सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर को अगले साल फरवरी में धरती पर वापस लाया जाएगा. इन्हें लाने के लिए SpaceX के ड्रैगन क्रू कैप्सूल को भेजा जाएगा. वही स्पेसक्राफ्ट जिसने आम आदमी को धरती से 737 km ऊपर अंतरिक्ष में स्पेसवॉक करने का मौका दिया.
सुनीता को लाने वाले मिशन का नाम है- Crew-9. इसकी लॉन्चिंग 24 सितंबर 2024 को होगी. पहले इसमें चार एस्ट्रोनॉट्स जा रहे थे. अब सिर्फ दो ही जाएंगे. ताकि लौटते समय सुनीता और बुच को ला सकें. जिन दो एस्ट्रोनॉट्स को रोका गया है, उन्हें अगले मिशन के लिए असाइन कर दिया गया है.
पहले के तय प्लान में इस मिशन की कमांडर जेना कार्डमैन थीं. पायलट निक हेग, मिशन स्पेशलिस्ट स्टेफनी विल्सन और रूसी कॉस्मोनॉट मिशन स्पेशलिस्ट एलेक्जेंडर गोरबुनोव जा रहे थे. लेकिन अब इसमें सिर्फ दोनों पुरुष एस्ट्रोनॉट्स यानी रूसी एस्ट्रोनॉट और एलेक्जेंडर गोरबुनोव और पायलट निक हेग जाएंगे.
नासा ने सुनीता को लाने के लिए SpaceX के Dragon Crew Capsule को चुना है. ये कैप्सूल अपने बनने के बाद से अब तक 47 बार लॉन्च हो चुका है.ड्रैगन कैप्सूल ने 42 बार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की यात्रा की है. 26 बार रीफ्लाइट हुई है. इस कैप्सूल में एक बार में सात एस्ट्रोनॉट्स के बैठने की व्यवस्था है.
यह दुनिया का पहला निजी स्पेसक्राफ्ट है, जो लगातार स्पेस स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स और कार्गो लेकर आता-जाता रहा है. खाली कैप्सूल का वजन 7700 kg होता है. जब यह कार्गो और एस्ट्रोनॉट्स के साथ लॉन्च किया जाता है, तब इसकी अधिकतम वजन क्षमता 12,500 किलोग्राम होती है.
यह किसी ऑर्बिट में 6000 kg तक का वजन पहुंचा सकता है. स्पेस स्टेशन तक यह 3307 kg वजन पहुंचा सकता है या वापस ला सकता है. आमतौर पर इसमें 2 से 4 एस्ट्रोनॉट्स बैठते हैं. इमरजेंसी इवैक्यूएशन यानी आपातकालीन स्थिति में इसमें सात एस्ट्रोनॉट्स के बैठने की व्यवस्था की जा सकती है.
अगर यह सिर्फ अपने दम पर धरती की निचली कक्षा में उड़ान भरे तो यह 10 दिन तक अंतरिक्ष में रह सकता है. लेकिन स्पेस स्टेशन से जोड़ दिया जाए तो यह 210 दिनों तक अंतरिक्ष में रह सकता है. SpaceX ने इसके कई वैरिएंट बनाए हैं. अब तक 12 डैग्रन कैप्सूल बनाए जा चुके हैं. 6 क्रू, 3 कार्गो और 3 प्रोटोटाइप.
ड्रैगन क्रू कैप्सूल की ऊंचाई 15 फीट है. लेकिन नीचे प्रोपल्शन सिस्टम को मिलाकर इसकी ऊंचाई 26.7 फीट हो जाती है. कैप्सूल के अंदर 13 फीट का व्यास और 12 फीट की चौड़ाई है. इस समय कुल 8 ड्रैगन कैप्सूल ऑपरेशनल हैं. जिसमें से चार क्रू कैप्सूल हैं यानी एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पहुंचाने और वापस लाने के लिए.
तीन कार्गो कैप्सूल यानी सामान के लिए. एक प्रोटोटाइप. तीन कैप्सूल रिटायर हो चुके हैं, जिसमें एक क्रू था और दो प्रोटोटाइप थे. इस कैप्सूल की पहली मानवरहित उड़ान 2 मार्च 2019 में हुई थी. मानवयुक्त पहली उड़ान 20 मई 2020 को हुई थी. पहली कार्गो उड़ान 6 दिसंबर 2020 को हुई थी.