अर्टेमिस-1 मिशन (Artemis-1) को लॉन्च हुए 20 दिन हो चुके हैं. जब ओरियन चंद्रमा के पीछे से 18वें दिन यानी 5 दिसंबर 2022 को निकल रहा था, तब उसे सामने अर्धचंद्राकार पृथ्वी (Crescent Earth) दिखाई दी. पीछे से सूरज की तेज रोशनी की किरणें भी दिख रही हैं.
ओरियन अब घर लौट रहा है. 11 दिसंबर 2022 को वह प्रशांत महासागर में लैंड करेगा. 5 दिसंबर 2022 को ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने जब धरती की यह तस्वीर ली, तब वह चंद्रमा की सतह के सबसे करीब यानी 130 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था. तभी उस पर लगे कैमरे ने यह तस्वीर ली.
ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने जब धरती को अर्धचंद्राकार आकृति में देखा, उससे पहले वो चंद्रमा के अंधेरे वाले हिस्से की तरफ था. उस हिस्से की तरफ जिसके बारे में इंसानों को कुछ नहीं पता. जिसकी खोज करने के लिए यह ओरियन स्पेसक्राफ्ट बनाया गया है. इसी स्पेसक्राफ्ट में बैठकर इंसान चंद्रमा पर जाएंगे.
आमतौर पर आप जब धरती के क्षितिज (Horizon) को देखते हैं, तब आपको पृथ्वी फ्लैट दिखती है. लेकिन जैसे-जैसे आप पृथ्वी से दूर जाने लगते हैं, यानी अंतरिक्ष की तरफ आपको पृथ्वी का सही आकार दिखता है. लोअर अर्थ ऑर्बिट यानी 100 से 500 किलोमीटर की ऊंचाई तक धरती आपको गोल दिखनी शुरू हो जाती है.
जैसे-जैसे आप अंतरिक्ष में दूर जाते है पृथ्वी पूर्ण गोले में बदल जाती है. चमकते हुए नीले गोले में. अब अगर आप किसी ग्रह या उपग्रह के पीछे से निकल रहे हो, जब सूर्योदय हो रहा हो, तब सूरज की रोशनी पृथ्वी को अर्धचंद्राकार स्वरूप में दिखाती है. ये नजारा ज्यादा देर नहीं दिखता. क्योंकि उसके बाद नाखून की तरह दिखने वाला हिस्सा ज्यादा रोशनी वाले बड़े हिस्से में बदल जाता है.
इस यात्रा के दौरान ओरियन स्पेस्क्राफ्ट ने चंद्रमा की कुछ बेहतरीन फोटो ली हैं. जिसमें उसकी सतह पर खूबसूरत गड्डे दिख रहे हैं. साफ-सुथरी सतह पर कुछ बारीक रेखाएं दिख रही हैं.
11 दिसंबर 2022 को लौटने के बाद ओरियन की कई तरह की जांच होगी. अगर ओरियन अपने सभी जांच मिशन में सफल होता है. तो साल 2024 में अर्टेमिस-2 मिशन (Artemis-II Mission) के तहत इसी ओरियन स्पेसक्राफ्ट से एस्ट्रोनॉट्स को चंद्रमा तक ले जाकर वापस लाया जाएगा.