कैटरपिलर को लकवाग्रस्त करने वाला और उसे मारने वाला एक जॉम्बी फंगस इंसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. एक नई स्टडी के मुताबिक इसका इस्तेमाल कई प्रकार के कैंसर रोकने और ठीक करने में हो सकता है. असल में एक जॉम्बी फंगस होता है, जिसका नाम है कॉर्डीसेप्स (Codryceps).
कॉर्डीसेप्स कैटरपिलर को संक्रमित करने के बाद पहले उसे पैरालाइज करता है. इसके बाद उसे मार डालता है. मरने से पहले उसके शरीर से सारे जरूरी पोषक तत्वों को खींच लेता है. इस दौरान कीड़ों के व्यवहार में बदलाव आता है. अंत में वह कीड़ा या कैटरपिलर मारा जाता है. इस दौरान एक केमिकल निकलता है जिसे कहते हैं कॉर्डीसेपिन (Cordycepin).
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खास तरह का केमिकल होता है रिलीज
जब वैज्ञानिकों ने कॉर्डीसेपिन की स्टडी की. उसके जीन एक्सप्रेशन, सेल सिग्नलिंग और प्रोटीन प्रोड्क्शन की जांच-पड़ताल की. तब पता चला कि आखिरकार यह केमिकल क्या-क्या करता है. कैसे करता है. आरएनए बायोलॉजिस्ट कॉर्नेलिया डे मूर ने कहा कि हमने हजारों जीन्स की स्टडी के बाद पता किया कि ये केमिकल क्या करता है. इससे वैज्ञानिकों ने कॉर्डीसेपिन ट्राईफॉस्पेट नाम का एक्टिव कंपाउंड बनाया.
सेहतमंद कोशिकाओं को बचाता है कैंसर से
यह एक्टिव कंपाउंड कोशिकाओं की गतिविधियों को बढ़ा देता है. उन्हें ज्यादा ताकतवर और सक्रिय बनाता है. यह केमिकल कोशिकाओं की इतनी ताकत देता है कि वो कैंसर से ग्रसित कोशिकाओं से आने वाले सिग्नल को रोक देती हैं. इससे कैंसर एक कोशिका से दूसरी कोशिका में फैल नहीं पाता. यानी कैंसर की कोशिका पनप नहीं पाती.
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भविष्य में बन सकती है इससे कैंसर की दवा
एक बात तो इससे क्लियर हो चुकी है कि इस जॉम्बी फंगस से निकलने वाला रसायन कई तरह के कैंसर को रोकने में कामयाब होगा. लेकिन अभी यह पता लगाना बाकी है कि यह केमिकल किस तरह से काम करता है. हालांकि इस केमिकल से कैंसर की नई दवाएं बनाई जा सकती हैं. जिससे सेहतमंद कोशिकाओं को बेहद कम नुकसान पहुंचाए कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है.