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Shraddha Murder Case: क्या है DNA एनालिसिस? हड्डियों से डीएनए लेकर श्रद्धा के पैरेंट्स का सैंपल मिलाया जाएगा

श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में पुलिस को जंगल से हड्डियां मिली हैं. आफताब का कहना है कि ये श्रद्धा की हड्डियां हैं. अब इनका डीएनए एनालिसिस होगा. श्रद्धा के माता-पिता का डीएनए सैंपल लिया गया है. उसे हड्डियों की डीएनए के साथ मिलाया जाएगा. इससे पता चलेगा कि हड्डियां श्रद्धा की ही हैं या नहीं. जानिए क्या है DNA Analysis?

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जंगल में मिली हड्डियों से मिलाए जाएंगे श्रद्धा वॉल्कर के माता-पिता के डीएनए सैंपल.
जंगल में मिली हड्डियों से मिलाए जाएंगे श्रद्धा वॉल्कर के माता-पिता के डीएनए सैंपल.

किसी भी क्राइम सीन पर... चाहे वह हत्या हो. चोरी हो. रेप हो या कुछ और. अपराधी और पीड़ित का डीएनए किसी न किसी रूप में छूट जाता है. आफताब ने श्रद्धा को मारकर उसके शरीर के कई टुकड़े कर दिए. उन्हें फ्रिज में रखा. फिर धीरे-धीरे जंगल में फेंकता रहा. अपने घर को तो केमिकल से साफ कर दिया, ताकि डीएनए सैंपल खत्म हो जाएं. लेकिन जंगल में जहां वह टुकड़े फेंक रहा था, अब वहां से उसकी निशानदेही पर हड्डियां मिली हैं. 

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अब पुलिस इन हड्डियों का डीएनए एनालिसिस (DNA Analysis) कराएगी. हड्डियों से डीएनए निकालकर उसे श्रद्धा के माता-पिता के डीएनए सैंपल से मिलवाया जाएगा. ताकि यह पता चले कि हड्डियां श्रद्धा वॉल्कर की हैं. पहले हमें यह समझना चाहिए की डीएनए एनालिसिस के लिए सैंपल कहां से लिया जाता है. 

DNA Analysis Shraddha Walker Murder Case

डीएनए सैंपल कहां से निकालते हैं?

यह सैंपल खून, वीर्य, थूक, पेशाब, मल, बाल, दांत, हड्डियां, टिशु और कोशिकाओं से लिया जा सकता है. आफताब ने जंगल से श्रद्धा की हड्डियां पुलिस को बरामद कराई हैं. अब इन हड्डियों से ही सैंपल लेकर उनकी जांच कराई जाएगी. 

सैंपल किन चीजों से लिया जाता है?

किसी भी इंसान का डीएनए सैंपल उसके मास्क, टोपी, दस्ताने, कपड़े, यंत्र, हथियार, टूल्स, सेक्सुअल असॉल्ट एविडेंस किट, अंडरगारमेंट्स, बिस्तर, गंदे कपड़ों, कटे हुए नाखून, कप, बॉटल, सिगरेट के बड्स, टूथपिक, टूथब्रश, चेहरा पोंछ कर फेके गए रुमाल या नैपकिन, कंघी, चश्मा, कंडोम, लिफाफे आदि. 

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DNA Analysis Shraddha Walker Murder Case

सबसे बढ़िया सैंपल कहां से मिलता है?

डीएनए का सबसे बढ़िया सैंपल उस जगह से मिलता है, जहां किसी को उम्मीद नहीं होती. जैसे मान लीजिए अगर किसी मकान में कोई जबरदस्ती दरवाजा या खिड़की तोड़फोड़ करके अंदर घुसता है. ऐसी एंट्री में अक्सर घुसपैठिये का कोई कपड़ा, उससे निकला धागा, कटने-फटने से छूटी स्किन, निकला खून, बाल. अब घर के लोग ये कहते हैं कि इनमें से कुछ भी उन लोगों का नहीं है तो इसका मतलब ये घुसपैठिये का है. बस यहीं से सैंपल उठा लिया जाता है. फिर उसकी डीएनए प्रोफाइल बनाई जाती है. संदिग्धों के डीएनए से मिलान कराया जाता है. 

सबसे जरूरी हैं बायोलॉजिकल सैंपल

किसी भी तरह के आपराधिक सीन पर सबसे जरूरी सबूत होते हैं बायोलॉजिकल सैंपल्स (Biological Samples). इन सबूतों के आधार पर बड़े से बड़ा केस सॉल्व हो जाता है. अगर किसी हथियार या वस्तु को आप छूते हैं, तब आपकी त्वचा की डेड कोशिकाएं उससे चिपक जाती हैं. या फिर वहां छूट जाती हैं. इन्हें लो-लेवल डीएनए (Low-level DNA) कहते हैं. इन्हें कई बार टच डीएनए (Touch DNA) भी बुलाया जाता है. इन्हें पीड़ित के शरीर, घाव, क्राइम सीन से हासिल किया जा सकता है. फिंगरप्रिंट्स भी इसी कैटेगरी में आते हैं. फिंगरप्रिंट्स को भी इसी तरह से हासिल करके संदिग्धों के साथ मिलाया जाता है. जैसे चाकू या बंदूक पर बने उंगलियों के निशान. 

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कहां होती है डीएनए एनालिसिस?

DNA Analysis केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सरकारी फोरेंसिक लैब या किसी मान्यता प्राप्त निजी फोरेंसिक लैब में होती है. यहां पर डीएनए एनालिसिस करने वाले फोरेंसिक एक्सपर्ट बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फोरेंसिक साइंस में पढ़ाई करके आते हैं. साथ ही इनके पास कई वर्षों की जांच का अनुभव होता है. यह जांच सिर्फ उन्ही लैब्स में हो सकती है, जहां पर डीएनए विश्लेषण करने की सुविधाएं हो. 

डीएनए एनालिसिस की प्रक्रिया क्या है?

डीएनए एनालिसिस के छह स्टेप्स होते हैं. पहले है- एक्ट्रैक्शन यानी डीएनए को कोशिका से बाहर निकालना. क्वांटिटेशन यानी यह पता करना कि कितना डीएनए मिला है. एम्प्लीफिकेशन यानी डीएनए की कई कॉपीज़ तैयार करना ताकि उन्हें कैरेक्टराइज किया जा सके. सेपरेशन यानी एम्प्लीफाइड डीएनए प्रोडक्ट को अलग-अलग रखना. एनालिसिस और इंटरप्रिटेशन यानी क्वांटिटी और क्वालिटी के हिसाब से डीएनए की तुलना की जाती है. इसे प्रोफाइलिंग भी कहते हैं. इसके बाद आखिरी में होता है क्वालिटी एश्योरेंस यानी डीएनए एनालिसिस की रिपोर्ट को तकनीकी आधार पर जांचा जाता है कि वह क्राइम के हिसाब से कितनी सटीक है. 

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