दुनिया का सबसे बेहतरीन फाइटर जेट F-35 लापता हो गया है. इस घटना से अमेरिकी मिलिट्री को तगड़ा झटका लगा है. इसके बाद इस फाइटर जेट की जितनी भी यूनिट्स अमेरिका में हैं, सबकी उड़ानों पर फिलहाल दो दिनों के लिए रोक लगा दी गई है. (फोटोः गेटी)
इसके बाद द मरीन कॉर्प्स के एक्टिंग कमांडेंट एरिक स्मिथ ने कहा कि उड़ानों पर यह रोक इस फाइटर जेट की सभी यूनिट्स पर लगाई गई है. चाहे वह अमेरिका में हों या फिर अमेरिका से बाहर कहीं तैनात हों. यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि साउथ कैरोलिना के ज्वाइंट बेस चार्ल्सटन से टेकऑफ के बाद यह जेट लापता हुआ था. (फोटोः गेटी)
अब तक इस लापता फाइटर जेट का पता नहीं चल पाया है. सेना लगातार उसे खोज रही है. अगले दो दिनों तक सिर्फ सभी फाइटर जेट्स की सुरक्षा और तकनीकी संबंधी मामलों पर चर्चा होगी. इस बीच मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि फाइटर जेट के लापता होने से पहले पायलट ने खुद को सुरक्षित तरीके से इजेक्ट कर लिया था. (फोटोः एएफपी)
प्रवक्ता ने कहा कि अभी हम सिर्फ जानकारी जमा कर रहे हैं. सिचुएशन को समझने की कोशिश कर रहे हैं. इस घटना की बारीकी से जांच की जा रहा है. ज्वाइंट बेस चार्ल्सटन के प्रवक्ता ने कहा कि जब पायलट ने खुद को फाइटर जेट से इजेक्ट किया, तब उसने ठीक पहले उस फाइटर जेट को ऑटो-पायलट मोड में डाल दिया था. (फोटोः गेटी)
फिलहाल हमें यह नहीं पता है कि हमारा फाइटर जेट कहां है. खुशी इस बात की है हमारा पायलट सुरक्षित है. इस मामले में पेंटागन लगातार हमारे संपर्क में है. पहले फाइटर जेट का मिलना जरूरी है. इसके बाद हम इसके पायलट से बातचीत करेंगे, जो फिलहाल अस्पताल में है. पहले ये जानते हैं कि ये फाइटर जेट इतना जरूरी क्यों है? (फोटोः गेटी)
अमेरिका के लापता फाइटर जेट का पूरा नाम है F-35 लाइटनिंग 2. यह हर मौसम में उड़ान भरने वाला स्टेल्थ मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है. यह एयरसुपीरियरिटी और स्ट्राइक मिशन के लिए बनाया गया है. यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, जासूसी, सर्विलांस, रीकॉन्सेंस जैसे मिशन को भी पूरा कर सकता है. (फोटोः गेटी)
इसके तीन वैरिएंट मौजूद हैं- पहला कन्वेंशनल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (CTOL). इसे F-35A कहते हैं. दूसरा है शॉर्ट टेक-ऑफ एंड वर्टिकल लैंडिंग (STOVL). इसे F-35B कहते हैं. तीसरा है- कैरियर बेस्ड. यानी F-35C. इसे अमेरिका का लॉकहीड मार्टिन कंपनी बनाती है. (फोटोः गेटी)
इसके तीन वैरिएंट मौजूद हैं- पहला कन्वेंशनल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (CTOL). इसे F-35A कहते हैं. दूसरा है शॉर्ट टेक-ऑफ एंड वर्टिकल लैंडिंग (STOVL). इसे F-35B कहते हैं. तीसरा है- कैरियर बैस्ड. यानी F-35C. इसे अमेरिका का लॉकहीड मार्टिन कंपनी बनाती है. (फोटोः गेटी)
इसे एक ही पायलट उड़ाता है. लंबाई 51.4 फीट, विंगस्पैन 35 फीट और ऊंचाई 14.4 फीट है. अधिकतम गति 1976 KM/घंटा है. कॉम्बैट रेंज 1239 KM है. अधिकतम 50 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें 4 बैरल वाली 25 मिमी की रोटरी कैनन लगी है. जो एक मिनट में 180 गोलियां दागती है. (फोटोः आईएएफ)