कैलिफोर्निया की जोबी एविएशन ने अमेरिकी वायु सेना (US Air Force) को उनकी पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी दी है. यह एक eVTOL है. यानी ऑल इलेक्ट्रिक टेकऑफ एंड लैंडिंग एयरक्राफ्ट. यह असल में उड़ने वाली कार है. जिसकी टेस्टिंग दो साल से हो रही थी. अब पहली टैक्सी अमेरिकी वायु सेना ने हासिल की है. (सभी फोटोः एपी/जोबी एविएशन)
वायुसेना ने इसे AFWERX प्रोग्राम के तहत लिया है ताकि वो ये देख सकें कि क्या इसकी मदद से शहरी और हवाई यातायात को सुधारा जा सकता है. उनमें कोई बेहतरी लाई जा सकती है. इस काम में NASA भी मदद कर रही है. नासा के एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (AAM) मिशन के इंटीग्रेशन मैनेजर परिमल कोपरडेकर ने कहा कि यह भविष्य तय करने वाला मिशन है.
इस टैक्सी के लिए अगले साल से बेसिक ढांचों की शुरुआत करनी है. पायलट लाने होंगे. एडवांस हार्डवेयर लाने होंगे. ताकि पूरे देश में इसे चलाया जा सके. नासा इसकी टेस्टिंग कर रही है. eVTOL एयरक्राफ्ट को एयरटैक्सी के तौर पर उड़ाया जाएगा. ये शहरों के बीच और शहरों के अंदर उड़ने के लिए तैयार की गई है. इसमें लोग और सामान दोनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा सकता है.
फ्लाइट टेस्ट के दौरान NASA इस उड़ने वाली कार का परफॉर्मेंस देखेगी. ये भी जांच की जा रही है कि इसका इस्तेमाल कहां-कहां हो सकता है. मेडिकल सप्लाई. जंगल की आग बुझाने में. इमरजेंसी सर्विसेस में. साथ ही इससे मिलने वाले डेटा की बदौलत भविष्य के लिए नए विमानों और उड़ने वाली कारों की मॉडलिंग और सिमुलेशन तैयार करेगी.
इससे यह भी पता चलेगा कि फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन के नियमों में कहां और किस तरह के बदलाव करने हैं. ताकि ऐसी एयर टैक्सी सेवाओं को मान्यता दी जा सके. परिमल कोपरडेकर ने कहा कि इस राष्ट्रीय मिशन के तहत हम देश भर में भविष्य की विमानन सेवाओं की उपयोगिता की जांच कर रहे हैं.
परिमल ने कहा कि अगर यह सफल होता है तो अगले कुछ सालों में ऐसी सेवाएं पूरे देश में देखने को मिलेंगी. इसका फायदा देश और विदेश से आए लोगों को होगा. साथ एविएशन इंडस्ट्री में एक नया आंदोलन होगा. अगर नासा के फ्लाइट टेस्ट में eVTOL एयरक्राफ्ट सफल होता है तो साल 2024 के अंत तक इसे देश में नागरिक विमानन सेवाओं की शुरुआत करने की अनुमति मिल सकती है.
इससे अमेरिका में एक नई एविएशन इंडस्ट्री खड़ी हो जाएगी. लेकिन इस टेस्ट को पास करना आसान नहीं होगा, क्योंकि टेस्ट के दौरान एयरक्राफ्ट की तकनीक, उड़ान के तरीके, आवाज, प्रदूषण का स्तर, संचार की व्यवस्था, इमरजेंसी प्रणालियों समेत सैकड़ों जांच की जाएगी.
NASA की टीम ने eVTOL एयरक्राफ्ट की उड़ान परीक्षण के दौरान 50 से ज्यादा माइक्रोफोन का उपयोग करेगा, ताकि आवाज से यह पता कर सके कि इससे क्या फायदे होंगे और नुकसान होगा. जैसे ये कितना ध्वनि प्रदूषण करेगा. दूसरी तरफ जोबी एविएशन के संस्थापक और सीईओ जोबेन बीवर्ट ने कहा है कि हमें भरोसा है कि प्लेन नासा के टेस्ट में पास होगा.
जोबेन बीवर्ट ने कहा कि हमने 10 साल इस प्रोजेक्ट पर काम किया है. इसकी उड़ान भी की है. यह बेहद सफल उड़ने वाली कार है. इसे आप शहरों के बीच उड़ा सकते हैं. एक शहर से दूसरे शहर ले जा सकते हैं. इसकी मदद से कार्गो या कोरियर भी भेजा जा सकता है.
जोबेन ने कहा कि हम नासा के एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (AAM) कैंपेन से जुड़कर काफी खुश हैं. एक बात तो पक्की है कि हम जब इस टेस्ट में सफल होंगे तब पूरे देश में हमारी सेवाएं तेजी से विस्तार करेंगी. एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (AAM) कैंपेन के तहत अमेरिका में भविष्य की पैकेज डिलीवरी ड्रोन्स, एयर टैक्सी, मेडिकल ट्रांसपोर्ट व्हीकल्स जैसी सुविधाएं प्रदान करने वाला मुहिम है. इसकी मदद से अमेरिका में बहुत सारी सुविधाएं बढ़ जाएंगी. साथ ही लाखों लोगों को रोजगार भी मिलेगा.