अब से कोई 340 साल पहले एक शाही युद्धपोत (A royal warship) ब्रिटेन के पूर्वी तट पर डूब गया था. जहाज पर एक राजा भी सवार था. इस जहाज की खोज शोधकर्ताओं ने कई साल पहले कर ली थी. लेकिन जहाज के मलबे को नुकसान से बचाने के लिए, इस खोज को 15 साल तक गुप्त रखा गया था. शोधकर्ताओं ने अब इस जहाज का खुलासा किया है.
1682 में, इंग्लैंड के राजा जेम्स द्वितीय (King James II), जो उस समय यॉर्क के ड्यूक (Duke of York) थे, 'द ग्लॉसेस्टर' (The Gloucester) नाम के जहाज पर सवार थे. जहाज रेत के एक किनारे से टकराने के बाद, पूर्वी इंग्लैंड के तट के पास डूब गया था. जहाज के डूबने पर राजा जेम्स किसी तरह बच गए थे. तीन साल बाद, वे इंग्लैंड के राजा और स्कॉटलैंड के राजा जेम्स VII (King James VII) बने.
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया (University of East Anglia) में अर्ली मॉडर्न कल्चरल हिस्ट्री के प्रोफेसर क्लेयर जोविट (Claire Jowitt) का कहना है कि यह खोज 17वीं सदी के सामाजिक, समुद्री और राजनीतिक इतिहास की हमारी समझ को बदल सकती है.
यह जहाज, ग्रेट यारमाउथ (Great Yarmouth) के तट से लगभग 45 किमी दूर मिला था. चार साल तक खोज करने के बाद, 2007 में इसे दो गोताखोर भाइयों जूलियन और लिंकन बार्नवेल (Julian and Lincoln Barnwell) नो खोजा था. खोज से पहले तक ये जहाज सिर्फ एक रहस्य था.
जहाज के मलबे को इस वीडियो में देखा जा सकता है.
लिंकन बार्नवेल ने कहा कि समुद्र तल पर उतरते समय सबसे पहले उन्होंने सफेद रेत पर रखी एक बड़ी तोप देखी थी, जो बेहद खूबसूरत थी. जहाज के मलबे में कई ऐतिहासिक कलाकृतियां भी मिली हैं, इनमें कांच की मुहर वाली एक बोतल भी शामिल है, जिसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन के पूर्वजों से संबंधित बताया जा रहा है. अन्य कलाकृतियों में नैविगेशन के उपकरण, लोगों की व्यक्तिगत संपत्ति, कपड़े और शराब की बोतलें शामिल हैं. इनमें से कुछ सामान आज भी वैसे का वैसा ही है.
A royal warship that sank off the east coast of Britain more than 300 years ago while carrying a future king was unveiled by researchers on Friday who kept the discovery secret for 15 years to protect the wreck from damage. https://t.co/f4OblbAza7
— Reuters Science News (@ReutersScience) June 10, 2022
प्रोफेसर जोविट इसे एक शानदार 'टाइम कैप्सूल' कहते हैं. उनका कहना है कि क्योंकि जहाज इतनी जल्दी डूब गया था, जहाज से कुछ भी बचाया नहीं जा सका होगा. अनुमान है कि इस घटना में 130 से 250 लोगों की मौत हुई होगी.