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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से दिखा UFO, जिसके बाद नासा ने काट दिया लाइव स्ट्रीम

X (पुराना टि्वटर) हैंडल पर एक वीडियो पसंद किया जा रहा है. जिसमें स्पेस स्टेशन के पीछे से एक रोशनी वाली चीज जाती दिख रही है. दावा है कि जैसे ही ये चीज दिखाई दी नासा ने लाइव फीड काट दिया. दो ट्विटर हैंडल ने दावा किया है कि ये एलियन यूएफओ (Alien UFO) है. देखिए वीडियो...

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X
16 दिसंबर 2024 के इस लाइव स्ट्रीम में स्पेस स्टेशन के रोबोटिक आर्म के पीछे दिख रही रोशनी ही UFO (लाल तीर) है.
16 दिसंबर 2024 के इस लाइव स्ट्रीम में स्पेस स्टेशन के रोबोटिक आर्म के पीछे दिख रही रोशनी ही UFO (लाल तीर) है.

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station - ISS) के पीछे से तेज रोशनी वाला UFO जाते हुए देखा गया है. X (पूर्व ट्विटर) पर दो हैंडल्स हैं जो ये दावा कर रहे हैं कि स्पेस स्टेशन के पीछे से एलियन यान गया है. जिसे देखते ही नासा ने स्पेस स्टेशन से चल रही लाइव फीड को बंद कर दिया. 

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यहां नीचे देखिए स्पेस स्टेशन पर UFO दिखने का वीडियो

अभी तक अंतरिक्ष में ड्रोन्स के जाने की कोई तकनीक किसी देश ने विकसित नहीं की है. इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि ये स्पेस ड्रोन्स हैं. इस रोशनी को लोगों ने करीब 40 मिनट तक लाइव स्ट्रीम में देखा. इसके बाद लाइव फीड को बंद किया गया. दोनों X हैंडल्स ने क्या लिखा है वो आप यहां नीचे देख सकते हैं... 

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@JimFerguonUK लिखते हैं कि नासा ने यूएफओ देखने के बाद लाइव फीड काटी. एक घंटे पहले नासा लाइव स्ट्रीम अचानक से कट गया. ये तब हुआ जब एक रहस्यमयी अंतरिक्षयान कैमरे के व्यू में आया. इस फुटेज की स्पीड को थोड़ा सा बढ़ाया गया है. यूएफओ पूरी स्क्रीन को क्रॉस करके अंधेरे में जाता दिखता है. 

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जिम ने सवाल पूछा कि अंतरिक्ष में ड्रोन्स तो काम करते नहीं फिर ये क्या है? नासा ने लाइव स्ट्रीमिंग को बंद क्यों किया. क्या नासा किसी चीज को छिपा रहा है. या वो नहीं चाहता कि हम ये सब भी देखें. जिम के इस ट्वीट को 1.9 मिलियन व्यूज मिले हैं. 2 हजार से ज्यादा बार शेयर किया गया है. 

इससे पहले इसे @Truthpolex नाम के हैंडल ने शेयर किया था. इसे 3.34 लाख व्यूज मिले थे. करीब 403 बार शेयर किया गया था. 

पिछले साल क्या कहा था NASA ने?

NASA ने पिछले साल सितंबर में कहा था कि उन्हें नहीं पता कि UFO या UAP क्या होता है. लेकिन उन्हें ये जरूर पता है कि इनका दूसरी दुनिया से कोई लेना देना नहीं है. फिर भी हमारे पास जो सबूत है इससे ये नहीं लगता कि UAP का दूसरी दुनिया से संबंध है. हम इनकी खोज करेंगे. साइंटिफिक तरीके से स्टडी करेंगे. 

नासा इस बात की स्टडी करेगा कि क्या ऐसे पर्यावरणीय माहौल हैं, जिनसे UAP धरती के चारों तरफ या उसके वायुमंडल में बन जाते हों. ये भी हो सकता है कि एलियन या यूएफओ हमारे एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट की वजह से आसमान में होने वाले किसी बदलाव का नतीजा हो. 

