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'दुनिया को खत्म कर देगा Apophis एस्टेरॉयड', ISRO चीफ ने तबाही को लेकर चेताया

ISRO चीफ डॉ. एस. सोमनाथ ने भविष्य में आने वाली तबाही को लेकर चेताया है. उन्होंने कहा कि एक बड़ा एस्टेरॉयड अगर धरती से टकराता है तो इंसानियत के लिए खतरा है. इसरो ऐसे खतरों पर नजर रख रहा है. हम ऐसे खतरों से लड़ने के लिए दुनिया भर के देशों के साथ खड़े हैं. हम अपना पूरा जोर लगा देंगे.

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एपोफिस एस्टेरॉयड को लेकर इसरो चीफ ने चेतावनी दी है. साथ ही भी कहा है कि हम उस पर नजर रख रहे हैं.
एपोफिस एस्टेरॉयड को लेकर इसरो चीफ ने चेतावनी दी है. साथ ही भी कहा है कि हम उस पर नजर रख रहे हैं.

धरती के ऊपर एक बड़े एस्टेरॉयड की टक्कर का खतरा मंडरा रहा है. इसे लेकर दुनिया के सभी बड़े देश अभी से तैयारी कर रहे हैं. यहां तक भी भारत भी तैयारी में जुट गया है. ISRO चीफ डॉ. एस. सोमनाथ ने भी इस एस्टेरॉयड को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने इसे बेहद खतरनाक बताया है. 

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डॉ. सोमनाथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर एक बड़ा एस्टेरॉयड धरती से टकराता है तो इंसानियत खत्म हो जाएगी. इसरो इस समय लगातार इस एस्टेरॉयड पर नजर रख रहा है. उसे ट्रैक कर रहा है. इसकी ट्रैकिंग के लिए नेटवर्क फॉर स्पेस ऑबजेक्ट्स ट्रैकिंग एंड एनालिसिस (NETRA) प्रोजेक्ट चल रहा है. इस खतरनाक एस्टेरॉयड का नाम है एपोफिस (Apophis). 

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ISRO Chief, S. Somanath, Apophis Asteroid

एपोफिस तीन फुटबॉल स्टेडियम, आईएनएस विक्रमादित्य, मोटेरा वाले दुनिया के सबसे नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के बराबर है. इसकी खोज साल 2004 में की गई थी. वैज्ञानिकों को आशंका है कि यह धरती से टकरा सकता है, हालांकि टकराने की संभावना बेहद कम है लेकिन साइंटिस्ट टक्कर से मना नहीं कर रहे हैं.  

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पांच साल बाद धरती के बेहद नजदीक आ जाएगा

एस्टेरॉयड एपोफिस 1230 फीट चौड़ा है. यह करीब साढ़े तीन फुटबॉल मैदान के आकार के बराबर है. धरती से इसकी टक्कर साल 2068 में धरती से टकरा सकता है. लेकिन उससे पहले यह दो बार धरती के पास से निकलेगा. एक तो अभी से पांच साल बाद 13 अप्रैल 2029 में.  तब ये धरती से मात्र 32 हजार किलोमीटर दूर से निकलेगा. इससे ज्यादा दूर तो भारत के जियोस्टेशनरी सैटेलाइट तैनात हैं. दूसरी बार साल 2036 में. 

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ISRO Chief, S. Somanath, Apophis Asteroid
यूरोपियन स्पेस एजेंसी द्वारा बनाया गया एपोफिस एस्टेरॉयड का चित्र. (फोटोः ESA)

इसरो का अंदाजा है कि 300 मीटर बड़ा एस्टेरॉयड अगर धरती से टकराता है तो वह पूरे एशिया को खत्म कर सकता है. एस्टेरॉयड की टक्कर वाली जगह से चारों तरफ करीब 20 किलोमीटर के दायरे में सामूहिक संहार हो जाएगा. यानी किसी भी तरह के जीव-जंतुओं की कोई आबादी नहीं बचेगी. सब कुछ खत्म हो जाएगा. 

कैसे घूम गया धरती की तरफ? 

आइए जानते हैं कि सुरक्षित कक्षा में घूमते हुए इस एस्टेरॉयड ने अचानक धरती की ओर अपना रुख कैसे कर लिया? जब अंतरिक्ष में घूमने वाला कोई पत्थर सूरज की गर्मी से अपने रास्ते में थोड़ा बदलाव करता है तो उसे यार्कोवस्की प्रभाव कहते हैं. इस प्रभाव के तहत एस्टेरॉयड की दिशा और गति बदल जाती है. यह तेजी अंतरिक्ष में उस एस्टेरॉयड की तरफ आने वाली वस्तुओं के लिए खतरनाक होती है.

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ISRO Chief, S. Somanath, Apophis Asteroid

क्या पक्का टक्कर होगा या नहीं? 

इसरो, नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक एस्टेरॉयड एपोफिस के रास्ते, गति और इससे होने वाले नुकसान का आकलन कर रहे हैं. वैज्ञानिकों ने कहा कि धरती से इसके टकराने का चांस 1.50 लाख में एक बार ही है. लेकिन इसकी सही जानकारी 2029 के फ्लाइबाय के बाद होगी. क्योंकि तब ज्यादा बेहतर गणना हो सकेगी. जब वह धरती से मात्र 32 हजार किलोमीटर की दूरी से निकलेगा. 

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