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मंगल ग्रह पर सैंपल वाला ट्यूब कर रहा है इंतजार, कोई आकर मुझे पृथ्वी पर ले जाए

मंगल ग्रह पर पर्सीवरेंस रोवर लाल ग्रह की सतह से नमूने जमा कर रहा है. इन नमूनों की जांच कर पृथ्वी के वैज्ञानिक ग्रह को और करीब से समझ पाएंगे. इसी कड़ी में रोवर ने नमूनों का पहला ट्यूब मंगल की सतह पर गिराया है. इस ट्यूब को पृथ्वी पर लाने के लिए अगले मिशन तक का इंतज़ार करना होगा.

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मंगल ग्रह से इकट्ठा किए गए नमूने इस ट्यूब में हैं (Photo: NASA)
मंगल ग्रह से इकट्ठा किए गए नमूने इस ट्यूब में हैं (Photo: NASA)

नासा के पर्सीवरेंस मिशन (Perseverance mission) ने मंगल ग्रह की सतह पर कीमती चट्टान के नमूनों का अपना पहला ट्यूब गिराया है. इसमें मंगल ग्रह से जुटाई गई सामग्रियों का एक रिकॉर्ड है. इस ट्यूब को भविष्य में होने वाला कोई मिशन ही पृथ्वी पर वापस ला सकता है. मंगल ग्रह पर जीवन की खोज में यह कदम बहुत अहमियत रखता है. 

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नासा का कहना है कि रोवर ने पुरानी नदी के डेल्टा- में प्राचीन माइक्रोबियल जीवन की तलाश की थी. जहां 10 टाइटेनियम ट्यूब को रखा जाएगा, जिसका नाम 'थ्री फोर्क्स' रखा गया है. 2030 में, अगर शेड्यूल जारी रहता है, या तो पर्सीवरेंस रोवर या दो हेलीकॉप्टर जेजेरो क्रेटर (Jezero Crater) में इन ट्यूबों को किसी स्पेसशिप तक पहुंचाएंगे.

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मंगल ग्रह की चट्टानों से नमूने इकट्ठा कर रहा है रोवर (Photo:NASA)

हालांकि, यह ट्यूब सिर्फ बैकअप है, क्योंकि पर्सीवरेंस रोवर हर जगह से दो सैंपल उठाता है. साथ ही, मिशन के हिसाब से ये खुद ही डिलीवरी करता है. लेकिन ज़रूरत पड़ने पर मंगल ग्रह की सतह पर छोड़ी गई बैकअप ट्यूब्स को लेने के लिए हेलीकॉप्टर्स को बुलाया जा सकता है. आपको बता दें कि मंगल ग्रह पर फिलहाल Ingenuity Mars helicopter उड़ रहा है, जिसने हाल ही में अपनी 37वीं उड़ान पूरी की है.

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मंगल ग्रह की सतह पर बोरहोल साफ देखा जा सकता है (Photo: Nasa)

मंगल ग्रह की विशाल घाटियां, बड़े आइसबर्ग और पानी के नीचे जलाशय बताते हैं कि आज भले ही यह ग्रह सूखा और धूल भरा दिखता हो, लेकिन अतीत में मंगल पानी से समृद्ध था. और पानी ही जीवन के मुख्य अवयवों में से एक है. लेकिन क्या जीवन के लिए ये काफी था, इसे जानने के लिए पर्सीवरेंस रोवर ने काम शुरू किया. अब रोवर द्वारा इकट्ठा किए गए नमूनों को पृथ्वी पर वापस भेजने से मंगल पर प्राचीन जीवन के संकेतों को समझने का मौका मिलेगा. 

 

पहला नमूना चॉक के एक टुकड़े के आकार का है, जिसे 31 जनवरी को South Seitah इलाके की 'मलय' (Malay) नाम की एक चट्टान से लिया गया था. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह जगह काफी अहम है. मंगल ग्रह से जो तस्वीरें आई हैं उसमें देखा जा सकता है कि ट्यूब बाहर थी और सपाट थी, लेकिन अगर टयूब रेत में कहीं खो जाए, उसके लिए भी नासा के पास प्लान है. आपको बता दें कि पर्सीवरेंस मिशन 18 फरवरी को मंगल ग्रह की सतह पर दो साल पूरे कर लेगा.

 

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