अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने चेतावनी जारी की है कि 8 जुलाई 2021 को किसी भी समय अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (International Space Station - ISS) से अंतरिक्ष का कचरा टकरा सकता है. हालांकि रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस ने इस बात से इंकार किया है. रूसी स्पेस एजेंसी के चीफ दिमित्री रोगोजिन ने कहा कि ये खबर गलत है, फिलहाल हमारी एजेंसी इस बात की पुष्टि नहीं कर सकती. (फोटोः गेटी)
दिमित्री रोगोजिन ने ट्वीट करके कहा है कि ह्यूस्टन को लगता है कि कोई अनजान वस्तु (Space Debris) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के 4.8 किलोमीटर के दायरे से निकलने वाली है. जिसके टकराने की आशंका है. हम इस दूरी को लेकर तो पुष्टि कर सकते हैं, लेकिन हम यह निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि स्पेस स्टेशन को कोई खतरा नहीं है. हालांकि, हम लगातार इस चीज पर नजर रहे हैं. (फोटोः गेटी)
आपको बता दें कि हाल ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के कनाडियन रोबोटिक आर्म से एक अंतरिक्ष का कचरा टकराया था. जिसकी वजह से उसमें एक छेद हो गया था. हालांकि इसकी वजह से रोबोटिक आर्म के काम पर कोई असर नहीं पड़ा था. यह रोबोटिक आर्म स्पेसक्राफ्ट और कैप्सूल को पकड़ने और स्पेस स्टेशन के करीब लाने का काम करता है. (फोटोः CSA)
नासा और रॉसकॉसमॉस के द्वारा जारी अलग-अलग बयानों की वजह से अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद छिड़ गया है. 1970 के बाद से अंतरिक्ष में लगातार स्पेस जंक या स्पेस गार्बेज या अंतरिक्ष का कचरा बढ़ता जा रहा है. नासा ने कई बार अपने स्पेस शटल की मुख्य और अन्य खिड़कियों को कचरे से टक्कर के बाद मरम्मत कर चुका है. (फोटोः CSA)
OH GOD OH FUGG 🙄
— X-MANFREN (@BrebDaily) July 7, 2021
NASA Warns That Space Debris May Collide With ISS, Russian Space Agency Does Not Confirm the Threathttps://t.co/7XXbo2Dw0X
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक अभी तक सिर्फ 27 हजार स्पेस जंक का पता लगाया जा सका है. जबकि लाखों जंक इतने छोटे हैं कि उनकी गिनती नहीं की जा सकती. ये 27 हजार कचरा आकार में बड़े हैं, इसलिए इनकी गिनती हो सकी. छोटे स्पेस जंक यानी कचरा गिने तो नहीं जा सकते लेकिन ये इंसानी उड़ान या सैटेलाइट को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. (फोटोः गेटी)
नासा ने इस घटना के बाद लिखा कि अंतरिक्ष में उड़ने वाला कचरा और स्पेस स्टेशन की गति लगभग 25,261 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है. इस गति में अगर कोई भी चीज टकराएगी तो वह नुकसान करेगी ही. किस्मत अच्छी थी कि ये कचरा स्टेशन के बीच से नहीं निकला नहीं तो बहुत ज्यादा नुकसा पहुंचा सकता था. (फोटोः गेटी)
अंतरिक्ष में नासा ने जो 27 हजार कचरे गिने हैं, उनमें से 23 हजार छोटे सॉफ्टबॉल के आकार के हैं. इनकी गति 2.81 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा है. इसके अलावा 5 लाख से ज्यादा कचरा मार्बल गेंद के आकार के हैं. यानी 0.4 इंच से ज्यादा बड़े हैं. जबकि 10 करोड़ कचरे .04 इंच या एक मिलीमीटर या उससे थोड़े बड़े हैं. इसके अलावा माइक्रोमीटर में भी कचरा मौजूद है, जो 0.000039 इंच आकार के हैं. (फोटोःगेटी)
यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ये छोटे-छोटे कचरे या तो ईंधन के बचे हुए हिस्से हैं या फिर विस्फोट में जली बैटरी के टुकड़े. इस साल के शुरुआत में एक एक्सपर्ट ने चेतावनी दी थी कि धरती की निचली कक्षा में एक नया छल्ला बन रहा है, जिसमें प्लास्टिक से लेकर हर तरह का कचरा मौजूद है. यह इतना ज्यादा है कि इससे एक पूरा बड़ी द्वीप भर जाए. (फोटोःगेटी)
ऐसा माना जाता है कि धरती के चारों तरफ अंतरिक्ष में 17 करोड़ स्पेस जंक मौजूद है. जो पिछले पांच-सात दशकों से अंतरिक्ष में जा रॉकेट्स, सैटेलाइट्स और इंसानी उड़ानों की वजह से छूट गए हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ 27 हजार को ही ट्रैक किया जा सकता है क्योंकि ये आकार में थोड़े बड़े हैं. अंतरिक्ष में कचरा सबसे ज्यादा फैलाने की दो ही घटनाएं दर्ज हैं. पहली घटना है फरवरी 2009 की जब रूसी मिलिट्री सैटेलाइट कॉस्मॉस-2251 और इरिडियम टेलीकॉम्स सैटेलाइट आपस में टकरा गए थे. (फोटोःगेटी)
इसके अलावा दूसरी घटना साल 2007 जनवरी की है. तब चीन ने अपने फेंगुएन मौसम सैटेलाइट को एंटी-सैटेलाइट हथियार से निशाना बनाया था. इन दोनों घटनाओं की वजह से अंतरिक्ष में कचरा ज्यादा तेजी से फैल गया. जबकि, धरती की निचली कक्षा में ही कई और सैटेलाइट्स और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भी घूम रहे हैं लेकिन ये आपस में कभी नहीं टकराते. (फोटोःगेटी)