ऑस्ट्रेलिया में लोग उस समय हैरान रह गए, जब समंदर से दुनिया की सबसे खतरनाक चिड़िया बाहर निकलती दिखाई दी. क्योंकि लोगों को अब तक यह नहीं पता था कि ये पक्षी समंदर में गोता भी लगा सकता है. जब यह पानी में तैर रही थी, तो पहले लोगों ने सोचा कि शार्क का फिन है. फिर लगा नहीं कछुआ है. जब यह बाहर निकली तो लोग हैरान रह गए. (फोटोः गेटी)
ऑस्ट्रेलिया के समंदर तट से बहार निकला पक्षी एक युवा कैसोवेरी (Cassowary) था. इन पक्षियों की शक्ल अगर आप नजदीक से देखेंगे तो आपके ये डायनासोर के रिश्तेदार नजर आएंगे. बहुत हद तक शुतुरमुर्ग की तरह दिखते हैं. या यूं कहे एमू की तरह. इनकी ऊंचाई ज्यादा होती है. टांगें बेहद मजबूत होती हैं. इसके पंजे बहुत ही नुकीले होते हैं. (फोटोः गेटी)
कैसोवेरी ऐसा पक्षी है जो उड़ नहीं सकता. आमतौर पर पापुआ न्यू गिनी, पश्चिमी पापुआ, अरू आइलैंड और उत्तर-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया. इस पक्षी की तीन प्रजातियां खत्म हो चुकी है. फिलहाल सबसे ज्यादा साउदर्न कैसोवेरी मौजूद हैं. ये दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची और दूसरी सबसे भारी चिड़िया है. इससे बड़े सिर्फ शुतुरमुर्ग और एमू होते हैं. (फोटोः गेटी)
कैसोवेरी आमतौर पर फल खाते हैं. लेकिन मौका पड़ने पर मछली, चूहे, छोटे जानवरों का शिकार करने में हिचकते नहीं हैं. कई बार तो छिपकली, मेंढक और सांप को भी मारकर खा जाते हैं. वयस्क नर कैसोवेरी 4.11 फीट से 5.11 फीट ऊंचे होते हैं. जबकि मादा 6.6 फीट ऊंची हो सकती हैं. वजन करीब 60 किलोग्राम तोक हो सकता है. (फोटोः गेटी)
कैसोवेरी के पंजों में तीन उंगलियां होती हैं. जिनके आगे बेहद नुकीले खंजर जैसे नाखून होते हैं. ये इन्हीं मजबूत पैरों से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं. अगर इन्होंने अपने पंजों से आपको धक्का दिया तो आप कई फीट पीछे जाकर गिर सकते हैं. या बुरी तरह से जख्मी हो सकते हैं. 4.11 फीट की ऊंचाई तक कूद सकते हैं. (फोटोः पिक्साबे)
ये बेहद अच्छे तैराक, गोताखोर होते हैं. मछली, मेंढक, समुद्री सांपों का शिकार करते समय इन्हें कतई समय नहीं लगता. तेजी से दौड़कर समुद्र में गोता लगाते हैं. शिकार को मारकर तैरते हुए किनारे की तरफ चले आते हैं. नर कैसोवेरी मादा की तुलना में कम आक्रामक होते हैं. मादा पक्षी ज्यादा खतरनाक होता है. (फोटोः पिक्साबे)
इनके बच्चों को सबसे बड़ा खतरा अजगर, जंगली सुअर, मॉनीटर लिजार्ड, बाज और कुत्तों से रहता है. क्योंकि इनके बच्चों का शिकार करने इन जानवरों के लिए आसान होता है. ये जमीन पर ही घोसला बनाकर उसमें अंडे सेते हैं. फिर वहीं पर बच्चों को पालते-पोषते हैं. यह समंदर में 200 मीटर दूर तक जाकर तैर कर शिकार कर सकता है. (फोटोः पिक्साबे)
इस समय दुनिया में सिर्फ क्वींसलैंड में 4 हजार कैसोवेरी हैं. इन्हें नेचर कंजरवेशन एक्ट 1992 में खतरे वाली लिस्ट में डाला गया है. इन पक्षियों को सबसे ज्यादा खतरा गाड़ियों की टक्कर, कुत्तों के हमले और इनके इलाके में जाने वाले इंसानों से होता है. ऑस्ट्रेलिया में लोगों को इन पक्षियों के पास जाने से रोका जाता है. (फोटोः पिक्साबे)
ये आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करतीं. लेकिन 2006 की एक स्टडी में ये बात सामने आई थी कि 221 बार कैसोवेरी ने हमला किया. जिसमें 150 बार इंसानों के खिलाफ था. इनमें से 75 फीसदी हमले उन इंसानों पर थे, जो इन्हें खाना खिलाने का प्रयास कर रहे थे. (फोटोः पिक्साबे)