पौधों की एक फामिली है नाइटशेड या सोलानेसी (Solanaceae). इस कैटगरी में टमाटर, आलू और मिर्च आते हैं. लेकिन हाल ही में जो खोज की गई है, उससे लगता है कि वैज्ञानिकों को उन सभी चीजों पर एक बार फिर से सोचना होगा, जो उन्होंने पौधों की इस फैमिली के बारे में कहा या सुना था. हाल ही में पाए गए जीवाश्मों से पता चलता है कि इन पौधों के बारे में जितना सोचा गया था, ये उससे बहुत पहले से पृथ्वी पर रहे हैं.
पहले से का मतलब, बहुत लंबे समय से है. मिर्च के मामले में, पिछले शोध बताते हैं कि मिर्च 1.5 करोड़ साल पहले उत्तरी अमेरिका में थी, जबकि ये 5 करोड़ साल पहले भी मौजूद थी. वह इओसीन (Eocene) के समय के है, जो 5.6 से 3.4 करोड़ साल पहले का समय है. नए शोध में बताया गया है कि ऐसे जीवाश्म पाए गए हैं जिन्हें मिर्च मिर्च के रूप में तो नहीं पहचाना गया, लेकिन वह सोलानेसी फैमली से ही है.
कोलोराडो बोल्डर यूनिवर्सिटी की विकासवादी जीवविज्ञानी रोसीओ डियाना (Rocío Deanna) का कहना है कि पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ. लेकिन यह चिली पेपर से बहुत मिलती-जुलती थी. यह फैमली जितना हमने सोचा था उससे कहीं ज़्यादा पुरानी है.
एक प्राचीन मिर्च और टमाटर के दो नए पहचाने गए जीवाश्मों की उम्र की तुलना कोलंबिया और अर्जेंटीना के बाकी नाइटशेड जीवाश्मों से की गई थी. इससे ये सामने आया कि इओसीन के समय, ये पौधे उत्तर और दक्षिण अमेरिका दोनों में फैले हुए थे.
हालांकि तब हमारी दुनिया बिल्कुल अलग दिखती थी, कहीं भी बर्फ नहीं थी, समुद्र का स्तर बहुत ज़्यादा था और हवा में कार्बन डाइऑक्साइड का लेवल दोगुना था. शोधकर्ताओं का कहना है कि उस समय में मिर्च फल की तरह होती थी, जिसे हम बेरी (Berry) कह सकते हैं. इन पौधों के बीज इधर से उधर पक्षियों के माध्यम से ही गए होंगे. लेकिन नए शोध से यह सवाल उठता है कि क्या मिर्च पहले उत्तर में हुई और फिर दक्षिण में गई, या दक्षिण में होकर उत्तर में गई.
नाइटशेड फैमली आज ज्यादातर उष्ण कटिबंध में पाई जाती है, जहां का वातावरण गर्म होता है. इस शोध के नतीजे हमें इस बारे में ज़्यादा जानकारी दे सकते हैं कि ग्रह के जलवायु परिवर्तन के रूप में पौधे कैसे अनुकूलित होते हैं और जीवित रहते हैं. इस तरह के जीवाश्म बहुत दुर्लभ होते हैं, इसलिए इन दो प्राचीन बेरी को अगर वैज्ञानिक ठीक से वर्गीकृत कर लेते हैं, तो उन्हें कुछ बहुत अहम नए डेटा मिल सकते हैं.
मिर्च के रूप में पहचाने जाने वाले कोलोराडो के एक जीवाश्म को मूल रूप से 1990 के दशक में खोजा गया था, लेकिन नाइटशेड पौधों की पहचान करने के लिए ज़रूरी जानकारी के कारण ये अभी तक पहचाना नहीं जा सका था. नाइटशेड पौधों में करीब 3,000 प्रजातियां और करीब 100 अलग-अलग जेनरे आते हैं.
कोलोराडो बोल्डर यूनिवर्सिटी की विकासवादी जीवविज्ञानी स्टेसी स्मिथ का कहना है कि इन नमूने के मलने के दशकों बाद बहुत सारी खोजें हुई हैं. कौन जानता है कि इनमें से किसी भी म्यूज़ियम में और कितनी नई जीवाश्म प्रजातियां हैं? बस ज़रूरत है उन्हें पहचानने वाली की. यह शोध न्यू फाइटोलॉजिस्ट में प्रकाशित हुआ है.