scorecardresearch
 

Kuno National Park से कब आएगी खुशखबरी? जानें कैसे बढ़ेगा अफ्रीका से आए चीतों का परिवार

कूनो नेशनल पार्क में आठ अफ्रीकन चीते आए हैं. इनमें तीन नर और पांच मादा हैं. अब देखना ये है कि कुल आठ चीतों के परिवार में नया मेहमान कब आता है. इनका परिवार बढ़ता कब है. क्या कूनो नेशनल पार्क की परिस्थितियां नए शावकों के स्वागत के लिए अनुकूल हैं? जानिए क्या कहना है वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट का...

Advertisement
X
मादा चीता रखती है अपने शावकों का पूरा ख्याल. इसमें नर की कोई भूमिका नहीं होती. (फोटोः अहमद गलाल/अन्स्प्लैश)
मादा चीता रखती है अपने शावकों का पूरा ख्याल. इसमें नर की कोई भूमिका नहीं होती. (फोटोः अहमद गलाल/अन्स्प्लैश)

चीते (Cheetah) अपने पैदा होने के दो साल के अंदर संभोग यानी शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाते हैं. कुछ तो डेढ़ साल में ही हो जाते हैं. कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में अफ्रीकन चीते आए हैं. उनकी भी यही कहानी है. खुशी की बात ये है कि ब्रीडिंग (Breeding) सालभर चलती है. यानी परिस्थितियां ठीक हैं तो नर और मादा चीते एकदूसरे से किसी भी समय संबंध बना सकते हैं. पहले जानते हैं कि कूनो नेशनल पार्क में क्या होने वाला है?

Advertisement
कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका के नामीबिया से आई पांच मादा चीता. ये बढ़ाएंगी कूनो में अपना परिवार.
कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीका के नामीबिया से आई पांच मादा चीता. ये बढ़ाएंगी कूनो पार्क में अपना परिवार.

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉ. सुदेश वाघमारे ने aajtak.in से खास बातचीत में बताया कि अपने देश में 70 सालों से चीते नहीं थे. इसलिए यहां पर इनके प्रजनन को लेकर कोई साइंटिफिक स्टडी या पेपर नहीं है. स्टडी की भी नहीं गई. नामीबिया और अफ्रीका के चीतों वाले देश पिछड़े हैं. वो ज्यादा स्टडी नहीं करते. चीते और तेंदुए लिटर (Litter) करते हैं. यानी एकसाथ 2 से चार शावक. इनमें से कितने बच्चे बचेंगे या नहीं यह कह पाना मुश्किल होता है. क्योंकि इन बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन उनका पिता होता है. इसलिए मां चीता हमेशा अपने बच्चों के आसपास रहती है.

ये तीन नर चीते परिवार बढ़ाएंगे भी और शावकों के लिए उनका दुश्मन भी बन सकते हैं.
ये तीन नर चीते परिवार बढ़ाएंगे भी और शावकों के लिए उनके दुश्मन भी बन सकते हैं. 

पिता के दुश्मन होने की वजह क्या है?

Advertisement

डॉ. वाघमारे ने बताया कि असल में नर चीता को ये नहीं पसंद आता कि मादा चीता गर्भधारण करके शावक पैदा करे. नर चीता को सिर्फ संबंध बनाना होता है. उसे परिवार, शावकों का ख्याल आदि से कोई मतलब नहीं होता. अगर मादा चीता गर्भवती होती है, तो वह संबंध बनाने से बचेगी. उसे शावकों के बाद किसी और चीज के लिए समय नहीं मिलेगा. इसलिए कई बार नर चीते अपने ही शावकों को मार डालते हैं. ताकि मादा चीता के साथ संबंध बना सकें. चीतों के शावकों का सर्वाइवल बेहद मुश्किल होता है. 

मादा चीता शावकों को नर चीता, बाघ, भेड़िया समेत कई जानवरों से बचाती रहती है. जब तक शावक बड़ा न हो जाए. (फोटोः ली बर्न्ड/अनस्प्लैश)
मादा चीता शावकों को नर चीता, बाघ, भेड़िया समेत कई जानवरों से बचाती रहती है. जब तक शावक बड़ा न हो जाए. (फोटोः ली बर्न्ड/अनस्प्लैश)

मादा चीता फैसला लेती है जन्म देने का

डॉ. सुदेश वाघमारे ने कहा कि मादा चीता को प्रकृति ने ऐसी शक्ति दी है कि वह फैसला लेती है कि गर्भधारण करना है या नहीं. शावकों को पैदा करना है या नहीं. अगर अफ्रीका से आई मादा चीतों को कूनो नेशनल पार्क की परिस्थितियां बच्चा पैदा करने लायक नहीं लगेंगी तो वह शावकों को पैदा नहीं करेगी. मादा चीता छह महीने कम से कम कूनो पार्क के माहौल को समझने का प्रयास करेगी. इससे पहले जामनगर चिड़ियाघर में तीन चीते मंगवाए गए थे. लेकिन वहां मादा ने बच्चे नहीं दिए. क्योंकि उसे उसके हिसाब से परिस्थितियां नहीं मिली. अगर ऐसा होता है तो इनका परिवार नहीं बढ़ेगा. 

Advertisement
मादा चीता एक सीजन में कई नर चीतों के साथ संबंध बना सकती है. (फोटोः फ्रांस वैन हीरडेन/पेक्सेल)
मादा चीता एक सीजन में कई नर चीतों के साथ संबंध बना सकती है. (फोटोः फ्रांस वैन हीरडेन/पेक्सेल)

कई नर चीतों से संबंध बना सकती है एक मादा

मादा चीता पॉलीएस्ट्रस (Polyestrous) होती है. यानी एक ही एक ब्रीडिंग सीजन में वो कई नर चीताओं के साथ संबंध बना सकती है. 2 से 4 शावकों को जन्म दे सकती है. एस्ट्रस साइकिल 12 दिन का होता है. इसमें एक से तीन दिन ऐसे होते हैं, जब मादा चीता संबंध बनाने के लिए ज्यादा उत्तेजित रहती है. नर चीते इसी मौके की तलाश करते हैं. जिन मादा चीता को प्रजनन करना होता है, वो पेड़ों, झाड़ियों, पत्थरों पर पेशाब कर देती हैं. जिसकी गंध से नर चीता उसकी तरफ चला आता है.

शावकों की सुरक्षा सबसे बड़ा काम होता है

नर के आने के बाद दोनों दिनभर में औसतन तीन से पांच बार संबंध बनाते हैं. अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं है जिसमें ये बताया गया हो कि मादा चीता कितने सालों तक मां बन सकती है. लेकिन 15 साल तक मां बनने की क्षमता वाली मादा चीता का एक उदाहरण है. मादा चीतों के लिए बड़े काम होते हैं. शावकों के पैदा होने के बाद सबसे जरूरी होता है उनकी सुरक्षा. उन नर चीतों से जो मादा के साथ संबंध बनाने के फिराक में होते हैं. इसके अलावा भेड़ियों, सियारों, लकड़बग्घों, जंगली कुत्तों, बाघ और शेर से भी शावकों को बचाना होता है.  

Advertisement

Kuno पार्क में केवल 8 चीते ही नहीं, बल्कि हैं इतने जानवर

Advertisement
Advertisement