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चंगेज़ खान के मकबरे का रहस्य खुला, सामूहिक कब्रगाह में मिले अवशेष

चंगेज़ खान का मकबरा अभी तक रहस्य बना हुआ था. इस मकबरे को गुप्त रखा गया था. लेकिन मंगोलिया (Mongolia) के खेंटी प्रांत में ओनोन (Onon) नदी के पास एक सामूहिक कब्रगाह मिली है. जिसकी जांच करने पर ऐसे कई सबूत मिले हैं जिनसे ये साफ पता चलता है कि ये मंगोल शासक चंगेज़ खान का मकबरा हो सकता है.

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 सामूहिक कब्रगाह में मिले 68 कंकाल (सांकेतिक तस्वीर:getty)
सामूहिक कब्रगाह में मिले 68 कंकाल (सांकेतिक तस्वीर:getty)

मंगोलिया (Mongolia) के खेंटी प्रांत (Khentii province) में ओनोन (Onon) नदी के पास सड़क बना रहे मज़दूरों को एक सामूहिक कब्रगाह के बारे में पता चला. इस कब्रगाह में मानव शरीर के दर्जनों अवशेष मिले हैं. ये सभी अवशेष बड़े पत्थर की एक संरचना पर रखे हुए थे. 

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फोरेंसिक एक्सपर्ट और पुरातत्वविदों को साइट पर बुलाया गया, जिनके मुताबिक ये 13वीं शताब्दी के मंगोलिया का शाही मकबरा है, जिसे चंगेज़ खान का मकबरा माना जा रहा है.

इंसानी कंकालों के साथ घोड़ों के अवशेष भी मिले

इस साइट पर कुल 68 कंकाल एक साथ मिले हैं. ये सभी एक कच्चे पत्थर की संरचना के ऊपर मिले हैं. बीजिंग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक टीम का मानना है कि पत्थर के ऊपर जो कंकाल मिले हैं, वे उन लोगों के हो सकते हैं जिन्होंने इन कब्रों को बनाया था. जिन्हें उस वक्त कत्ल कर दिया गया था, ताकि ये जगह गुप्त रह सके. 

इस साइट पर 12 घोड़ों के अवशेष भी मिले हैं, जिन्हें हो सकता है कि चंगेज़ खान का साथ देने के लिए उनके साथ ही दफना दिया गया हो. 

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इंसानों के साथ घोड़ों के कंकाल भी मिले (सांकेतिक तस्वीर-Getty)

16 महिलाओं के अवशेष भी पाए गए

आर्कियोलॉजी वर्ल्ड (Archaeology World) में प्रकाशित खबर के मुताबिक, मकबरे से मिली सामग्री बिखरी हुई थी और काफी खराब हालत में थी. ऐसा इसलिए क्योंकि साइट सैकड़ों सालों तक नदी के तल के नीचे थी, जब तक कि 18वीं शताब्दी में ओनोन नदी का मार्ग बदल नहीं गया. सैकड़ों सोने और चांदी की कलाकृतियों और हजारों सिक्कों के साथ एक लंबी कद-काठी के पुरुष और सोलह महिलाओं के कंकालों की पहचान भी की गई है.

माना जा रहा है कि ये महिलाएं इस सरदार की पत्नियां और रखैलें थीं. इन्हें भी मार दिया गया था, ताकि वे दूसरे जीवन में भी सरदार का साथ दे सकें. खजाने की मात्रा, जानवरों और लोगों की संख्या को देखते हुए पुरातत्वविद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि ये साइट वास्तव में किसी शक्तिशाली मंगोल सरदार की साइट थी.

साइट की भव्यता इस तरफ इशारा कर रही है

यहां टेस्ट और विश्लेषण किए गए, जिसके बाद यह पता लगा कि ये व्यक्ति 1215 और 1235 ईस्वी में रहा होगा और इसकी उम्र 60 से 75 साल के बीच थी. उम्र, समय, जगह और साइट की भव्यता से इस बात की पुष्टि हो जाती है कि यह मकबरा वास्तव में चंगेज़ खान का है.

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 चंगेज़ खान का मकबरा हमेशा से रहस्य बना हुआ था (Photo: Getty)

दुनिया के 22 फीसदी इलाके पर किया था कब्जा

चंगेज़ खान का जो ऐतिहासिक महत्व रहा है, वह इस नई खोज को पुरातत्व के इतिहास की सबसे अहम खोज बनाता है. मंगोल शासक चंगेज़ खान का जन्म 1162 में हुआ था. 13वीं सदी में चंगेज़ खान ने ही मंगोल साम्राज्य की नींव रखी थी. चंगेज़ खान को ऐसी शख्सियत के तौर पर जाना जाता है जिसने अपनी तलवार के दम पर समूचे एशिया को जीत लिया था. उसने अपने जीवन में 3.1 करोड़ वर्ग किलोमीटर से ज्यादा भूमि पर जीत हासिल की थी. यानी पूरी दुनिया के 22 फीसदी इलाके पर उसका कब्जा था. 1227 में उसकी मृत्यु हो गई थी.

200 में से हर 1 व्यक्ति चंगेज़ खान का वंशज

चंगेज़ खान के वंशजों की संख्या भी अविश्वसनीय है, क्योंकि कुछ आनुवंशिक अध्ययनों से पता चला है कि आज हर 200 में से 1 व्यक्ति का प्रत्यक्ष पूर्वज चंगेज़ खान हो सकता है. अकेले मंगोलिया में, देश के 20 लाख लोगों में से 2 लाख लोग चंगेज़ खान के वंशज हो सकते हैं.

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