पृथ्वी के लिए ये मंगल भारी हो सकता है. मंगलवार यानी 19 जुलाई को एक सौर तूफान की आशंका लगाई जा रही है, जो पृथ्वी को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है.
अंतरिक्ष मौसम भौतिक विज्ञानी डॉ. तमिथा स्कोव (Dr Tamitha Skov) के मुताबिक, सूरज से सांप के आकार जैसी एक सोलर फ्लेयर (Snake like filament) पृथ्वी को हिट करेगी. इससे कई सैटेलाइट प्रभावित हो सकते हैं. जीपीएस, टीवी संचार और रेडियो का काम भी बाधित हो सकता है.
Direct Hit! A snake-like filament launched as a big #solarstorm while in the Earth-strike zone. NASA predicts impact early July 19. Strong #aurora shows possible with this one, deep into mid-latitudes. Amateur #radio & #GPS users expect signal disruptions on Earth's nightside. pic.twitter.com/7FHgS63xiU
— Dr. Tamitha Skov (@TamithaSkov) July 16, 2022
इस सोलर फ्लेयर (Solar flare) से इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन और गर्मी बहुत बढ़ जाती है. हालांकि, पृथ्वी पर इससे गर्मी तो नहीं बढ़ेगी, लेकिन इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन से पृथ्वी की मैग्नेटिक फील्ड पर असर पड़ सकता है और सिगनल बंद हो सकते हैं.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन दिनों सूरज काफी सक्रिय रहा है. इस वजह से जियोमैग्रेटिक तूफान (Geomagnetic storms) आ रहे हैं. जिसे वैज्ञानिक भाषा में (M class) एम-क्लास और (X class) एक्स-क्लास के फ्लेयर्स बोलते हैं. यह सबसे मजबूत वर्ग की फ्लेयर्स भेज रहा है, क्योंकि इस समय सूरज एक्टिव है. जो अगले 8 सालों तक रहेगा. इस वजह से सौर तूफानों के आने की आशंका बनी रहेगी.
लाखों किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से आता सौर तूफान
सूरज पर बने धब्बे से कोरोनल मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection- CME) होता है. यानी सूर्य की सतह पर एक तरह का विस्फोट. इससे अंतरिक्ष में कई लाख किलोमीटर प्रति घंटे की गति से एक अरब टन आवेषित कण (Charged Particles) फैलते हैं. ये कण जब धरती से टकराते हैं तब कई सैटेलाइट नेटवर्क, जीपीएस सिस्टम, सैटेलाइट टीवी और रेडियो संचार को बाधित करते हैं.
क्या होते हैं सूरज के धब्बे... कैसे बनते हैं ये?
जब सूरज के किसी हिस्से में दूसरे हिस्से की तुलना में गर्मी कम होती है, तब वहां पर धब्बे बन जाते हैं. ये दूर से छोटे-बड़े काले और भूरे रंग के धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं. एक धब्बा कुछ घंटों से लेकर कुछ हफ्तों तक रह सकता है. धब्बों अंदर के अधिक काले भाग को अम्ब्रा (Umbra) और कम काले वाले बाहरी हिस्से को पेन अम्ब्रा (Pen Umbra) कहते हैं.