
आपने जुड़वां भाई-बहनों को तो देखा होगा लेकिन सोचिए कोई ऐसी जगह भी है जहां चारों ओर जुड़वां लोग ही दिखें. आप किसी घर में घुसें, वहां एक शख्स मिले, और थोड़ी दूर फिर आपको सेम का सेम वैसा ही इंसान दिख जाए. एक पार्क में आप घूमने जाएं और वहां आपको एक जैसे दिखने वाले दो-दो लोग और भी कई जोड़ियां एक जैसी दिखें. आप किसी स्टोर में जाएं और वहां एक जैसे लोग ही चारों ओर घूमते दिखें. फिर सोचिए आपके लिए कितना कंफ्यूजन ही कंफ्यूजन होगा.
हम बात कर रहे हैं City of twins की जो दुनिया भर में जुड़वां लोगों की आबादी के लिए मशहूर है. ये शहर है नाइजीरिया का Igbo-Ora शहर. यहां की आबादी 2 लाख 78 हजार है. लेकिन यहां जुड़वां बच्चों के जन्म की दर इतनी ज्यादा है कि इसे दुनिया का ट्विन कैपिटल कहा जाता है. यहां हर 1000 जन्म में 158 पैदाइशें जुड़वां लोगों की होती हैं. अगर यूरोप और अमेरिका से जुड़वां जन्म दर की तुलना की जाए तो ये काफी ज्यादा है. यूरोप में हर 1000 जन्म पर 16 और अमेरिका में 33 जन्म जुड़वां लोगों की होती है.
अलग ही नजारा होता है यहां की सड़कों पर
ट्विन्स का शहर Igbo-Ora लागोस से 80 किलोमीटर दूर स्थित है. यहां अधिकांश किसान और छोटे-छोटे कारोबारियों के परिवार रहते हैं. इस शहर में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो जहां जुड़वां लोग न रहते हैं. यहां की सड़कों पर चलते समय आपको लगेगा जैसे आपकी आंखें हर चीज दो-दो देखती हैं. आप कंफ्यूज होकर आंखों के डॉक्टर के यहां भी चले जाएं तो हैरानी नहीं होगी.
क्या है इसका रहस्य?
एक अनुमान के मुताबिक दुनिया की आबादी का लगभग 1.9% हिस्सा जुड़वां बच्चों का है. लेकिन Igbo-Ora में तो हर परिवार जुड़वां लोगों से भरा है. स्टडी ये बताती हैं कि इस इलाके की औरतों के खान-पान की आदतों के कारण यहां जुड़वां बच्चों का जन्म इतना ज्यादा होता है.
लागोस यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार यहां की औरतों के शरीर में पाया जाने वाला एक खास केमिकल इसका कारण है जो यहां मिलने वाले फलों के छिलके में पाया जाता है. यहां के गायनाकोलॉजिस्ट का मानना है कि yams cassava और yam tubers यहां की औरतों के खान-पान का एक अहम हिस्सा है. जिससे शरीर में एक खास तरह का केमिकल या हार्मोन डेवलप होता है और वह गर्मधारण के दौरान गर्भाशय में दो अंडों के निषेचन का कारण बनता है जिससे जुड़वां बच्चों का जन्म होता है.
हालांकि, स्थानीय लोग यहां पर पिये जाने वाले okra leaf or Ilasa soup नामक सूप को इसका कारण मानते हैं. हालांकि, इन खाए जाने वाले फलों या सूप का जुड़वां लोगों के जन्म से कनेक्शन को वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध करने का कोई प्रूफ अब तक नहीं रखा जा सका है.
हर साल होता है यहां Twins Festival
जुड़वां लोगों की आबादी यहां इतनी ज्यादा है कि हर साल यहां ट्विन्स फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है. जिसमें 1000 से भी अधिक जुड़वां जोड़ियां शामिल होती हैं. इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए फ्रांस और आसपास के देशों से भी लोग यहां आते हैं खास कर जुड़वा लोग.
दुनिया के कई इलाके ऐसे
Igbo-Ora की तरह ही दुनिया के कई और इलाके भी जुड़वां लोगों के ज्यादा जन्मने को लेकर मशहूर हैं. जिसमें ब्राजील का कैंडिडो गोडोई, मिस्र का अबु अटवा, यूक्रेन का वेलिकाया कोपान्या शामिल है. इसी तरह भारत में केरल का एक गांव है कोदिन्ही भी है जिसे जुड़वां लोगों का गांव कहा जाता है.
