नैनीताल के पदमपुरी क्षेत्र में गुलदार यानी तेंदुए के हमले में 18 साल की युवती की जान चली गई. बीते 10 दिनों में आदमखोरों के हमले में तीन लोग मारे गए हैं. क्षेत्र में लगातार बढ़ ही आदमखोर जानवर की दहशत के चलते लोग नाराज है. बुधवार की सुबह सैकड़ों लोगों ने भीमताल-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर मृतक का शव रखकर जाम लगाया. प्रदर्शन किया.
स्थानीय लोग वन विभाग पर लापरवाही पर रखने का आरोप लगा रहे हैं. लोगों का कहना है कि लोगों का कहना है कि गुलदार के आतंक को देखते हुए कई बार उन्होंने गांव में वन विभाग से पिंजरा लगवाने की मांग की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. लोगों की मांग है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाए.
गांव समेत पूरे ब्लॉक में आदमखोर को पकड़ने के लिए पिजरें लगवाए जाए. ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके. हुआ यूं कि भीमताल ब्लॉक की ग्राम पंचायत अलचौना के तोक तांडा में मंगलवार शाम 5 बजे खेत में चारा काट रही 18 वर्षीय निकिता शर्मा पुत्री विपिन चंद्र शर्मा को आदमखोर जानवर ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया. लोगों को ये कन्फ्यूजन है कि हमला तेंदुआ कर रहा है या बाघ.
इससे पहले भी दो बार हो चुकी ऐसी घटना
किशोरी का शव दो किमी दूर से बरामद हुआ. इससे पहले भी आदमखोर जानवर दो महिलाओं को मौत के घाट उतार चुका है. मंगलवार शाम घात लगाए आदमखोर जानवर ने अचानक निकिता पर हमला किया. उसे जंगल की ओर लेकर जाने लगा. परिजनों के हल्ला मचाने के बाद जानवर शव छोड़कर जंगल में चला गया.
तेंदुआ है या बाघ... पता कर रहा है वन विभाग
अपनी टीम के साथ पहुंचे डीएफओ ने घटनास्थल का दौरा किया. इस हिंसक वन्यजीव के गुलदार या बाघ होने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है. कुछ ही दिन पहले तेंदुए को मुख्य वन संरक्षक द्वारा आदमखोर घोषित किए जाने पर हाई कोर्ट ने भी संज्ञान लिया था. जिसमें कोर्ट ने कहा था कि इस हिंसक जानवर को खदेड़ने, पिंजरे में पकड़ने या ट्रेंक्यूलाइज कर रैस्क्यू सेंटर भेजने को कहा था. कोर्ट ने कहा था कि जब तक मुख्य वन संरक्षण संतुष्ट होंगे तभी किसी हिंसक जानवर को मारने की अनुमति दी जाएगी.
हो रही है जानवर की तलाश... बोले एसडीएम
एसडीएम प्रमोद कुमार ने कहा कि हिंसक जानवर की तलाश हो रही है. लोग घर में सुरक्षित रहें. अपने मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल न जाएं, उसकी व्यवस्था गांव में ही करा दी गई है.