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आज रात दिखेगा 50 हजार साल बाद आया हरा धूमकेतु, जानिए कब देखना है आसमान की तरफ

आज रात धरती के सबसे नजदीक से हरे रंग का धूमकेतु निकलेगा. इस ग्रीन कॉमेट का नाम है- C/2022 E3 (ZTF). यह धूमकेतु 50 हजार साल बाद आया है. इसके बाद फिर इतने ही समय के बाद दिखेगा. इससे पहले यह पिछली तब धरती के करीब आया था जब हिमयुग था. धरती पर निएंडरथल मानव घूमते थे.

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ये है वो धूमकेतु जो हिमयुग के बाद अब लगा रहा है धरती का चक्कर. (फोटोः गेटी)
ये है वो धूमकेतु जो हिमयुग के बाद अब लगा रहा है धरती का चक्कर. (फोटोः गेटी)

आज रात यानी 2 फरवरी 2023 की रात आसमान में हरे रंग का धूमकेतु C/2022 E3 (ZTF) गुजरेगा. यह धूमकेतु 50 हजार साल बाद आया है. पिछली बार यह हिमयुग (Ice Age) के समय आया था. उस समय इंसानों के ठीक पहले वाले पूर्वज निएंडरथल मानव धरती पर घूमते थे.  अगला चक्कर 50 हजार साल बाद ही लगेगा. अगर आपके इलाके में आसमान साफ रहेगा तो आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं. इसे देखने के लिए किसी दूरबीन या टेलिस्कोप की जरुरत नहीं पड़ेगी. 

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इसे धूमकेतु को साल 2022 में मार्च महीने में खोजा गया था. तब से लगातार इसे खोजने वाली कैलिफोर्निया की ज्विकी ट्रांसजिएंट फैसिलिटी के वैज्ञानिक इसकी ट्रैकिंग कर रहे हैं. इसे ट्रैक करने वाले वैज्ञानिकों ने बताया था कि 1 या 2 फरवरी की रात यह पृथ्वी से करीब 4.20 करोड़ किलोमीटर दूर से निकलेगा. हिमयुग भी हाथी की जगह मैमथ (Mammoths) घूमते थे. उस समय प्रदूषण नहीं था. आसमान साफ था. 

ये है नासा के टेलिस्कोप से ली गई हरे धूमकेतु की तस्वीर. (फोटोः NASA)
ये है नासा के टेलिस्कोप से ली गई हरे धूमकेतु की तस्वीर. (फोटोः NASA)

आमतौर पर धूमकेतुओं के आने-जाने, चमकने को लेककर भविष्यवाणी नहीं कर सकते. ये कई बार अपनी दिशा बदल भी लेते हैं. फिलहाल यह हरा धूमकेतु 2.07 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पृथ्वी के सामने से निकल रहा है. धरती के उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोगों को यह खुली आंखों से दिख सकता है. बस आसमान साफ होना चाहिए. वैसे आप नीचे दिए गए यूट्यूब लिंक पर इसे लाइव देख सकते हैं. 

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सवाल ये है कि ये हरा क्यों है? 

जब धूमकेतु सूरज के आसपास आता है, तब उसकी ऊर्जा जलकर खत्म होने लगती है. उसपर जमी बर्फ गैस में बदलती है. जिससे एक छोटी सी चमकदार पूंछ बनती है. पूंछ का रंग यह बताता है कि धूमकेतु पर किस तरह की बर्फ है, जो सूरज की रोशनी के चलते अलग-अलग रंग छोड़ता है. इस हरे धूमकेतु में डाइएटॉमिक कार्बन है. यानी दो कार्बन अणुओं के जोड़ से बनी गैस. ये अल्ट्रावायलट रेडिएशन छोड़ रहा है, जिसकी वजह से इसका रंग हरा दिख रहा है. 

सुबह होने से ठीक पहले दिखेगा

अगर आप धरती के उत्तरी गोलार्ध में रहते हैं तो इसे देख सकते हैं. आसमान डार्क और साफ रहेगा तो खुली आंखों से. नहीं तो दूरबीन या टेलिस्कोप की मदद ले सकते हैं. इसे देखने के लिए सबसे सटीक समय होगा सुबह होने से ठीक पहले. यह आपको आसमान में उत्तर-पश्चिम की तरफ जाता हुआ दिखाई देगा. दक्षिणी गोलार्ध के लोगों को यह सिर्फ फरवरी के शुरुआती दिनों में ही दिखेगा. 

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