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भारतीय निजी स्पेस कंपनी 'स्पेस किड्स इंडिया' ने पहली बार सेशेल्स में किया बैलून टेस्ट

बच्चे अंतरिक्ष (Space) को जानने-समझने के लिए प्रेरित हों, इसके लिए भारतीय निजी स्पेस कंपनी ने पहली बार अफ्रीकी सरकार के साथ मिलकर एक मिशन का आयोजन किया. इसके तहत बच्चों को ट्रेनिंग दी गई, जिसके बाद बैलून सैलेटाइट को लॉन्च किया गया.

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सफल रहा 'स्पेस किड्स इंडिया' का Mission Payanke
सफल रहा 'स्पेस किड्स इंडिया' का Mission Payanke
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बैलून 73 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा
  • बैलून ने वायुमंडल का डेटा और तस्वीरें लीं

भारत की निजी स्पेस कंपनी 'स्पेस किड्ज़ इंडिया' (Space Kidz India) ने सेशेल्स (Seychelles) जाकर बैलून परीक्षण किया है. इस मिशन का नाम 'Mission Payanke' है. इस बैलून SAT ट्रेनिंग और लॉन्च मिशन को निवेश, उद्यमिता और उद्योग मंत्रालय, विज्ञान प्रैद्योगिकी और इनोवेशन विभाग के सहयोग से किया गया. इसका उद्देश्य छात्रों को सैटेलाइट विज्ञान के प्रति संवेदनशील बनाना और व्यवहारिक परीक्षण देना था. 

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बच्चों को दी गई थी 11 दिन की ट्रेनिंग
 
स्पेस किड्ज़ इंडिया (SKI) की प्रमुख श्रीमति केसन ने कहा कि इसके लिए 11 दिनों की ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया था, जो 19 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चली. इस कार्यक्रम में बच्चों को बलून सैटेलाइट को निकट अंतरिक्ष में करीब 70 हजार फीट से 1 लाख फीट की ऊंचाई पर लॉन्च करने और अंतरिक्ष और वातावरण के अलग-अलग पहलुओं का डेटा इकट्ठा करने का प्रशिक्षण दिया गया.

Space Kids India
बच्चों को स्पेस से जुड़ी 11 दिन की ट्रेनिंग दी गई जिसके बाद मिशन लॉन्च किया गया 

स्कूल के बच्चों को STEM शिक्षा और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी खासकर Space 2.0 के बरे में भी जागरुक किया गया. इसके अलावा, बच्चों को जटिल समस्याओं को क्रिएटिव और नए तरीके से हल करने के बारे में प्रेरित किया गया.

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इस कार्यक्रम में, बलून सैटेलाइट के डिज़ाइन, फैब्रिकेशन और लॉन्च के लिए ट्रेनिंग दी गई. बच्चों को स्पेस साइंस, स्पेस सिस्टम, सैटेलाइट प्रोग्राम, ट्रैकिंग, टेलीमेट्री और टेली-कमांड के बारे में भी बताया गया. 

सफल रहा मिशन

भारतीय निजी स्पेस कंपनी का यह पहला मिशन सफल रहा. बैलून 73 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा. बैलून ने वायुमंडल का डेटा लेना शुरू किया साथ ही निकट अंतरिक्ष के वातावरण की बहुत खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो भी लीं. बैलून सैटेलाइट पेलोड का रिकवरी ऑपरेशन भी सफल रहा. रिकवरी टीम ने GPS ट्रैकिंग, ड्रोन का इस्तेमाल करके बैलून सैटेलाइट को वापस पाया. 

Space Kids India
भारतीय कंपनी का भारत से बाहर यह पहला सफल मिशन रहा.

यह पहली बार था कि किसी भारतीय एयरोस्पेस संस्था ने बाहर जाकर इस तरह का कोई परीक्षण किया हो. यह स्पेस किड्स इंडिया और अफ्रीका की सरकार ने मिलकर इस मिशन को अंजाम दिया जो सफल रहा. आपको बता दें कि अफ्रीका STEM रिसर्च पार्क बनाने की योजना है और आने वाले समय में वे रॉकेट निर्माण की भी योजना बना रहे हैं.

सैटेलाइट लॉन्च के समय सेशेल्स के उप-राष्ट्रपति अहम अफिफ, निवेश-एंटरप्रेन्योर और इंडस्ट्री मिनिस्टर देविका विदोत, शिक्षा मंत्री डॉ. जस्टिन वैलेंटिन, यातायात मंत्री एंटो देर्जाक्यूस, कृषि, जलवायु परिवर्तना और पर्यावरण मंत्री फ्लाविएन जोबर्ट और हाई कमिश्नर ऑफ इंडिया जनरल (रिटा.) दलबीर सिंह सुहाग मौजूद थे. 

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