scorecardresearch
 

क्या चांद पर भी कब्जा करना चाहता है चीन? मून का डिटेल मैप तैयार

China ने चंद्रमा का सबसे डिटेल नक्शा बना लिया है. इसमें हर छोटे-बड़े गड्ढे की डिटेल दी गई है. गड्ढों के उम्र के हिसाब से उन्हें अलग-अलग रंगों में बांटा गया है. इतना डिटेल नक्शा या एटलस अभी तक किसी देश ने नहीं बनाया था. चीन ने पूरी दुनिया के सामने इस नक्शे को जारी करके वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है.

Advertisement
X
ये है चांद का सबसे डिटेल नक्शा, जिसे चीन के वैज्ञानिकों ने 12 साल की मेहनत से बनाया है. (सभी फोटोः CAS)
ये है चांद का सबसे डिटेल नक्शा, जिसे चीन के वैज्ञानिकों ने 12 साल की मेहनत से बनाया है. (सभी फोटोः CAS)

चीन ने चंद्रमा का सबसे डिटेल एटलस बना लिया है. आम भाषा में कहें तो नक्शा. यह भौगोलिक एटलस है, जिसमें चांद की सतह पर मौजूद हर चीज बेहद बारीकी से दिखाई गई है. इस एटलस में चांद की सतह पर मौजूद सभी इम्पैक्ट क्रेटर्स को दिखाया गया है. यानी वो गड्ढे जो उल्कापिंडों के टकराने की वजह से बनते हैं. 

Advertisement

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ जियोकेमिस्ट्री के सीनियर रिसर्चर लियु जियानझॉन्ग ने बताया कि जब आप इस नक्शे को देखते हैं, तो आपको यहां मौजूद गड्ढे अपनी ओर खींचते हैं. ये सवाल पैदा करते हैं. ये छोटे-छोटे गड्ढे इम्पैक्ट क्रेटर्स हैं. जो उल्कापिंडों के टकराने की वजह से चांद पर बने हैं. लगातार बनते रहते हैं. 

यह भी पढ़ें: चीन ने समंदर में उतारा सुपरकैरियर युद्धपोत, अमेरिका को छोड़ दुनिया में किसी देश के पास नहीं ऐसी ताकत

World's Most Detailed Map of Moon, Atlas, China

लियु ने बताया कि इस नक्शे में हर एक गड्ढा कवर किया गया है. इसमें सबसे बड़ा इम्पैक्ट क्रेटर तो पूरा का पूरा बेसिन है. जिसे इम्पैक्ट बेसिन कहते हैं. इसका व्यास 200 किलोमीटर है. हर गड्ढे को उसकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग रंगों में बांटा गया है. इसमें बैंगनी रंग वाले गड्ढे सबसे पुराने इम्पैक्ट क्रेटर्स हैं. 

Advertisement

2012 से तैयार किया जा रहा था एटलस

चीन के वैज्ञानिकों और कार्टोग्राफर्स यानी वो लोग जो सैटेलाइट इमेज से नक्शे बनाते हैं, इन लोगों ने 2012 में इस नक्शे और एटलस को बनाना शुरू किया था. चीन के चांगई-1 और चांगई-2 की वजह से कई तस्वीरें मिलीं. इसके अलावा इनके ऑर्बिटर लगातार चांद की फोटो लेते रहते हैं. 2013 और 2019 में चांगई-3 और 4 भेजे गए. 

यह भी पढ़ें: World's Deepest Hole: मिल गया दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा, पाताल से सीधा कनेक्शन... अंदर गुफाओं और सुरंगों का जाल

World's Most Detailed Map of Moon, Atlas, China

चांगई लूनर मिशन से मिली कई जानकारी

चारों लूनर मिशन से चीन को चांद का हर एंगल से फोटो मिला. जिन्हें मिलाकर यह विशालकाय और सबसे डिटेल नक्शा बनाया गया है. चांगई-5 ने तो चांद के नीयर साइड यानी वो हिस्सा जो हमें दिखता है, वहां से 2020 में सैंपल भी जमा किया था. ये सैंपल अब पृथ्वी पर लौट आया है. वैज्ञानिक इनकी अलग से स्टडी कर रहे हैं. 

इस साल चीन भेजेगा चांगई-6 लूनर मिशन

चीन अब इस समय तैयारी में है कि वह इस साल मई में चांगई-6 लूनर मिशन भेजेगा. यह भी सैंपल रिटर्न मिशन होगा. चीन के प्रसिद्ध लूनर साइंटिस्ट ओयुयांग जियुआन कहते हैं कि चंद्रमा का यह एटलस चांद की हर जानकारी देता है. मानव इतिहास में चंद्रमा का इतना डिटेल नक्शा कभी नहीं बना. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: सुनामी, फ्लैश फ्लड, तूफान... हर आपदा से दुनिया को बचाएगा NISAR, श्रीहरिकोटा से होगा लॉन्च... देखिए Video

World's Most Detailed Map of Moon, Atlas, China

6 साल में चांद पर रिसर्च स्टेशन बनाएगा चीन

चीन का प्लान है कि वह चांद पर 2030 तक इंटरनेशनल लूनर रिसर्च स्टेशन (ILRS) बनाएगा. वह अपने एस्ट्रोनॉट्स को 2030 तक चांद की सतह पर उतारने की तैयारी कर रहा है. दुनिया भर में यह रेस चल रही है कि चंद्रमा पर कौन सा देश पहले पहुंचेगा. अमेरिका भी इस रेस में लगा है.

Live TV

Advertisement
Advertisement