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Hamas ने पानी के पाइपों से बनाए रॉकेट, Israel पर हमले के नए तरीकों से दुनिया हैरान

कुछ साल पहले गाजा में पानी की पाइपलाइन बिछाई गई. हमास आतंकियों ने उन्हें उखाड़ कर उनके रॉकेट्स बना दिए. इसके बाद इन्ही रॉकेट्स के जरिए इजरायल पर ताबड़तोड़ हमला किया. 48 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन थी. गाजा पट्टी में पानी पाइपलाइन के लिए यूरोपियन यूनियन ने मदद की थी.

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Gaza पट्टी में पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइनों को निकालकर उनसे हमास ने बना डाले रॉकेट. (सभी फोटोः एक्स/Natsecjeff)
Gaza पट्टी में पानी की सप्लाई के लिए पाइपलाइनों को निकालकर उनसे हमास ने बना डाले रॉकेट. (सभी फोटोः एक्स/Natsecjeff)

Gaza के लोगों का पीने का साफ पानी मिले, इसलिए यूरोपियन यूनियन (EU) ने पानी की पाइपलाइन बिछाने के पैसे दिए. पाइपलाइन आई. अलग-अलग जगहों पर बिछाई भी गई. लेकिन हमास के आतंकियों ने जीवन देने वाले इन पाइपलाइनों को मौत देने वाले रॉकेट्स में बदल दिया. 

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ब्रसेल्स ने फिलिस्तीनियों की मदद के लिए 100 मिलियन यूरो यानी 876 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद की. लेकिन हमास आतंकियों ने इन्हें घरेलू रॉकेट्स में बदल दिया. अब सवाल ये उठ रहा है कि जिस देश को पानी के पाइपलाइन के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद मिली, क्या वहां हमास की वजह से फिर मदद दी जाए या नहीं. 

हमास आतंकी नए-नए इनोवेशन के जरिए अपने हथियार बनाते रहते हैं. इजरायली ड्रोन की नकल करके अपने लिए घरेलू ड्रोन बना डाला. 7 सितंबर 2023 को उन्हीं ड्रोन्स से ग्रैनेड गिराए गए. साथ ही 20 मिनट के अंदर 5000 रॉकेट्स दागे गए. आपको जानकर हैरानी होगी कि पानी की ये पाइपलाइन 48 किलोमीटर लंबी थी. 

Hamas Water Pipeline Rocket

हमास को इतने रॉकेट मिलते कहां से हैं? 

हमास आतंकियों ने मई 2021 में 11 दिनों के अंदर 4 हजार से ज्यादा रॉकेट दागे थे. इजरायली डिफेंस फोर्स ने 2200 रॉकेट की पुष्टि की थी. जबकि हमास ने दावा किया था कि हमारे पास 5 हजार से ज्यादा रॉकेट्स हैं. इस तरह का हमला ये सवाल उठाता है कि आखिर इस आतंकी संगठन को इतने रॉकेट्स मिलते कहां से हैं? 

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कहा जाता है कि ईरान, सीरिया और सुडान हमास को रॉकेट की सप्लाई करते हैं. लेकिन तीनों देश ये बात मानते नहीं हैं. अब हमास अपने रॉकेट बनाने लगा है. ये बहुत हाई-फाई या टेक्निकल नहीं होते लेकिन नुकसान करते हैं.  2014 में हमास ने 4500 रॉकेट इजरायल की तरफ दागे थे. फिर 2019 में 400 से ज्यादा रॉकेट दाग कर इजरायल के बड़े शहरों को निशाना बनाया. इसके बाद 2021 में चार हजार रॉकेट दागे गए. 

Hamas Water Pipeline Rocket

किस तरह के रॉकेट का करता है इस्तेमाल? 

हमास आमतौर पर ईरान में बनी फतेह-110 (Fateh-110) रॉकेट्स का इस्तेमाल करता है. ये 500 किलोग्राम वजनी होते हैं. इनकी रेंज 300 किलोमीटर होती है. इसके अलावा al Quds नाम के होममेड रॉकेट्स का इस्तेमाल करता है. इनकी रेंज में पूरा इजरायल आ जाता है. M-302 रॉकेट्स का भी उपयोग होता है. यह सीरिया में बना रॉकेट है. 

