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पृथ्वी के पास सिर्फ एक चांद नहीं... आते-जाते रहते हैं Ghost Moon

जब आप आसमान की तरफ रात में या शाम को देखते हैं, आपको सिर्फ एक चांद दिखता है. लेकिन हमेशा ऐसा था क्या? पृथ्वी के चारों तरफ सिर्फ यही इकलौता चांद है. या इसके अलावा और भी हैं. हैं तो दिखते क्यों नहीं. क्या इससे पहले पृथ्वी के पास कई चांद थे. आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब...

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धरती के पास सिर्फ एक ही चांद है लेकिन कई अस्थाई चंद्रमा आते-जाते रहते हैं. (फोटोः एपी)
धरती के पास सिर्फ एक ही चांद है लेकिन कई अस्थाई चंद्रमा आते-जाते रहते हैं. (फोटोः एपी)

किसी से भी पूछिए... पृथ्वी के कितने चांद (Moon) है. सीधा जवाब आएगा एक. पहली बात तो ये कि पृथ्वी के चंद्रमा को किसी और नाम या पहचान की जरुरत नहीं है. कई सदियों से हम इंसानों ने इस प्राकृतिक उपग्रह के अलावा किसी और चांद को नहीं देखा है. हालांकि सौर मंडल के अन्य ग्रहों पर इंसानों ने कई चांद खोज लिए हैं. पर धरती पर कितने हैं? क्या वाकई एक ही है या इससे ज्यादा भी कभी हुआ करते थे? 

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हंगरी स्थित ओटवोस लोरैंड यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोनॉमर गैबोर होरवाथ ने कहा कि धरती का एक ही चांद है. लेकिन कुछ मिनी-मून, कुछ छद्म-उपग्रह और भूतिया चांद पृथ्वी के आसपास आते-जाते रहते हैं. ये अस्थाई तौर पर रहते हैं. बस पृथ्वी की ग्रैविटी में फंसकर कुछ दिन धरती के चारों तरफ चक्कर लगाते हैं. उसके बाद सौर मंडल की यात्रा पर निकल जाते हैं. 

How many moons Earth have?
चंद्रमा हमारी धरती से अलग हुए टुकड़ों से जुड़कर बना है. कई पत्थर आते-जाते रहते है, लेकिन ये एक ही है. (फोटोः एंड्र्यू मैक्कार्थी/कॉनर मैथेरन)

लेकिन सवाल पुराना अब भी वहीं है, धरती के कितने चांद हैं. चलो मान लिया एक. लेकिन क्या हमेशा से एक ही था. हो सकता है भविष्य में पृथ्वी के और चांद हो जाएं. यही चांद दो टुकड़े में टूट जाए. या कई टुकड़ों में. 

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चंद्रमा का निर्माण एक बड़ी टक्कर से हुआ था

चांद की कहानी शुरु होती है 450 करोड़ साल पहले से. हमारी पृथ्वी के पास चंद्रमा नहीं था. लेकिन 440 करोड़ साल पहले यानी 10 करोड़ साल बाद मंगल ग्रह के आकार का एक ग्रह पृथ्वी से टकराया. टकराने वाला ग्रह था थीया (Theia). इस टक्कर से धरती का एक बड़ा टुकड़ा अलग होकर अंतरिक्ष में चला गया. पत्थरों का कचरा एक जगह जमा होते चले गए. फिर इन्होंने चंद्रमा का रूप धर लिया. यानी जुड़कर चांद बन गए. इस बात को लेकर साल 2022 में एक रिसर्च द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित हुआ था. 

अब भूतिया चंद्रमाओं की बात... जो आते-जाते हैं 

ये बात है साल 2006 की जब एक 20 फीट चौड़ा एस्टेरॉयड RH120 लगातार 18 महीने तक धरती के चारों तरफ घूमता रहा. इसके बाद 11.5 फीट चौड़ा पत्थर, जिसका नाम 2020 CD3 था, वह तीन साल तक धरती के चक्कर लगाता रहा. फिर मार्च 2020 में अंतरिक्ष में आगे बढ़ गया. 

How many moons Earth have?
क्वासी सैटेलाइट्स भी चंद्रमा की तरह कुछ दिन धरती का चक्कर लगाकर वापस चले जाते हैं. (फोटोः NASA) 

सिर्फ इतना ही नहीं साल 2021 के शुरुआत में वैज्ञानिकों को एक और चांद धरती का चक्कर लगाता दिखा. नाम था SO2020. यह भी अंतरिक्ष में कुछ दिन बाद चला गया. बाद में जांच करने पर पता चला कि 1960 में छोड़े गए रॉकेट का बूस्टर था. 2015 में 13 घंटों के लिए पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाता हुआ एक पत्थर दिखा. वैज्ञानिकों को लगा कि ये अस्थाई चांद है. लेकिन बाद में पता चला कि ये यूरोपियन स्पेस एजेंसी का गाइया स्पेस टेलिस्कोप है. 

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क्वासी-सैटेलाइट्स भी बनते हैं अस्थाई चांद

जो पत्थर पृथ्वी के चारों तरफ कुछ दिन चक्कर लगाकर चले जाते हैं. नासा उन्हें क्वासी-सैटेलाइट्स बुलाता है. ऐसा ही एक एस्टेरॉयड धरती के चारों तरफ एक साल तक चक्कर लगाता रहा था. इसका नाम था 3753 Cruithne. ऐसा ही एक चांद कामोलेवा भी देखा गया था. वह सूरज की ग्रैविटी के चलते धरती की कक्षा में आया और फिर आगे निकल गया.  

नासा के मुताबिक एक एस्टेरॉयड काफी लंबे समय से धरती के चारों तरफ चांद की तरह चक्कर लगा रहा है. इसका नाम है 2010 TK7. इसे चांद का टाइटल मिला. क्योंकि यह लैरेंज प्वॉइंट पर चक्कर लगा रहा है. यह जगह ऐसी होती है, जहां पर सूरज और पृथ्वी की ग्रैविटी मिलती है. यहां पर फंसने वाले पत्थर लंबे समय तक इसी स्थान पर रहते हैं. 

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