अगले चार महीनों में, भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अपना पहला कदम उठाएगा. इसरो (ISRO) ने अप्रैल-मई तक के लिए भारत के पहले मानव मिशन (First manned mission) गगनयान (Gaganyaan) को टाल दिया है. इंडियन साइंस कांग्रेस में, एजेंसी के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि गगनयान को इसलिए रोका गया है, क्योंकि इसरो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पर्यावरण नियंत्रण और लाइफ सपोर्ट सिस्टम बना रहा है. इन्हें बाहर से इम्पोर्ट करने की लागत काफी ज्यादा है.
मीडिया से बातचीत के दौरान, सोमनाथ ने विस्तार से बताया कि गगनयान के लॉन्च में देरी क्यों हुई. इस अंतरिक्ष यान को तीन एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह सात दिनों तक 400 किमी की ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करेगा. भारत के पहले मानव मिशन को दिसंबर 2021 में लॉन्च करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन तब से इसमें लगातार देरी हो रही है.
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि- 'मैंने यह बहुत स्पष्ट कर दिया है कि हम वहां मनुष्यों के साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. मिशन तो होगा, लेकिन हम इसे लेकर बहुत सतर्कता बरत रहे हैं.
उन्होंने कहा कि दुनिया भर में, मानव अंतरिक्ष मिशन रातोंरात नहीं हो जाते, उन्हें विकसित करने में सालों लगते हैं, आमतौर पर 10 साल. हमने इसे चार साल में बनाया है. इसरो प्रमुख ने कहा, कि हमने लगता है कि इसमें अभी और साल लग सकते हैं क्योंकि हमारा इंडस्ट्रियल ईकोसिस्टम परिपक्व नहीं है.
एस. सोमनाथ ने बताया कि पहले ये योजना थी कि रूस और यूरोप जैसे देशों से कुछ तकनीकों को आयात किया जाएगा, लेकिन वे आसानी से उपलब्ध नहीं थीं. हमें अब इनमें से ज्यादातर को खुद ही बनाना होगा. जैसे- पर्यावरण नियंत्रण और लाइफ सपोर्ट सिस्टम. बाहर इसकी कीमत बहुत ज्यादा है, इसलिए हमने फैसला किया कि हम इसे इन-हाउस बनाएंगे.
इसरो ने चार अतिरिक्त टेस्ट अबॉर्ट लेवल भी बनाए हैं, ताकि अगर कुछ भी गलत हो तो क्रू मिशन को अबॉर्ट कर सके. उन्होंने बताया कि हम इस साल से इसका डीमॉन्स्ट्रेशन करने जा रहे हैं. इस साल एक मानव रहित मिशन के साथ, दो अबॉर्ट मिशन की योजना बनाई गई है. बाकी के दो अबॉर्ट मिशन अगले साल होंगे, इसके बाद एक और मानव रहित मिशन होगा. अगर ये सभी मिशन सफल होते हैं, तो हम मानव अंतरिक्ष यान मिशन के साथ आगे बढ़ेंगे. इस साल अप्रैल या मई में पहला अबॉर्ट मिशन किया जाना है. वहीं चंद्रमा के लिए भी भारत का अगला मिशन जून और जुलाई के बीच लॉन्च किया जाएगा.
Gaganyaan: First abort mission is now scheduled for April or May 2023. https://t.co/5H6KGCY7KU
— r_isro (@r_isro) January 5, 2023
आपको बता दें कि साइंस कांग्रेस, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी में 3-7 जनवरी तक चली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी शिरकत की. इस साइंस कांग्रेस का विषय था 'महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी'.