पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के लिए 12 Sukhoi Su-30MKI खरीदने की अनुमति दे दी है. इन विमानों को भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बनाता है. यह 60 फीसदी स्वदेशी है. ये विमान पूरी तरह से आधुनिक और नए जमाने की जरुरतों के मुताबिक होंगे.
ये उन 12 विमानों की जगह लेंगे, जो पिछले कई सालों में हादसों की वजह से खत्म हो गए. यह एक मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. जो हवा से जमीन और हवा से हवा में एकसाथ युद्ध लड़ सकता है. यह तेज और धीमी गति में हवा में कलाबाजियां खाते हुए दुश्मन को धोखा देते हुए उनपर हमला कर सकता है.
Sukhoi Su-30MKI रूस के Su-27 का एडवांस्ड वर्जन है. भारतीय वायुसेना के पास 272 Su-30MKI हैं. यह इकलौता ऐसा फाइटर जेट है, जिसे अलग-अलग देश अपने हिसाब से ढाल लेते हैं. या बदलाव करवाते हैं. ताकि अपने देश की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से उसकी तैनाती कर सकें. (फोटोः AFP)
भारत में Su-30MKI को HAL बनाती है. 1997 में HAL ने इसका लाइसेंस रूस से लिया था. फिर फाइटर जेट को अपने हिसाब से बदलना शुरू कर दिया. एमकेआई का मतलब होता है- Modernised Commercial Indian. सुखोई की लंबाई 72 फीट है. विंगस्पैन 48.3 फीट है. ऊंचाई 20.10 फीट है. इसका वजन 18,400 KG है. (फोटोः AFP)
इसमें लीयुल्का L-31FP आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन लगे हैं, जो उसे 123 किलोन्यूटन की ताकत देता है. यह फाइटर जेट अधिकतम 2120 किमी प्रतिघंटा की गति से उड़ता है. रेंज भी 3000 km है. बीच रास्ते में ईंधन मिले तो यह 8000 km तक जा सकता है. यह 57 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है.
Su-30MKI में 30mm की ग्रिजेव-शिपुनोव ऑटोकैनन लगी है. जो एक मिनट में 150 राउंड फायर करती है. यानी दुश्मन का विमान, ड्रोन या हेलिकॉप्टर बच नहीं सकते. इसमें 12 हार्ड प्वाइंट्स लगे हैं. इसमें 4 तरह के रॉकेट्स लगा सकते हैं. चार तरह की मिसाइल और 10 तरह के बम लग सकते हैं. या फिर इन सबका मिश्रण लगाया जा सकता है. (फोटोः गेटी)
Su-30MKI के हार्डप्वाइंट्स में हथियारों को दागने की सुविधा ज्यादा है. अगर मल्टीपल रैक्स लगाए जाएं तो इसमें 14 हथियार लगा सकते हैं. यह कुल 8130 KG वजन का हथियार उठा सकता है. इसमें ब्रह्मोस मिसाइलें भी तैनात हो सकती हैं. चीन और पाकिस्तान जानते हैं कि ब्रह्मोस मिसाइल कितनी घातक और तेज है.