अक्सर बच्चे बड़ों से सवाल करते हैं कि घास हरी क्यों होती है, नीली या बैंगनी क्यों नहीं? तो इसका जवाब बहुत आसान है, जो आपने दिया भी होगा. घास हरे पिगमेंट 'क्लोरोफिल' (Chlorophyll) की वजह से हरी होती है. लेकिन इसे ठीक से समझने के लिए आगे पढ़िए.
क्लोरोफिल के साथ-साथ घास के हरे रंग के लिए, ऑर्गेनेल (organelles) नाम के सेलुलर कंपोनेंट और सूरज की रोशनी से भोजन बनाने की प्रक्रिया- फोटोसिंथेसिस (Photosynthesis) भी अहम भूमिका निभाते हैं.
साइंस, ह्यूमैनिटी और कल्चर के एक ऑनलाइन म्यूज़ियम वेब एक्ज़िबिट्स (WebExhibits) के मुताबिक, छोटे-छोटे ऑर्गेनेल में क्लोरोप्लास्ट होते हैं, जो क्लोरोफिल के अणु होते हैं. क्लोरोफिल के अणु के सेंटर में एक मैग्नीशियम आयन होता है, जो एक पोर्फिरिन (Porphyrin) से जुड़ा होता है. Porphyrin एक बड़ा ऑर्गैनिक नाइट्रोजन अणु होता है.
क्लोरोफिल ग्रीक शब्द क्लोरस (Chloros) से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है पीला-हरा. क्लोरोफिल के अणु रोशनी से कुछ तरंग दैर्ध्य (Wavelengths) को अवशोषित करता है, खासकर लाल और नीला. लाल लंबी वेवलेंथ होती है, जबकि नीली छोटी. इलेक्ट्रो मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम का हरा क्षेत्र अवशोषित नहीं होता, बल्कि वह हमारी आंखों में रिफ्लेक्ट होता है. इसी वजह से हरी दिखाई देती है घास.
Why is grass green? https://t.co/V8Bvs8CVSy
— Live Science (@LiveScience) May 28, 2022
क्लोरोफिल प्रकाश संश्लेषण यानी फोटोसिंथेसिस के लिए भी ज़रूरी होता है. जिसमें एक पौधा बढ़ने के लिए, सूर्य की ऊर्जा का इस्तेमाल कर कार्बन डाइऑक्साइड और पानी को भोजन (शुगर के रूप में) में बदलता है.
नेशनल ज्योग्राफिक (National Geographic) के मुताबिक, शुगर बनाने की यह प्रक्रिया क्लोरोप्लास्ट के अंदर होती है. इन संरचनाओं के अंदर, क्लोरोफिल (और कुछ हद तक दूसरे पिगमेंट) सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करते हैं और उस प्रकाश से ऊर्जा को एनर्जी स्टोर करने वाले दो अणुओं में ट्रांसफर कर देते हैं. तब पौधा उस ऊर्जा का इस्तेमाल CO2 और पानी को शुगर में बदलने के लिए करता है. मिट्टी में पोषक तत्वों और उस शुगर के इस्तेमाल से पौधे अपने दूसरे भागों को हरा-भरा करता है.