scorecardresearch
 

रोम के कोलोसियम के नीचे मिली जानवरों की हड्डियां, शेर के कंकाल के साथ कुत्तों के अवशेष भी मिले

रोम के विश्व प्रसिद्ध कोलोसियम के नीचे सीवर हैं. यहां एक प्रोजेक्ट के तहत खुदाई की गई. इस खुदाई में पुरातत्वविदों को बहुत सी अनोखी चीजें मिली हैं. टीम को जानवरों के अवशेष मिले हैं, जिनमें भालू, शेर, तेंदुए, कुत्ते, यहां तक कि डैकहुंड कुत्ते की हड्डियां भी मिली हैं. 

Advertisement
X
2000 साल पहले कोलोसियम एक विशाल एम्फीथिएटर था (Photo: Getty)
2000 साल पहले कोलोसियम एक विशाल एम्फीथिएटर था (Photo: Getty)

रोम के कोलोसियम (Rome’s Colosseum) के नीचे गहरे नालों में, पुरातत्वविदों ने ग्लेडियेटर्स (Gladiators) के अवशेष खोजे हैं. इन अवशेषों में उन्हें भालू की हड्डियां और शेरों के कंकाल के साथ-साथ, वीनर कुत्तों (Wiener dogs) के प्राचीन अवशेष भी मिले हैं.

Advertisement

विश्व प्रसिद्ध कोलोसियम के नीचे गंदे सीवर और सुरंगों का पता लगाने के लिए एक नए प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. ये खोज इसी प्रोजेक्ट के तहत की गई है. यह कोलोसियम असल में एक विशाल एम्फीथिएटर था, जो लगभग 2,000 साल पहले, हजारों रोमन लोगों का मनोरंजन किया करता था. 

Rome’s Colosseum
कोलोसियम के नीचे सीवर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एक नए प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है​​​​​​  (Photo: Getty)

आर्किएलॉजिकल पार्क ऑफ द कोलोसियम के मुताबिक, पुरातत्वविदों ने यहां कई खोजें की हैं. इन्हीं खोजों में पुरातत्वविदों की टीम को जानवरों, भालू, शेर, तेंदुए, कुत्ते, यहां तक कि डैकहुंड (Dachshunds) की हड्डियां मिली हैं. 

रोमन एम्फ़िथिएटर्स में जानवरों का खूनी खेल लोगों के लिए सामान्य मनोरंजन हुआ करता था. शेर, लकड़बग्घे, तेंदुए, हाथी, शुतुरमुर्ग, और हिप्पो को अफ्रीका से लाया जाता था और ग्लेडियेटर्स के सामने खड़ा किया जाता था. ग्लेडियेटर्स इनसे दो-दो हाथ करते थे, हथियारों से लड़ते थे और इनका शिकार करते थे. यहां दुर्लभ जानवरों का भी प्रदर्शिन किया जाता था और अन्य प्रजातियों के खिलाफ लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. 

Advertisement
Rome’s Colosseum sewer
कोलोसियम के नीचे दबी करीब 230 फीट लंबी नालियों और सीवरों की ट्रॉलिंग की गई (Photo: ParcoColosseo/Twitter)

यह साफ नहीं है कि डैकहुंड या सॉसेज कुत्तों (Sausage dogs) का यहां क्या रोल था. लेकिन उनकी हड्डियों से पता चलता है कि ग्लेडिएटर के तौर पर उनका करियर बहुत सफल नहीं रहा होगा. इस बात की सबसे ज्यादा संभावना है कि कोलोसियम के अंदर इन छोटे कुत्तों को 'शिकार' का प्रदर्शन करने के लिए इस्तेमाल किया जाता होगा.

इस खुदाई का मकसद प्राचीन सीवरों को बेहतर ढंग से समझना था. यह स्टडी जनवरी 2021 में शुरू हुई और इसमें कोलोसियम के नीचे दबी करीब 230 फीट लंबी नालियों और सीवरों की ट्रॉलिंग शामिल थी. इस प्रोजेक्ट की हेड मार्टिना अलमोंटे (Martina Almonte) का कहना है कि जांच में दक्षिणी मैनिफोल्ड शामिल था, जिसका इस्तेमाल 523 सीई के बाद से रुक गया था. तब कोलोसियम में एम्फीथिएटर का काम भी बंद कर दिया गया. इसके बाद इसका कॉन्डोमिनियम, किले, अस्पताल और यहां तक ​​कि एक मिल के रूप में भी इस्तेमाल किया गया.

 

इस खोज में पुरातत्वविदों को और भी बहुत कुछ मिला. उन्हें रोमन काल के अंत के 50 कांसे के सिक्के और 171 सीई के आसपास के चांदी के सिक्के भी मिले. हो सकता है कि इन सिक्कों को भीड़ ने एम्फीथिएटर में फेंका हो, और ग्लेडियेटर्स व मारे गए जानवरों के खून के साथ वे सीवर में बह गए हों. इसके साथ ही, अंजीर, अंगूर, और खरबूजे जैसे फलों के बीजों के साथ-साथ जैतून और नट्स के सबूत भी मिले. शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि दर्शकों ने वहां ये खाकर फेंके होंगे. 

Advertisement

 

Advertisement
Advertisement