केरल का एक गांव भी बना हुआ है रहस्य
भारत में ट्विन विलेज के नाम से मशहूर है कोदिन्ही गांव. यह केरल के मलप्पुरम जिले में है. यह लगभग 2,000 परिवारों का घर है. यहां 400 जुड़वां भाई-बहन हैं. यानी 20 फीसदी आबादी जुड़वा लोगों की है. जबकि भारत में राष्ट्रीय औसत जुड़वां लोगों का हर 1000 जन्म पर सिर्फ 9 लोगों का है. जबकि कोदिन्ही में हर 1000 जन्म पर 45 का औसत है.
CSIR और साइंटिफिक लैब समेत कई संगठनों की टीमों ने दिल्ली-हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों से इस गांव का दौरा किया ये जानने और स्टडी करने के लिए कि आखिर यहां इतनी बड़ी संख्या में जुड़वां लोगों के जन्म का कारण क्या है? यहां के लोगों के डीएनए, बालों और सलाइवा के सैंपल भी लिए गए. एक्सपर्ट मानते हैं कि जेनेटिक कारणों के अलावा यहां की हवा-पानी और मिट्टी में कुछ न कुछ ऐसा है जो जुड़वां लोगों के इतनी संख्या में जन्म का कारण है.
twins, triplets, quadruplets...
न केवल twins बल्कि दुनियाभर में triplets यानी एक साथ तीन बच्चों का जन्म या quadruplets यानी एक साथ चार बच्चों का या इससे भी अधिक बच्चों के एक साथ जन्म के मामले भी काफी दर्ज होते हैं. आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में हर 8100 जन्म में से एक triplets का जन्म होता है. इसी तरह एक साथ चार बच्चों, पांच बच्चों, छह बच्चों, सात बच्चों, आठ बच्चों और यहां तक कि नौ बच्चों तक के एक साथ जन्म के मामले भी दुनिया में देखे गए हैं.
एक साथ 6 और 9 बच्चों का भी हुआ जन्म
ब्रिटेन के लिवरपूल में 1983 में जन्मीं Sextuplets यानी 6 बहनें पहली सर्वाइविंग फीमेल Sextuplets थीं. मई 2021 में माली में एक महिला ने एक साथ 9 बच्चों को जन्म दिया. उन सबका स्वास्थ्य भी ठीक पाया गया. एक साथ 9 बच्चे पैदा करने की वजह से हलीमा नाम की 26 साल की ये महिला दुनिया भर में फेमस हो गई.
दुनिया के इतिहास में सिर्फ 3 बार ऐसी घटनाएं दर्ज हुई हैं जब किसी महिला ने एक साथ 9 बच्चों को (nonuplets) जन्म दिया हो. इनमें से दो पहले मामलों में बच्चों की जान नहीं बच सकी. लेकिन हलीमा नाम की माली की महिला ने 4 मई 2021 को 9 बच्चों को जन्म दिया. एक साल बाद इस कपल ने अपने स्वस्थ बच्चों का पहला जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया. पूरी दुनिया इस कपल को हैरानी से देख रही थी.
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट बताती है कि पिछले दशकों की तुलना में जुड़वा बच्चे के जन्म लेने की दर हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ी है. आज के वक्त में हर साल दुनियाभर में 16 लाख जुड़वा लोग पैदा होते हैं. यह स्टडी ये भी बताती है कि अफ्रीका में जुड़वा लोगों की जन्म दर सबसे ज्यादा है जबकि एशिया में सबसे कम.
जुड़वां बच्चे क्यों होते हैं?
एक ही गर्भावस्था के दौरान पैदा होने वाली दो संतानों को जुड़वां कहते हैं. जुड़वा बच्चे दो लड़के या दो लड़कियां, या एक लड़का और एक लड़की कोई भी जोड़ी हो सकती है. इसका मतलब एक ही गर्भ से जन्मे उन बच्चों से होता है जो वैज्ञानिक भाषा में एकयुग्मनज होते हैं यानी वे एक ही युग्मनज से पनपे हैं जो विभाजित होता है और दो भ्रूणों का रूप ले लेता है. ये अधिकांश देखने में एक जैसे ही होते हैं. हालांकि कई बार शारीरिक रूप-रंग में जुड़वा बच्चे अलग-अलग भी होते हैं. अधिकांश मामलों में अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाओं में जुड़वां बच्चों के पैदा होने के चांस ज्यादा होते हैं.