इटली में चल रहे भयानक सूखे की वजह से एक प्राचीन ब्रिज नदी से बाहर निकल आया. हुआ यूं कि सूखे की वजह से टाइबर नदी (Tiber River) का जलस्तर बहुत कम हो गया है. ऐसे में वहां पर रोम शासक नीरो (Roman Emperor Nero) द्वारा बनाया गया ब्रिज नदी के बाहर दिखने लगा है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक टाइबर नदी कई सालों के बाद अपने न्यूनतम स्तर पर बह रही है. इसका स्तर कम होने की वजह से नीरो का ब्रिज (Pons Neronianus) दिखने लगता है. नीरो ने रोम का पांचवां शासक था, जिसने वहां पर AD 54 से 68 तक शासन किया था. यह शासन काल बेहद विवादित रहा था, क्योंकि नीरो ने की सार्वजनिक ढांचे बनवाए थे. साथ ही विदेशों में कई युद्ध जीते थे. लेकिन राजनीति में उसकी रुचि कम थी.
नीरो का ज्यादा समय संगीत, कला और रथों के रेस में जाता था. उसका खजाना भी पूरी तरह खत्म हो गया था. क्योंकि उसने रोम के ग्रेट फायर के बाद डोमस ऑरिया (Domus Aurea) यानी द गोल्डेन पैलेस बनवाया था. उसने अपने शासनकाल में अपनी मां और एक पत्नी को मार डाला था. भयानक आग के बाद रोम को बसाने में उसका बहुत धन खत्म हो गया था. जब रोमन सीनेट ने उसे इंसानियत का दुश्मन घोषित किया तब नीरो ने खुद को खत्म कर लिया.
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ये ब्रिज पहले भी कई बार दिखा है. लेकिन इस तरह से नहीं दिखा था. वह पानी के अंदर ही दिखता था. इस बार तो ये बाहर आ गया है. ये बेहद प्राचीन ब्रिज है लेकिन इसका कोई संबंध नीरो से है या नहीं. ये बताना मुश्किल है. ब्रिटिश स्कूल के आर्कियोलॉजिस्ट रॉबर्ट कोएट्स स्टीफेंस ने कहा कि जब भी टाइबर का जलस्तर कम हुआ है ये ब्रिज दिखा है. लेकिन इस बार तो हद ही हो गई. इस ब्रिज को कब और कैसे बनाया गया, इसका अता पता नहीं है. लेकिन लोग इसे नीरो का ब्रिज (Bridge of Nero) कहते हैं.
नीरो का ब्रिज (Bridge of Nero) के बारे में रोम के कुछ ऐतिहासिक इमारतों में जिक्र किया गया है. जो करीब 12वीं सदी के हैं. रॉबर्ट कोएट्स ने कहा कि वेटिकन के आसपास नीरो कई संपत्तियां थीं. यह ब्रिज उन संपत्तियों तक जाने में उसकी मदद करता रहा होगा. लेकिन इस बात के प्रमाण मिले हैं कि नीरो का ब्रिज (Bridge of Nero) गलत जगह पर बनाया गया था. यहां पर बाढ़ आने पर नदी का बहाव घुमावदार था. यहां पर ब्रिज बनाना एक घटिया आइडिया था.
Hidden ancient Roman 'Bridge of Nero' emerges from the Tiber during severe drought https://t.co/4JcEJbOtep
— Live Science (@LiveScience) July 15, 2022
नदी के घुमाव पर ब्रिज बनाने से उसके गिरने और जल्दी बर्बाद होने की संभावना बढ़ जाती है. यही इस ब्रिज के साथ भी हुआ. क्योंकि घुमाव वाली जगह पर नदी की तलहटी से भी मिट्टी खिसकती है. इससे ब्रिज के पिलर्स कमजोर होते हैं. यह ब्रिज नीरो की मौत के करीब 200 साल बाद गिर गया था. इसके सिर्फ अवशेष बचे, जिन्हें कभी हटाया नहीं गया.