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Space Station UFO

नासा ने ये वादा किया है कि वो साइंटिफिक तरीके से इन एलियन या यूएफओ की खोज करेगा. तकनीकी एक्सपर्ट्स की सहायता लेगा. Aliens का दिखना या उनके यान का यानी UFO. हमेशा से चर्चा और विवाद का विषय रहा है. UFO को अमेरिका अलग नाम से बुलाने लगा है. इसे कहता है अनआइडेंटिफाइड एनोमेलस फेनोमेना (UAP - Unidentified Anomalous Phenomena). नासा ने पिछले साल इनकी स्टडी के लिए एक टीम बनाई थी. 

सही तस्वीर-वीडियो न होने से होती है दिक्कत

हाई क्वालिटी की तस्वीरें या वीडियो नहीं होने की वजह से इन UFOs को समझना और मुश्किल हो जाता है. कई बार यह समझ नहीं आता कि आखिर ये चीज कोई विमान है या किसी तरह की प्राकृतिक घटना. इसके बाद नासा ने 16 लोगों की टीम बनाई. इस टीम में साइंटिफिक, एयरोनॉटिक और डेटा एनालिटिक एक्सपर्ट्स शामिल हैं. 

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नासा के साइंटिस्ट थॉमस जुरबुचेन ने कहा था कि हमने धरती से अंतरिक्ष में कई तरह की चीजों को देखा है. जिन्हें जानना जरूरी है. हमारी टीम ने यही काम किया. पिछले साल अक्टूबर में एस्ट्रोफिजिसिस्ट डेविड स्परजेल के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी. उसने 9 महीने लगातार ऐसी घटनाओं से संबंधित डेटा की जांच पड़ताल की. 

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किसी रिपोर्ट में एलियन नहीं दिखाई पड़े

पेंटागन लगातार ऐसी घटनाओं की जांच कर रहा है, जिसमें एलियन यानों के दिखने की रिपोर्ट्स आई हैं. चाहे वह अंतरिक्ष में दिखे हों, आसमान में या फिर समुद्र में जाते या निकलते हुए. ऐसी सैकड़ों रिपोर्ट्स की जांच अब भी चल रही है. लेकिन अभी तक पेंटागन को एलियन और उनके स्पेसशिप यानी UFO के आने-जाने, पृथ्वी पर लैंडिंग या टेकऑफ के सबूत नहीं मिले हैं. 

पेंटागन का कहना है कि ऐसे प्रमाण हैं ही नहीं कि ये बात पता चले कि इंटेलिजेंट एलियन जीवन (Intelligent Alien Life) धरती पर आती-जाती हो. या फिर यहां रहती हो. पेंटागन में इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी विभाग में डिफेंस के अंडर सेक्रेटरी रोनैल्ड मॉल्ट्री ने कहा कि मैंने अभी तक ऐसी कोई चीज नहीं देखी है. न ही एलियन स्पेसशिप कहीं क्रैश हुए हैं, न ही इस तरह की कोई घटना कहीं दुनिया में हुई है. 

जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिलता, UFO नहीं मानेंगे

पेंटागन में बने नए ऑल डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) के डायरेक्टर सॉन कर्कपैट्रिक इससे उलटा कहते हैं. वो मानते हैं कि हो सकता है कि एलियन धरती पर आए हों. लेकिन हमें इसकी जांच साइंटिफिक तरीके से करनी होगी. एक्स्ट्राटेरेस्ट्रियल लाइफ हो सकती है लेकिन बिना सबूतों के हम इस बात को मान नहीं सकते. हम लगातार इस तरह की चीजों की जांच कर रहे हैं. जब तक हम पुख्ता नहीं हो जाते, हम कैसे मान लें कि एलियन आए थे.   

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अमेरिका की एक सरकारी रिपोर्ट थी, जिसमें कहा था कि साल 2004 तक 140 मामले सामने आए थे, जिसमें एलियन स्पेसशिप देखे गए थे. इन घटनाओं की रिपोर्ट अमेरिकी मिलिट्री ने की थी. अमेरिका इस प्रक्रिया को अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना (UAP) कहता है. इनके अलावा 143 ऐसी घटनाएं अलग-अलग स्थानों से रिपोर्ट की गई थीं. इससे पहले 1969 में ऐसी ही जांच शुरू की गई थी. जिसका नाम था प्रोजेक्ट ब्लू बुक (Project Blue Book). इसमें 12,618 बार UFO देखे गए थे. जिसमें से 701 घटनाओं का कोई खुलासा नहीं हो पाया. 

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