हमास इनके अलावा Qassam नाम का रॉकेट इस्तेमाल करता है. ये 35 से 50 किलोग्राम वजन तक के होते हैं. जो छोटी दूरी के लिए काफी घातक रॉकेट हैं. ऐसा माना जा रहा है कि पानी के पाइपलाइन का इस्तेमाल इन्ही रॉकेट्स को बनाने के लिए किया जा रहा है. 

Hamas Water Pipeline Rocket

और कौन-कौन से हथियार का हमास कर रहा इस्तेमाल? 

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कॉर्नेट एंटी-टैंक मिसाइल... ये मैन पोर्टेबल हैं. यानी कंधे से दागी दा सकती हैं. इन्हें 250 लॉन्चर्स के साथ रूस से खरीदा गया था. 1998 से अब तक कई देशों की सेनाओं में तैनात. एक दर्जन युद्धों में हो चुका है उपयोग. अब तक 35 हजार यूनिट्स बनाई गई हैं. एक मिसाइल का वजन 27 से 64 kg तक होता है. लंबाई 1200 मिलिमीटर होती है. इसमें 4.6 kg का हीट वॉरहेड लगाया जाता है. कॉर्नेट की रेंज 100 मीटर से 5.5 km और कॉर्नेट-ईएम की रेंज 8 से 10 km है. 

कॉन्कर्स एंटी-टैंक मिसाइल... रूस की बनाई ये एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल कंधे या बीएमपी-2 इंफैन्ट्री वाहनों पर तैनात किया जा सकता है. या फिर ट्राईपॉड लगाकर दागा जा सकता है. इसे 1970 में डिजाइन किया गया था. इसकी मिसाइल का वजन 14.6 kg है. लॉन्चिंग पोस्ट का वजन 22.5 kg है. मिसाइल की लंबाई 45 इंच है. इसमें 2.7 kg हीट वॉरहेड लगाया जाता है. इसकी ऑपरेशनल रेंज 70 मीटर से लेकर 4 km तक है. यह 208 मीटर प्रति सेकेंड की गति से चलती है. इसे दुनिया के 2 दर्जन से ज्यादा देश इस्तेमाल करते हैं. 

Hamas Water Pipeline Rocket

बुल्से-2 एंटी-टैंक मिसाइल... हमास के पास 9K111 फैगोट नाम का एंटी-टैंक मिसाइल है. यह सेमी-ऑटोमैटिक कमांड टू लाइन ऑफ साइट (SACLOS) वायर गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल है. इसकी मिसाइल का वजन 12.5 kg होता है. लॉन्चर का 22.5 किलोग्राम. लंबाई 3.7 फीट और व्यास 4.7 इंच. इसकी मिसाइल 290 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से जाती है. रेंज 70 से 2500 मीटर है. इसमें 1.7 kg का हाई-एक्सप्लोसिव एंटी टैंक वॉरहेड लगता है. 

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ग्रैनेड ड्रोन्स... हमास ने इस बार ड्रोन्स के जरिए इजरायल पर ग्रैनेड गिराए. कुछ ड्रोन्स तो आत्मघाती ही थे. ये बेहद सस्ते और खतरनाक थे. जिनकी वजह से दर्जनों लोग जख्मी हुए. कई मारे गए. ये दिखने में इजरायल के स्काइलार्क ड्रोन जैसे थे, लेकिन इन्हें हमास ने बदल दिया था. इनके जरिए किए गए हमले से इजरायल ही नहीं पूरी दुनिया सरप्राइज थी. 

इगला एयर डिफेंस सिस्टम... यह रूस में बनी कंधे से दागी जाने वाली सरफेस टू एयर मिसाइल है. इसकी मिसाइल का वजन 10.8 किलो और पूरे सिस्टम का वजन 17.9 किलोग्राम होता है. 5.16 फीट लंबे इस हथियार में 1.17 किलो का वॉरहेड लगता है. इसकी रेंज 5 से 6 किलोमीटर होती है. अधिकतम 11 हजार फीट तक जा सकती है. 570 मीटर प्रति सेकेंड की गति से चलती है. 

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