भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) ने हाल ही में अपनी तीसरी पीढ़ी की मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) अमोघा-3 (Amogha-III) का सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल की खासियत ये है कि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है. कहीं से भी दुश्मन के टैंक को निशाना बनाया जा सकता है.
अमोघा-3 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल बेहद अत्याधुनिक और सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइल है. नई मिसाइल की रेंज 200 मीटर से 2500 मीटर है. इसका अटैक मोड ऊपर से या सीधे टारगेट से टकराकर उसे नष्ट कर देना हैं. इसमें जो हथियार लगा है वो 650 मिलिमीटर बेयॉन्ड एक्सप्लोसिव रिएक्टिर आर्मर (REA) को फोड़ सकता है.
इसमें ड्युअल मोड इमेजिंग इंफ्रा-रेड सीकर लगा है, यानी यह अंधेरे में भी टारगेट को पहचान कर उसे पूरी तरह से नष्ट कर देगी. इस मिसाइल में उड़ते समय आवाज और धुआं बहुत कम होता है. यानी दुश्मन को इसके आने की जानकारी जरा सी भी नहीं होती. इसकी लॉन्चिंग के समय भी बहुत आवाज नहीं होती. इसे भविष्य में एचएएल रुद्र हेलिकॉप्टर और प्रचंड अटैक हेलिकॉप्टर पर तैनात करने की योजना है.
दागो और भूल जाओ तकनीक पर करती है काम
अमोघा-3 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल की स्पीड का खुलासा इसे बनाने वाली कंपनी ने नहीं किया है. लेकिन ये दुश्मन की तरफ इंफ्रारेड इमेजिंग और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल तकनीक की मदद से बढ़ती है. इस मिसाइल पर 8 फिन्स यानी छोटे-छोटे पंख दिए गए हैं, ताकि उड़ान के समय इसे नियंत्रित किया जा सके. हालांकि यह मिसाइल दागो और भूल जाओ वाली तकनीक पर काम करती है.
वजन कम करके सटीकता बढ़ाने की है तैयारी
यह मिसाइल पूरी तरह से देश में ही बनी है. स्वदेशी तकनीक पर. इस मिसाइल का वजन कुल 18 किलोग्राम है. यह हालांकि इसे कम करके 15-16 किलोग्राम करने की प्लानिंग चल रही है. इससे पहले कि इस मिसाइल का उत्पादन तेजी से हो, कंपनी अभी कई तरह के ट्रायल्स लेगी. आखिरी ट्रायल 26 मार्च 2023 को ली गई थी. जब मिसाइल ने सारे मानकों पर खरी उतरी.
भारत की अन्य एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें
स्पाइक/स्पाइक एलआर-2
भारतीय सेना के पास स्पाइक MR और स्पाइक एलआर एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों की संख्या 400 से ज्यादा है. स्पाइक को इजरायल ने बनाया है. 9 से ज्यादा युद्धों में दागी जा चुकी है. लंबाई 3.11 फीट से 5.6 फीट तक होती है. 30 सेकेंड में लॉन्चिंग के लिए होती है तैयार. 15 सेकेंड में फिर रीलोड. फायरिंग रेंज 1.5 से 25 किलोमीटर है.
मिलन 2टी
भारतीय सेना के पास 34 हजार मिलन 2टी मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें हैं. इसे फ्रांस और भारत ने मिलकर बनाया है. इसके 5 वैरिएंट्स हैं- मिलन-1, मिलन-2, मिलन-2टी, मिलन-3 और मिलन-ईआर. वजन 16.4 किलोग्राम और लंबाई 3.11 फीट है. इसमें सिंगल या टैंडम हीट वॉरहेड लगाया जाता है. रेंज 200 मीटर से लेकर 3 KM तक है. इसे टैंक, ट्राइपॉड, कंधे पर रखकर दागा जा सकता है.
स्विर/स्नाइपर एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
भारतीय सेना के पास 25 हजार 9M119 Svir (AT-11 Sniper) एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें हैं. इसे भारत, रूस, चीन, सर्बिया और दक्षिण कोरिया की सेनाएं इस्तेमाल कर रही हैं. एक मिसाइल का वजन 16.5 से 17.2 KG है. इसमें 4.5 KG का टैंडम हॉलो चार्ज वॉरहेड लगता है. फायरिंग रेंज 4 से 5 किलोमीटर है. यह लेजर गाइडेड मिसाइल है यानी जहां लेजर पड़ेगी, वहीं ये मिसाइल जाकर बर्बादी कर देगी.
कॉन्कर्स/स्पैड्रेल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
भारत के पास रूस की बनाई ये एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल 15,140 की संख्या में मौजूद हैं. इन्हें भारतीय सेना ने बीएमपी-2 इन्फैन्ट्री वाहनों पर तैनात किया है. इसका वजन 14.6 किलोग्राम है. लॉन्चिंग पोस्ट का वजन 22.5 KG है. मिसाइल की लंबाई 45 इंच है. 2.7 KG हीट वॉरहेड लगाया जाता है. ऑपरेशनल रेंज 70 मीटर से लेकर 4 KM है.
कॉर्नेट/स्प्रिग्गन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
भारतीय सेना के पास 3000 कॉर्नेट/स्प्रिग्गन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल हैं. ये मैन पोर्टेबल हैं. यानी कंधे से दागी दा सकती हैं. एक दर्जन युद्धों में इस्तेमाल हो चुकी हैं. एक मिसाइल का वजन 27 से 64 KG तक होता है. इसमें 4.6 किलोग्राम का हीट वॉरहेड लगाया जाता है. कॉर्नेट की रेंज 100 मीटर से 5.5 किलोमीटर और कॉर्नेट-ईएम की रेंज 8 से 10 किलोमीटर है.
अटाका/स्पाइरल-2 एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
इस मिसाइल का वजन 49.5 KG होता है. लंबाई 72 इंच है. इसमें 7.4 KG का टैंडम हीट वॉरहेड लगता है. इसकी रेंज 400 मीटर से 6 KM है. यह अधिकतम 4 KM की ऊंचाई तक जा सकता है. इसे आमतौर पर मुख्य युद्धक टैंक के खिलाफ दागा जाता है. इसे हेलिकॉप्टर से भी दागा जा सकता है.
श्टर्म/स्पाइरल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल
भारतीय सेना के पास श्टर्म यानी स्पाइरल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल 800 हैं. इसे हेलिकॉप्टर, आर्मर्ड व्हीकल, टैंक के ऊपर तैनात करके फायर किया जाता है. यह 5.3 फीट लंबी होती है. इसका वजन 31.4 KG है. अधिकतम गति 1240 किलोमीटर प्रतिघंटा है. रेंज 400 मीटर से 5 किलोमीटर है. इसमें 5.3 किलोग्राम का हीट, पेनेट्रेशन वॉरहेड लगाते हैं.
ध्रुवास्त्र/हेलिना/नाग
भारत में बने ध्रुवास्त्र एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल को हेलिना भी कहते हैं. ध्रुवास्त्र मिसाइल 230 मीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से चलती है. यानी 828 किमी प्रति घंटा. ध्रुवास्त्र की रेंज 500 मीटर से लेकर 20 किलोमीटर तक है. ध्रुवास्त्र तीसरी पीढ़ी की 'दागो और भूल जाओ' टैंक रोधी मिसाइल प्रणाली है, जिसे आधुनिक हल्के हेलिकॉप्टर पर स्थापित किया गया है. ध्रुवास्त्र मिसाइल हर मौसम में हमला करने में सक्षम है. साथ ही इसे दिन या रात में भी दाग सकते हैं.