एक अकेली बुद्धिमान सभ्यता के रूप में, मनुष्य हमेशा दूसरी बुद्धिमान सभ्यताओं (CETIs) के अस्तित्व के बारे में जानना चाहता है. एलियंस से संपर्क करने के लिए वैज्ञानिक सालों से कोशिश कर रहे हैं. द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल (The Astrophysical Journal) में एक रिपोर्ट पब्लिश की गई है. इसमें बीजिंग की नॉर्मल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता वेंजी सॉन्ग (Wenjie Song) और हे गाओ (He Gao) ने संचार करने वाली दूसरी बुद्धिमान सभ्यताओं (Communicating Extraterrestrial Intelligent Civilizations- CETIs) की संख्या के हिसाब से संचार का अनुमान लगाया है.
दोनों शोधकर्ताओं ने नौ परिदृश्य बनाए जहां CETIs या तो दुर्लभ थे या सामान्य थे. अगर CETIs दुर्लभ हैं, यानी पूरे मिल्की वे (Milky Way) में 110 के क्रम में, तो एक संचार सभ्यता को दूसरे से संकेत मिलने से पहले 4 लाख साल का इंतजार करना पड़ेगा. अगर स्थिति बहुत अच्छी हो तो पहला संदेश पाने में एक संचार सभ्यता को कम से कम 2,000 साल लगेंगे.
शोधकर्ताओं का कहना है कि हमें संकेत नहीं मिलने की वजह यह हो सकती है कि मानव का जीवन काल संचार करने के समय के हिसाब से कम है. अगर कयामत (Doomsday) वाले तर्क को भी सच मान लिया जाए, तो भी मनुष्यों को खत्म होने से पहले तक बाकी CETIs से कोई संकेत नहीं मिल सकता.
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर कोई हमें खोज रहा होगा, तो उन्हें पृथ्वी के संकेतों के लिए आकाशगंगा के एक बहुत छोटे क्षेत्र में होना होगा. हालांकि टीम का मानना है कि इन संभावनाओं में बहुत अनिश्चितताएं भी हैं, इसलिए एलियंस के साथ जल्द संवाद करने का मौका मिल भी सकता है.
It May Take 400,000 Years To Connect With Alien Civilizations, Scientists Sayhttps://t.co/VRKXcXFT3Y pic.twitter.com/LQp65NVE2t
— IFLScience (@IFLScience) May 4, 2022
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह निश्चित नहीं है कि कितने स्थलीय ग्रह (Terrestrial Planets) जीवन की उत्पत्ति कर सकते हैं और CETIs में जीवन की प्रक्रिया क्या है. साथ ही, यह भी अनिश्चित है कि वे संकेत भेजने में सक्षम हैं. लेकिन एक और अनिश्चितता भी हो सकती है. वह ये कि हो सकता है कि वहां बहुत ही कम CETIs हों और कौन जानता है कि वे हमसे बात करना भी चाहते हैं या नहीं.