नेपाल में भूकंप आता है तो भारत की धरती भी कांपती है. वजह पड़ोस में मौजूद हिमालयी देश है और एशियन टेक्टोनिक प्लेट में हुई हलचल. 8 नवंबर की देर रात करीब 1:57 बजे आए भूकंप की तीव्रता 6.3 थी. गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे. इसका केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 90 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की तरफ नेपाल में था. अब तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर तो नहीं आई है लेकिन जिस तरह से जमीन हिली, उससे लोगों की रात की नींद उड़ गई.
नेपाल में इस साल कुल मिलाकर 28 भूकंप आए हैं. जिनमें यह भूकंप रिक्टर पैमाने पर सबसे ज्यादा तीव्र था. आपको बताते हैं कि नेपाल में इस साल कितनी तीव्रता के कितने भूकंप आए. छोटे-मोटे भूकंप तो आते रहते हैं. उनसे घबराने की जरुरत भी नहीं होती. क्योंकि धरती के टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल, टकराहट और घर्षण से बनने वाला प्रेशर इन छोटे-मोटे भूकंपों के जरिए निकलता रहता है. लेकिन प्रेशर कई दिनों या महीनों तक बनता रहे तो बड़े भूकंप की आशंका होती है. जैसे इस बार आए भूकंप की तीव्रता थी.
नेपाल में इस साल सबसे कम तीव्रता का भूंकप 2.3 का था. यह 25 जून 2022 को आया था. इसके बाद 2.6 तीव्रता का भूकंप 26 अगस्त 2022 को आया था. अब इसके बाद रिक्टर पैमाने पर 3 से 4 की तीव्रता के बीच आए 12 भूकंप आए. ये सभी अलग-अलग महीनों में आए. इनमें से पांच भूकंपों का केंद्र चीन के शिजांग इलाके में था. लेकिन काठमांडू से बहुत दूर नहीं है. इसलिए नेपाल में इसका असर महसूस हुआ लेकिन बेहद हल्का.
Nepal | An earthquake of magnitude 6.3 occurred in Nepal, Manipur at around 1.57 am on Nov 9. The depth of the earthquake was 10 km below the ground: National Center for Seismology
Strong tremors from the earthquake were also felt in Delhi pic.twitter.com/YNMRQiPEud— ANI (@ANI) November 8, 2022
4 से 5 तीव्रता के बीच 11 भूकंप आए. लेकिन इनसे भी घबराने की कोई जरुरत नहीं थी. इससे पहले जो भूकंप डराने वाली तीव्रता के साथ आया था, वह 31 जुलाई 2022 को आया. जिसका केंद्र काठमांडू से 147 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में था. इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी. फिर 5.1 तीव्रता का भूकंप 19 अक्टूबर 2022 को आया. काठमांडू से 53 किलोमीटर पूर्व में इसका केंद्र था. गहराई वही 10 किलोमीटर थी. यानी 5 से 6 तीव्रता के बीच 2 बड़े भूकंप आए.
अब जो भूकंप आया है, वो नेपाल में इस साल आया सबसे ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप है. नेपाल, चीन समेत आसपास के कई देशों को एशियन टेक्टोनिक प्लेट और इंडियन प्लेट के ऊपर मापा जाता है. इसलिए इन इलाकों में आए भूकंपों को इंडियन रीजन के भूकंपों से जाना जाता है. इससे पहले नेपाल में 12 अप्रैल 2015 और 12 मई 2015 को 7.8 और 7.3 तीव्रता के भयानक भूकंप आए थे. जिसकी वजह से 9 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. 25 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हो गए थे.