किडनी की बीमारियों को ठीक करने वाली दवा नीरी केएफटी से अब जलोदर (एसाइटिस) भी ठीक हो सकता है. मैसूरू स्थित जेएसएस आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के शोधार्थियों ने एक स्टडी में इसकी पुष्टि की है. यह स्टडी जर्नल ऑफ आयुर्वेद एंड इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंसेज में प्रकाशित हुई है.
जलोदर (एसाइटिस) कई कारणों से हो सकता है. जैसे- लीवर सिरोसिस, कार्डियक फेलियर, किडनी संबंधी बीमारियां, शरीर के किसी अंग में कैंसर, फंगल संक्रमण आदि. इनके अलावा हेपेटाइटिस बी-सी संक्रमण, लंबे समय तक शराब का सेवन, फैटी लीवर की समस्या, एपेंडिक्स, लीवर की नसों में खून जमना आदि भी बड़ी वजहें हैं.
डॉक्टरों ने जब जलोदर रोगियों को नीरी केएफटी दिया तो काफी असरदार इलाज रहा. जेएसएस अस्पताल के सहायक प्रो. कोमला ए, प्रो. सिद्धेश अराध्यमठ और शोधकर्ता मल्लीनाथ आई. टी. ने मिलकर भर्ती मरीजों का इस दवा से इलाज किया. आमतौर पर जलोदर होने पर एक छोटी सर्जरी के जरिए पेट से पानी निकालते हैं. अब सर्जरी की जरुरत नहीं पड़ेगी.
जलोदर के उपचार में एक महीने तक इसकी 20 मिली की खुराक सुबह-शाम दी गई. इसके सकारात्मक फायदे दिखे. एमिल फार्मास्युटिकल्स के कार्यकारी निदेशक डॉ संचित शर्मा ने कहा कि नीरी केएफटी गुर्दों की कार्य क्षमता को बेहतर कर शरीर में एकत्रित अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में सक्षम है.