया विस्फोट हो सकता है. यानी जमीन के अंदर से गर्म लावा का फव्वारा निकल सकता है. पहले विस्फोट के हर 90 मिनट बाद अलग-अलग जगह से लावा निकलना शुरू हुआ था. (फोटोः एपी)
लेकिन अब यह समय कम बढ़ता जा रहा है. फिर भी वैज्ञानिकों को आशंका है कि Sundhnuk इलाके से दोबारा विस्फोट हो सकता है. आइसलैंड यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ अर्थ साइंसेस के एसोसिएट प्रोफेसर हैल्डोर गैरिसन ने कहा कि रेकजाविक प्रायद्वीप में छह अलग-अलग तरह के ज्वालामुखी सिस्टम हैं. (फोटोः एपी)
सोमवार को जो विस्फोट हुआ, वो स्वार्तसेंगी ज्वालामुखी सिस्टम (Svartsengi Volcanic System) का हिस्सा है. यह नजदीकी ज्वालामुखी फैगराडाल्सजाल से अलग है. इस जगह पर ज्वालामुखी करीब 2000 साल बाद फटा है. 4 किलोमीटर लंबी दरार के अंदर से लावा हर सेकेंड 200 से 250 क्यूबिक मीटर प्रतिसेकेंड की दर से निकल रहा था. (फोटोः एपी)
4 km लंबी यह लावा की दरार ग्रिंडाविक कस्बे से 3 किलोमीटर दूर है. विस्फोट अब भी लगातार हो रहा है. इसकी वजह से काफी मात्रा में वायु प्रदूषण हो रहा है. हवा का बहाव रिहायशी इलाकों से विपरीत दिशा में है. अगले कुछ दिनों तक हवा ऐसी ही रहने की संभावना है. फिलहाल विमानों के उड़ान पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. (फोटोः रॉयटर्स)
सोमवार को इस दरार से लगातार 3530 से 7060 क्यूबिक फीट लावा प्रति सेकेंड की दर से निकल रहा था. प्रशासन ने लोगों को इस इलाके के आसपास भी जाने से मना कर दिया है. नवंबर महीने के शुरूआत में ही ग्रिंडाविक की सड़कें धंसने लगी थी. लोगों ने इलाका तो छोड़ दिया लेकिन उन्हें अपनी संपत्ति की चिंता हो रही है. (फोटोः रॉयटर्स)
वैज्ञानिकों ने तभी अंदेशा जताया था कि यहां बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट होने वाला है. ग्रिंडाविक में ज्यादातर मछुआरे रहते हैं. ज्यादातर लोगों का व्यवसाय मछली से जुड़ा है. क्योंकि पूरे कस्बे की जमीन के नीचे गर्म मैग्मा बह रहा था. ग्रिंडाविक की जमीन के नीचे 10 km की लंबाई में लावा बह रहा था. यह सतह से करीब 800 मीटर नीचे था. (फोटोः एपी)
इस लावा बहाव से पैदा हुए भूकंपों की वजह से आइसलैंड के प्रमुख पर्यटन स्थल ब्लू लगून जियोथर्मल स्पा (फोटो में) को बंद कर दिया गया था. रेकजेन्स इलाका राजधानी रेकजाविक से दक्षिण-पश्चिम में है. यह इलाका भूकंप और ज्वालामुखी के लिए ही जाना जाता है. दो साल पहले मार्च में यहां पर बड़ा ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था. (फोटोः रॉयटर्स)
2021 में हुआ ज्वालामुखी विस्फोट छह महीने तक लावा उगलता रहा. इसके बाद अगस्त 2022 में फिर एक विस्फोट हुआ, जिसका लावा तीन हफ्ते तक बहता रहा. ये सारे विस्फोट फैगराडाल्सजाल ज्वालामुखी से निकली लावा की नहरों की जाल की वजह से हो रहे हैं. ज्वालामुखी की जमीनी सुरंगें 6 किलोमीटर चौड़ी और 19 किलोमीटर लंबी है. (फोटोः रॉयटर्स)