पुरातत्वविदों (Archaeologists) ने चीन के पहले शासक के गुप्त मकबरे के पास 20 टेराकोट वॉरियर्स को खोजा है. अब चीन में टेराकोटा योद्धाओं (Terracotta Warriors) की संख्या बढ़ गई है. चीन में 259 से 210 ईसा पूर्व तक उसके पहले शासक किन शी हुआंग का शासन था. अब तक इसके मकबरे के आसपास 8000 टेराकोटा योद्धाओं (Terracotta Warriors) को खोजा जा चुका है. इसमें 20 एकदम नए हैं. (फोटोः गेटी)
पुरातत्वविदों को 2000 ऐसे टेराकोटा योद्धाओं (Terracotta Warriors) भी मिले हैं, जिनके पास तलवार, धनुष-तीर, भाले और तलवार भी रखे थे. हैरानी की बात ये है कि ये सारे अब तक सुरक्षित हैं. किन शी हुआंग 247 ईसा पूर्व में किन का शासक बना था. उस समय चीन में कई छोटे-छोटे साम्राज्य एकदूसरे से लड़कर बड़ा राज्य बनाने का प्रयास कर रहे थे. दशकों तक किन अपनी सेना को बढ़ाता रहा. जंग लड़ता रहा. आसपास के राज्यों में कब्जा करने के बाद 221 ईसा पूर्व में पूरे चीन का शासक बन गया. (फोटोः गेटी)
चीन के ऐतिहासिक दस्तावेजों में टेराकोटा योद्धाओं (Terracotta Warriors) के बारे में किसी प्रकार का जिक्र नहीं है. यह भी नहीं पता है कि इन्हें क्यों बनाया गया था. ऐसा माना जाता है कि ये सैनिक किन शी हुआंग का वर्चस्व दिखाने का एक तरीका थे. 210 ईसा पूर्व में किन शी हुआंग के परिवार को विद्रोहियों ने हराकर कब्जा कर लिया. जो बाद में हान साम्राज्य (Han Dynasty) कहलाई. (फोटोः गेटी)
हान साम्राज्य के लोग पहले शासक के कार्यों को दुनिया में दिखाना नहीं चाहते थे, इसलिए ऐसा माना जाता है कि किन शी हुआंग की मौत के बाद दूसरी दुनिया में उनकी रक्षा के लिए टेराकोटा योद्धाओं (Terracotta Warriors) को बनाया गया था. (फोटोः गेटी)
नए मिले टेराकोटा योद्धा (Terracotta Warriors) एक गड्ढे में दफ्न थे. इस गड्ढे में मुख्य तौर पर इन्फैन्ट्री और रथ थे. इनमें से कुछ योद्धा जनरल के रैंक के दिख रहे हैं. क्योंकि उनका ताज उसी पद के हिसाब से सजा हुआ है. इस बात की पुष्टि चीन के सरकारी मीडिया संस्थान चाइना ग्लोबल टेलिविजन नेटवर्क (CGTN) ने भी की है. (फोटोः गेटी)
कुछ टेराकोटा योद्धा (Terracotta Warriors) टूटे हुए हैं. जिन्हें ठीक करने और उनके संरक्षण के लिए इन्हें किन शी हुआंग म्यूजोलियम साइट म्यूजियम को सौंपा जाएगा. यह खबर LiveScience में प्रकाशित हुई है. इस मीडिया संस्थान ने जब इस बारे में म्यूजियम से संपर्क करने का प्रयास किया तो उधर से कोई जवाब नहीं आया. न ही वॉरियर्स के बारे में किसी तरह की पुष्टि की खबर है. (फोटोः गेटी)