7000 हजार साल पुरानी सड़क. वो भी समुद्र के अंदर 16 फीट की गहराई में. यानी इतने सालों में समुद्र का पानी इतना ऊपर आ गया. ये सड़क दक्षिण क्रोएशियाई तट के पास भूमध्यसागर में मिली है. कहते हैं ये प्राचीन शहर सोलिन में बनाई गई थी. जो ह्वार सभ्यता के समय की है. इससे लोग कोरकुला नाम के द्वीप पर जाते थे.
सोलिन शहर की खोज 2021 में क्रोएशिया स्थित जडार यूनिवर्सिटी के आर्कियोलॉजिस्ट मेट पैरिसा ने की थी. तब से गोताखोर डुबकी लगा-लगाकर इस जगह को एक्सप्लोर कर रहे हैं. वहां जमी धूल मिट्टी को साफ कर रहे हैं. ताकि इस शहर के बारे में ज्यादा से ज्यादा पता चल सके.
कोरकुला द्वीप की सैटेलाइट तस्वीर भी ली गई है. ताकि यह पता चले कि यह जगह किस तरह से जमीन से जुड़ी थी. जब सैटेलाइट तस्वीरों का अध्ययन किया गया तब पता चला कि समुद्र के अंदर एक शहर ता. इसके बाद मैट पैरिसा और उनके दोस्तों ने गोताखोरी के जरिए इसे खोजने की ठानी.
भूमध्यासागर के एडियाट्रिक समुद्र की सतह से 16 फीट नीचे जाने पर उन्हें पत्थर की दीवारें मिलीं. जो बेहद प्राचीन थीं. यह मुख्य द्वीप से अलग एक पतले हिस्से पर बना रिहायशी इलाका था. मैट पैरिसा ने कहा कि मेडिटेरेनियन के अधिकतर हिस्सों में लहरें तेज उठती हैं. लेकिन यहां ऐसा नहीं है. इसलिए यह बचा हुआ है.
अभी जो प्राचीन सड़क मिली है, वह भी काफी हद तक ठीक-ठाक है. यह करीब 13 फीट चौड़ी सड़क है. इसे पत्थरों से जोड़कर बनाया गया था. अभी इस पर मिट्टी और कीचड़ की मोटी परत जमा है. लेकिन ये तो पानी के अंदर मौजूद ढांचों में दिखता ही है. पहले इस स्थान पर समुद्र नहीं रहा होगा लेकिन बाद में यह डूब गया.
जब वहां मौजूद लकड़ियों और अन्य वस्तुओं का रेडियोकार्बन एनालिसिसस कराया गया तो पता चला कि ये 4000 BCE के आसपास के हैं. जडार यूनिवर्सिटी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि इस सड़क पर लोग 7000 साल पहले चलते थे.
इस सड़क को खोजने में उसकी तस्वीरें लेने में, वीडियो बनाने में जडार यूनिवर्सिटी के अलावा कास्तेला सिटी म्यूजियम और कोरकुला सिटी म्यूजियम के एक्सपर्ट्स भी लगे थे. कई प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स और गोताखोरों की मदद लेनी पड़ी.
कोरकुला में एक और जगह मिली है, जो इस सड़क के विपरीत दिशा में है. वहां पर समुद्र के अंदर पत्थर से बनी कलाकृतियां मौजूद हैं. इन वस्तुओं में नियोलिथिक कलाकृतियां जैसे क्रीम ब्लेड्स और पत्थर की कुल्हाड़ियां जैसी चीजें मिली हैं. नियोलिथिक काल करीब 12 हजार साल पहले था. इसे पाषाण युग (Stone Age) भी कहते हैं.