ऑस्ट्रेलियन तैरान जेसिका स्मिथ का बचपन से ही प्रोस्थेटिक्स (Prosthetics) हाथ के साथ संबंध सही नहीं रहा. वो हमेशा परेशान होती रहीं. साल 2004 की एथेंस पैरालम्पियन बिना बाएं हाथ के पैदा हुई थीं. लेकिन घर वालों ने प्रोस्थेटिक हाथ लगवाए. लेकिन इस हाथ पर मानसिक नियंत्रण नहीं होने की वजह से इससे हादसे हो जाते थे. जेसिका के प्रोस्थेटिक हाथ से गर्म दूध गिरने से वो 15 फीसदी जल भी चुकी थीं. फिर उनकी इस समस्या को एक ब्रिटिश कंपनी ने बतौर चुनौती लिया.
उत्तरी इंग्लैंड के लीड्स में मौजूद ब्रिटिश कंपनी Covvi ने जेसिका स्मिथ को एप्रोच किया. कंपनी ने एक बायोनिक हाथ (Bionic Hand) बनाया था. जो कहीं से भी अपडेट किया जा सकता था. यानी आपकी जरुरत के हिसाब से उसे नया काम सिखाया जा सकता है. 37 वर्षीय जेसिका को इस साल अप्रैल में यह नया बायोनिक हाथ लगाया गया. इस हाथ को लेकर भावनात्मक रूप से परेशान रहीं जेसिका ने इस बायोनिक हाथ का चैलेंज स्वीकार किया.
बायोनिक हाथ (Bionic Hand) कंधे के पास से मांसपेशियों में पैदा होने वाली इलेक्ट्रिकल तरंगों की गणना के आधार पर हाथ के ऊपरी हिस्से मोटर्स को चलाती है. जिससे हाथ वो काम करता है, जो आप मन में सोच रहे होते हैं. जैसे- ग्लास पकड़ना, दरवाजे खोलना या अंडों को संभालकर पकड़ना. यानी जितनी ऊर्जा आपने अपने मन में सोची, बायोनिक हाथ उतनी ही ऊर्जा उस काम के लिए लगाएगा.
Covvi को साइमन पोलार्ड ने पांच साल पहले स्थापित किया था. उन्होंने इन हाथों में ब्लूटूथ डिवाइस जोड़ा ताकि दूर से इसे अपडेट किया जा सके. साइमन ने कहा कि हम चाहते थे कि हमारी कंपनी का हर बायोनिक हाथ अपने शरीर यानी कस्टमर के मन मुताबिक काम करे. उसे हम कहीं से भी अपडेट कर सकें. आज हमारे पास पूरी दुनिया में 27 डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं. ये ऑस्ट्रेलिया, चीन और अमेरिका में भी हैं.
जेसिका स्मिथ जो अब एक स्पीकर और बच्चों के लिए लिखने वाली लेखक हैं, उन्होंने कहा कि Covvi अब उनके लिए अलग तरह के मूवमेंट बना रहा है. मेरे पास हमेशा बच्चे रहते हैं. कुछ बेहद सौम्य तरीके से बात करते हैं. कुछ नहीं करते. लेकिन सब ये जरूर कहते हैं कि आपके हाथ का मूवमेंट ऐसा होना चाहिए. मैंने उसी समय Covvi को रिक्वेस्ट भेजी और मुझे पता था कि वो पर्टिकुलर मूवमेंट मुझे अगले दो-तीन घंटे में मिल जाएगा.
Australian swimmer Jessica Smith has had an uneasy relationship with prosthetics since a childhood accident, but her convictions are being challenged by a British bionic hand that can be updated remotely anywhere in the world. https://t.co/4eXEiLdnQl
— Reuters Science News (@ReutersScience) August 16, 2022
जेसिका ने बताया कि इस हाथ से न सिर्फ मेरा जीवन बदला है, बल्कि मेरे तीन बच्चों का भी. मेरे बच्चे समझते हैं कि मैं आधा रोबोट और आधा इंसान हूं. बायोनिक हाथ (Bionic Hand) से मेरा सम्मान बढ़ा है. यह दिखने में भी खूबसूरत और आधुनिक लगता है. अब मैं अपने हाथ छिपाती नहीं हूं. उसे आराम से खुले में लेकर चलती हूं.