अमेरिका के सबसे ज्यादा जंगली इलाकों में इन दिनों ब्राउनटेल मोथ (Browntail moth) की संख्या तेजी से बढ़ी हुई है. ये पत्तों को खा जाते हैं. पेड़ों को बिना पत्तों के बना देते हैं. इनकी वजह से इंसानों को खुजली होने लगती है. शरीर में लाल चकत्ते पड़ जाते हैं. इन कीड़ों के पंखों में ऐसे रसायनिक तत्व होते हैं, जो आपकी त्वचा के लिए सही नहीं होते. साथ ही ये आपके लिए सांस संबंधी दिक्कतें भी पैदा कर सकते हैं.
वैज्ञानिकों ने देखा है कि ब्राउनटेल मोथ (Browntail moth) की संख्या गर्मियों में बढ़ती थी. लेकिन इस बार तो ये सर्दियों में ही पनपने लगे हैं. अभी तो पूरी तरह से गर्मी आई भी नहीं. इनकी संख्या आमतौर पर गर्मियों के शुरुआत में बढ़ने लगती थी. लेकिन पिछले कुछ सालों से ये पहले आ जा रहे हैं. ये ज्यादा तेजी से फैल रहे हैं. इनके बारे में स्टडी रिपोर्ट हाल ही में जर्नल एनवायरमेंटल एंटोमोलॉजी में प्रकाशित हुई है. (फोटोः डोनाल्ड होबर्न)
वैज्ञानिकों को आशंका है कि निकट भविष्य में इनकी संख्या में और इजाफा होगा. क्योंकि जिस तरह से ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ रही है, उस हिसाब से ये कीड़े भी बढ़ेंगे. पेड़ बिना पत्तों के नंगे दिखेंगे. और इंसान खुजाते-खुजाते परेशान हो जाएगा. यूनिवर्सिटी ऑफ माएन में एंटोमोलॉजी की प्रोफेसर इलेनॉर ग्रोडेन ने कहा कि इन कीड़ों के लिए गर्म तापमान बेहतर होता है. यह इसी समय तेजी से बढ़ते हैं. लोगों को बीमार करते हैं. (फोटोः गेटी)
प्रो. इलेनॉर ने कहा कि ये गर्मियों में खा-पीकर खूब मोटे हो जाते हैं. उसके बाद सर्दियों में हाइबरनेशन में चले जाते हैं. यानी सो जाते हैं. ये आमतौर पर गड्ढों और पेड़ों की सुराखों में बनाए अपने बमीठों के अंदर अंडे जैसे ढांचे में कवर होकर सोते हैं. जैसे ही गर्मियां फिर आती है, ये वापस निकलते हैं. हालांकि इनमें से सर्दियों में कई मारे जाते हैं. लेकिन जो ढंग से खा-पीकर अपनी सेहत बना लेते हैं, वो सर्दियों में बच जाते हैं.
ब्राउनटेल मोथ (Browntail moth) असल में यूरोप, एशिया और अफ्रीका का स्थानीय कीड़ा है. 19वीं सदी के अंत में यह गलती से मैसाच्युसेट्स पहुंच गया. अब यह तीन स्थानों पर बहुतायत में पाया जाता है. तटीय माएन, केप कॉड और मैसाच्युसेट्स. इसके कैटरपिलर अप्रैल से लेकर जून तक भयानक लेवल पर एक्टिव रहते हैं. यह कीड़ें जंगल और इंसान दोनों के लिए ही खतरनाक हैं. इनसे कोई सुरक्षित नहीं है.
Rash-causing #moth spreading due to warming, scientists find https://t.co/EaYT1hhGqm
— Phys.org (@physorg_com) February 27, 2022
माएन फॉरेस्ट सर्विस के मुताबिक अमेरिका के माएन में यह 1904 में पहुंचा था. उसके बाद अगले कुछ वर्षों में ही इसने वहां कहर बरपा दिया. लेकिन पिछले साल इन कीड़ों ने ज्यादा तबाही मचाई. अब इनकी संख्या और इलाका काफी तेजी से बढ़ रहा है. ये पिछले दो सालों में राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में भी फैले हैं. स्टडी में पता चला है कि तापमान इनकी आबादी और फैलाव के पीछे प्रमुख कारण है.
यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टिकट में इवोल्यूशनरी बायोलॉजी और इकोलॉजी के प्रोफेसर डेविड वैगनर कहते हैं कि यह जलवायु परिवर्तन और वैश्विक गर्मी का एक बेहतरीन उदाहरण है. लोगों को यह समझना चाहिए कि प्रदूषण, गर्मी से सिर्फ आपदाएं ही नहीं आएंगी. ऐसे कीड़ों, बैक्टीरिया, वायरसों की भी संख्या बढ़ेगी, जो इंसानों समेत पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं. ब्राउनटेल मोथ (Browntail moth) से भी फेफड़ों से संबंधित बीमारियां होती हैं.
डेविड वैगनर ने कहा कि इनके साथ-साथ मच्छर और टिक्स भी बढ़ेंगे. तो खुद ही सोच लीजिए कि समस्याएं कितनी ज्यादा होने वाली हैं. अगर ऐसे ही कीड़ों का आउटब्रेक होता रहा तो इंसानों की धरती पर रहना मुश्किल हो जाएगा. वो लगातार बीमार होंगे. सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो सकता है. क्योंकि अगर ये कीड़े फसलों या फलों की तरफ बढ़े तो भी नुकसान बहुत होगा.