scorecardresearch
 
Advertisement
साइंस न्यूज़

Fish In Desert: रेगिस्तान में रहती है यह मछली, नई स्टडी में हैरान करने वाली वजह पता चली

rainbow fish in desert
  • 1/9

मछली का नाम आते ही दिमाग में पानी आता है. कभी रेगिस्तान तो नहीं आया होगा. लेकिन एक मछली है जो रेगिस्तानों में रहने के लिए मशहूर है. यह मछली ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान में मौजूद साफ पानी के स्रोतों में रहती है. यह जिस परिस्थितियों में रहती है, वह किसी भी जलीय जीव के जिंदा रहने के लिए बेहद मुश्किल है, लेकिन इसने ऐसे हालातों में सर्वाइव करना सीख लिया है. (फोटोः विकिपीडिया)

rainbow fish in desert
  • 2/9

इस मछली का नाम है डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish). इसे वैज्ञानिक भाषा में मेलानोटेनिया स्प्लेडिडा टेटेई (Melanotaenia splendida tatei) कहते हैं. हाल ही में एक स्टडी हुई है, जिसमें वैज्ञानिकों ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि यह ऐसे माहौल में कैसे रह लेती है. इतने गर्म हालात में यह कैसे सर्वाइव करती है. यानी विपरीत परिस्थितियों में जिंदा रहने वाले जीव कैसे खुद को संभालते हैं. (फोटोः गेटी)

rainbow fish in desert
  • 3/9

मध्य ऑस्ट्रेलिया ऐसा इलाका जहां पर कई-कई साल तक बारिश नहीं होती. यह इलाका करीब 3000 किलोमीटर लंबा-चौड़ा है. जहां पर कुछ गिने-चुने समुदाय के लोग रहते हैं. क्योंकि यह इलाका सूखा है. कहीं रेगिस्तान तो कहीं बीहड़. इनके बीच में कहीं-कहीं पीने लायक साफ पानी के स्रोत हैं. जो बेहद छोटे हैं. इतने गर्म इलाके में पानी के स्रोत में किसी मछली का रहना आसान नहीं है. (फोटोः गेटी)

Advertisement
rainbow fish in desert
  • 4/9

डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) करीब चार इंच लंबी होती है. इन मछलियों ने गर्म रेगिस्तान में जिंदा रहने की क्षमता विकसित कर ली है. इनकी आबादी काफी कम है लेकिन जितनी है, वो ऐसी विपरीत स्थितियों में रह रही हैं. फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लुसियानो बेरेगेरे और उनकी टीम ने डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) की स्टडी की. वो रेगिस्तानी इलाकों में बने पानी के छोटे-छोटे गड्ढों में इन मछलियों को खोजकर उनके रहने के तरीकों की निगरानी कर रहे हैं. (फोटोः गेटी)

rainbow fish in desert
  • 5/9

ऑस्ट्रेलिया के 18 अलग-अलग इलाकों में मिलने वाली डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) के जेनेटिक्स की तुलनात्मक स्टडी की. प्रो. लुसियानो बेरेगेरे और उनकी टीम ने अपनी रिपोर्ट Fish Out of Water को हाल ही जर्नल Evolution में प्रकाशित कराया है. जेनेटिक्स के हिसाब से डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) में सिर्फ 8 ऐसे जीन्स होते हैं, जो उसे विपरीत परिस्थितियों में रहने की क्षमता प्रदान करती है. (फोटोः विकिपीडिया)

rainbow fish in desert
  • 6/9

जिन 18 अलग-अलग इलाकों से डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) की स्टडी की गई थी. उन सभी में यह 8 विशेष जीन्स मिले. लेकिन ये 18 अलग-अलग गड्ढे सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. ऐसा भी नहीं है कि मछलियां एकसाथ रह रही हों कि इनका इवोल्यूशन एकसाथ हो. ये अलग-अलग रहकर इवॉल्व हो रही हैं. ये अलग-अलग रहते हुए भी खुद को जिंदा रखने के लिए अपने अंदर जरूरी बदलाव ले आई हैं. (फोटोः गेटी)

rainbow fish in desert
  • 7/9

मध्य ऑस्ट्रेलिया के सूखे इलाके के पूर्वी छोर में डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) हमेशा लगातार बहते हुए पानी के स्रोत में रहती है. अगर बारिश होती है, तो इनके लिए फायदेमंद होता है. लेकिन सूखे वर्षों में भी ये खुद को बचे हुए पानी में बचाकर रखती है. दूसरी ओर पश्चिम में ये जमीन के अंदर बने गड्ढों में गहराई में रहती हैं. लेकिन वहां कि जलाने वाली गर्मी में भी ये मछलियां सही सलामत रहती हैं. (फोटोः गेटी)
 

rainbow fish in desert
  • 8/9

प्रो. लुसियानो ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि कम आबादी वाले जीवों में किसी तरह का जेनेटिक या बायोलॉजिकल विकास नहीं होता. लेकिन डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) ने धारणा को खत्म कर दिया है. इनकी आबादी कम है, ये छितराई हुए इलाकों में दूर-दूर रहती हैं. इसके बावजूद इन्होंने गर्म इलाके में रहने की अपनी क्षमता को बखूबी विकसित किया है. जब कभी इस गर्म इलाके में बाढ़ आती है, तब ये मछलियां जमीन के अंदर बनी छोटी-छोटी गुफाओं में रहती हैं. वहीं से अलग-अलग स्थानों में घूमती रहती हैं. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ऐसे ही मौके पर ये ब्रीडिंग करती हैं. क्योंकि पानी की मात्रा ज्यादा होने पर मछलियां पैदा की जा सकती हैं, लेकिन पानी कम होने पर सर्वाइवल मुश्किल होता है. लेकिन इन मछलियों को जब भी मौका मिलता है ये ब्रीडिंग करने के लिए दूर इलाकों में भी चली जाती हैं. (फोटोः गेटी)

rainbow fish in desert
  • 9/9

प्रो. लुसियानो ने बताया कि पश्चिमी रेगिस्तानी इलाके में रहने वाली डेजर्ट रेनबो फिश (Rainbowfish) के जेनेटिक्स में बदलाव मिला है. वो अपने स्वाद को बदलने, सूंघने की क्षमता, रोशनी सहने की क्षमता और पानी में नमक के स्तर को सहने की क्षमता विकसित कर चुकी है. लेकिन पूर्वी तरफ मिलने वाली मछलियों में ऐसी आदतें देखने को नहीं मिलीं, क्योंकि वहां पानी थोड़ा ज्यादा है. (फोटोः गेटी)

Advertisement
Advertisement
Advertisement