इंसान दुनिया का सबसे खतरनाक जीव है. वह धरती पर मौजूद तीन कशेरुकीय जीवों (Vertebrate Animals) में से एक को खाता है. कुल मिलाकर इंसानों के खान-पान का असर 46,755 प्रजातियों पर पड़ता है. किलर व्हेल 121 प्रकार के कशेरुकीय जीवों को खाती है. उनमें से 83 को इंसान भी खाते हैं. ये तो बात हुई समुद्र की.
अब जमीन पर देख लीजिए. अमेरिका में सबसे खतरनाक बिल्लियों के प्रजाति में आता है जगुआर. चीता और तेंदुआ जैसा. यह 9 प्रकार की प्रजातियों को खाता है. वहीं, इंसान इन सभी 9 प्रजातियों को खाते हैं. इसके अलावा अमेरिका के 2698 प्रजातियों के जीवों का इस्तेमाल करते हैं. ये वो जीव हैं जहां पर इंसान और जगुआर इलाका आपस में बांटते हैं. कशेरुकीय जीव यानी वो जानवर जिनकी रीढ़ की हड्डी होती है.
कनाडा में हुई यह स्टडी कम्युनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुई है. मनुष्यों के खान-पान से पता चलता है कि वह कितना ज्यादा असामान्य है. वजह ये है कि इंसानों ने खुद को विकसित किया है. जबकि अन्य जीव ऐसा करने में नाकाम रहे हैं. या कम विकसित हुए हैं. कशेरुकीय जीवों की तुलना में इंसानों की पहुंच ज्यादा है.
जरूरी नहीं कि हर कशेरुकीय जीव को इंसान खाए ही. कुछ को तो अलग-अलग कामों के लिए मार डालते हैं. जैसे- कपड़े बनाने के लिए. दवाएं बनाने के लिए. सोविनियर बनाने के लिए. इसके अलावा अन्य कई तरह के कार्यों में इस्तेमाल करते हैं. कई जीवों के फर, दांत, खून, लिवर का भी इस्तेमाल करते हैं.
इंसानों द्वारा इस्तेमाल होने वाले सभी अन्य जीवों की लिस्टिंग इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) करता है. इस संस्था के मुताबिक 14,663 प्रजातियों के जीव इंसानों की वजह से ज्यादा खतरे में हैं. इंसान उनका शोषण करते हैं. इंसान जितने जीवों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनमें 55 फीसदी को भोजन के लिए मार देते हैं. इनमें से कई स्तनधारी जीव और मछलियां हैं.