दुनिया भर के लोगों की सवालों का जवाब देता है गूगल. इसमें काम आते हैं उसके डेटा सेंटर्स. लेकिन ये डेटा सेंटर्स करोड़ों लीटर पानी पीते हैं. दुनिया भर में मौजूद गूगल डेटा सेंटर्स ने साल 2021 में 1500 करोड़ लीटर पानी खर्च किया है. इसमें से 80 फीसदी तो अमेरिका में मौजूद डेटा सेंटर्स की खपत है.
गूगल ने यह जानकारी तब दी जब उसे एक मीडिया संस्थान द ओरेगोनियन ने चैलेंज करके पूछा. पूछा गया कि गूगल यह बताए कि ओरेगॉन में स्थित गूगल का एक डेटा सेंटर कितना पानी खर्च करता है. इसे लेकर मामला थोड़ा पेंचीदा हो गया. कोर्ट चला गया केस. एक साल तक खिंच गया मामला. इसके बाद गूगल ने खुलासा किया ओरेगॉन में मौजूद डेटा सेंटर ने साल 2021 में 125 करोड़ लीटर पानी खर्च किया है. साथ ही कंपनी ने कहा कि अब वह तय समय पर ऐसे रिपोर्ट देती रहेगी.
गूगल ने बताया कि उसकी फैसिलिटीज में पिछले पांच साल में पानी की खपत तीन गुना बढ़ गई है. ओरेगॉन में सेंटर पूरे शहर को सप्लाई होने वाले पानी का एक चौथाई हिस्सा इस्तेमाल कर रहा है. गूगल के मुताबिक उसका यह डेटा सेंटर उतना पानी इस्तेमाल कर रहा है, जितना अमेरिका के 29 गोल्फ कोर्स में लगता है. असल में अन्य टेक कंपनियों की तरह ही गूगल में कभी यह खुलासा नहीं करता था, कि वह कितना पानी इस्तेमाल कर रहा है. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब गूगल ने इस बात का खुलासा किया है कि वह कितना पानी इस्तेमाल करता है.
न्यूयॉर्क स्थित अपटाइम इंस्टीट्यूट के सस्टेनेबिलिटी कंसलटेंट डेविड मिटॉन ने कहा कि गूगल संभवतः पहला ऐसा टेक जायंट है, जिसने अपने पानी की खपत का खुलासा किया है. इससे पहले पानी की खपत का खुलासा कोई कंपनी नहीं करती थी. उसे सीक्रेट रखा जाता था. लेकिन अब गूगल ने पानी की खपत पर खुद को पारदर्शी बना लिया है.