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एवरेस्ट फतह करना चाहते थे बंशीलाल... सफर के दौरान मौत, छत्तीसगढ़ पुलिस में थे जवान

छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान, एथलीट और साइकलिंग में रिकॉर्डधारी बंशीलाल नेताम की एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान मौत हो गई. उनकी करीब 6400 मीटर की ऊंचाई पर तबियत बिगड़ी. नीचे अस्पताल लाया गया. इसके बाद इलाज के दौरान उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.

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ये हैं बंशीलाल नेताम, जो एवरेस्ट चढ़ने जा रहे थे. बीच रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ गई थी.
ये हैं बंशीलाल नेताम, जो एवरेस्ट चढ़ने जा रहे थे. बीच रास्ते में उनकी तबियत बिगड़ गई थी.

साइकिलिंग में विश्व रिकॉर्ड बना चुके कांकेर के बंशीलाल नेताम की माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई के दौरान तबियत बिगड़ी. उन्हें बचावकर्मियों ने नेपाल के HAMS अस्पताल में ICU में भर्ती कराया जहां पर 27 मई 2024 को निधन हो गया. 46 वर्षीय बंशीलाल एथलीट, बाइक राइडर और छत्तीसगढ़ पुलिस कमांडो ट्रेनर थे. 

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बंशीलाल इस साल अप्रैल महीने में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने नेपाल गए थे. 19 मई 2024 तक 6400 मीटर पूरा कर लिया था. 20 मई को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान अचानक तबियत बिगड़ी. फिर उन्हें HAMS अस्पताल लाया गया. ICU में भर्ती कराया गया. जहां सोमवार यानी 27 मई 2024 की दोपहर 3 बजे उनका निधन हो गया. 

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कांकेर शहर के नजदीक कोदाभाट निवासी बंशीलाल नेताम ने साइकिलिंग में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर अपनी पहचान बनाई थी. साइकिल से हमारे देश के स्वर्णिम चर्तुभुज पूरा किया था. इसकी लंबाई करीब 6000 किमी है. इस दूरी को मात्र 16 दिन 16 घंटे में पूरा करके रिकॉर्ड बनाया था. दिल्ली के लाल किले में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के भारत प्रमुख आलोक कुमार ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा था.

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नक्सलियों से मुठभेड़ में भी रहे शामिल

बंशीलाल मोटर साइकिल से दो बार पूरे भारत का भ्रमण कर चुके थे. छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल भी थे जो बीजापुर सहित दक्षिण बस्तर, कांकेर के कई संवेदनशील इलाके में नक्सली मोर्चो में काम कर चुके थे. दर्जनों पुलिस नक्सली मुठभेड़ में शामिल बंशीलाल अपनी गोली से कई नक्सलियों को ढेर कर चुके थे. 

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बच्चों को देते थे मुफ्त में ट्रेनिंग

वहीं उत्तराखंड स्थित कालानाग पर्वत फतह करने वाले बंशीलाल नेताम छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति बने थे.  उन्होंने 11 दिन तक माइनस 15 डिग्री तापमान में चढ़ाई कर छह हजार मीटर से भी अधिक की चढ़ाई पूरी की थी. यही नहीं कांकेर के कई ग्रामीण बच्चों को पर्वतारोहण के साथ पुलिस और फौज में भर्ती होने के लिए निःशुल्क ट्रेनिग भी देते थे. पुलिस विभाग के मुताबिक उनका शव बुधवार को कांकेर लाया जा सकता है.

नेपाल ने इस साल जारी किए 900 से ज्यादा परमिट

एवरेस्ट पर चढ़ाई के लिए नेपाल सरकार ने अपने पहाड़ों पर चढ़ाई के लिए 900 से ज्यादा परमिट जारी किए हैं. इसमें से 419 परमिट सिर्फ माउंट एवरेस्ट के लिए है. इस सीजन में अब तक 8 पर्वतारोहियों की मौत हो चुकी है. नेपाल सरकार को इस पर्वतारोहियों से इस साल परमिट के लिए 5 मिलियन डॉलर्स यानी 41.58 करोड़ रुपए से ज्यादा मिला है. 

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एवरेस्ट पर लग रहा है जाम

इस समय इतने लोग एवरेस्ट फतह करने पहुंच चुके हैं, कि वहां पर फिर से जाम लग रहा है. करीब 20 पर्वतारोही एक पतली सी जगह पर फंसे हुए हैं. वो इंतजार कर रहे हैं, समिट के खाली होने का, ताकि आगे बढ़ सके. पिछले हफ्ते भी दो पर्वतारोही मारे गए थे. इसके अलावा तीन लापता हो गए.

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