जानवरों की कई प्रजातियां ऐसी हैं, जो प्रजनन के बाद मर जाती हैं. समुद्र में पाए जाने वाले ऑक्टोपस (Octopus) इनमें से एक हैं. इनके जीवन की खास बात यह है कि मादा ऑक्टोपस अंडे देने के बाद मौत की तरफ बढ़ने लगती है. और जब तक बच्चे अंडों से बाहर आते हैं, मां की मौत हो जाती है. ऑक्टोपस वह जीव हैं जो बहुत कम उम्र में ही अनाथ हो जाते हैं.
मादा ऑक्टोपस बेहद दर्दनाक तरीके से आत्महत्या कर लेती है. मादा ऑक्टोपस अंडे देने के बाद, खाना छोड़ देती है और खुद को चोट पहुंचाने लगती है. वह खुद अपनी खाल नोचकर अलग कर देती है. साथ ही, अपने टेन्टेकल्स (Tentacles) की टिप (Tip) या ऊपरी भाग को भी खुद ही काट देती है.
शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक अध्ययन किया है जिससे ऐसे कैमिकल्स के बारे में पता लगा है जो इस तरह के घातक उन्माद के लिए ज़िम्मेदार हैं. शोधकर्ताओं का मानना है कि अंडे देने के बाद, मादा ऑक्टोपस के हार्मोन्स में, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) आधारित कई अहम बायोकैमिकल पाथवेज में बदलाव होता है. जिससे स्टेरॉयड हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है.
ऑक्टोपस की आत्महत्या पर पहले की दी गई थ्योरी में कहा गया कि ऑक्टोपस के इस तरह के व्यवहार से शिकारी अंडे से दूर रहते हैं या मादा ऑक्टोपस का शरीर पानी में ऐसे पोषक तत्व छोड़ता है जिससे अंडों का पोषण होता है. शिकागो यूनिवर्सिटी (University of Chicago) में शोध करने वाली मॉलीक्यूलर बायोलॉजिस्ट जेड यान वांग (Z. Yan Wang) का कहना है कि सबसे ज़्यादा संभावना इस बात की है कि मां ऑक्टोपस का इस तरह का व्यवहार बच्चों को वयस्क ऑक्टोपस से बचाता है. अगर अंडों के आस-पास वयस्क ऑक्टोपस होंगे तो वे अंडों को खा भी सकते हैं.
ब्रैंडिस यूनिवर्सिटी (Brandeis University) के मनोवैज्ञानिक जेरोम वोडिंस्की (Jerome Wodinsky) ने 1977 के एक शोध में पाया कि इस आत्महत्या के पीछे, ऑप्टिक ग्लैंड का हाथ है. ऑप्टिक ग्लैंड ऑक्टोपस की आंखों के पास ग्लैंड्स का एक समूह है. यह सिफैलोपोड्स (Cephalopods) में यौन विकास (Sexual Development) और उम्र बढ़ने (Aging) से जुड़ा होता है.
वोडिंस्की ने पाया कि अगर मादा ऑक्टोपस से ऑप्टिक ग्लैंड को हटा दिया जाए, तो वह अंडे देने के कई महीने बाद तक जीवित रह सकती है. 2018 में, वैज्ञानिकों ने इस संदर्भ में दो मादा ऑक्टोपस से दो ऑप्टिक ग्लैंड के आरएनए (RNA) को सीक्वेंस किया. एक ऑक्टोपस जिसकी मौत होने वाली थी, उसमें कई जीनों में गतिविधियों के उच्च स्तर को देखा गया, जो सेक्स हार्मोन, इंसुलिन हार्मोन और कोलेस्ट्रॉल मेटाबॉलिज़्म को कंट्रोल करती हैं.
She even eats pieces of her own arms.https://t.co/I8mwUCUAOe
— Live Science (@LiveScience) March 30, 2023
वांग और उनके सहयोगियों ने सामान्य मादा ऑक्टोपस और सेक्स करने वाली मादा ऑक्टोपस की ऑप्टिक ग्लैंड से निकलने वाले अणुओं (Molecules) का सीधे तौर पर विश्लेषण किया. यह शोध करंट बायोलॉजी (Current Biology) में प्रकाशित हुआ है. शोध में पाया गया कि सेक्स के बाद, ऑप्टिक ग्लैंड वास्तव में ज्यादा सेक्स हार्मोन, इंसुलिन जैसे हार्मोन और ऊंचे स्तर के कोलेस्ट्रॉल का स्राव करती है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ये तीनों मॉलीक्यूल्स ऑक्टोपस की मौत का कारण बनते हैं. न्यूरोबायोलॉजिस्ट क्लिफ्टन रैग्सडेल (Clifton Ragsdale) कहते हैं कि जब ऑक्टोपस में यह बदलाव होते हैं, तो मरने से ठीक पहले वे पागल हो जाते हैं.