दिसंबर 2022 से अब तक अमेरिका के पूर्वी तट पर 23 व्हेल मरी मिलीं. 12 तो सिर्फ न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के तटों पर पाई गईं. पिछले एक हफ्ते में ही तीन व्हेल मछलियां मरी पाई गईं. पहले गंभीर रूप से खतरे में मौजूद नॉर्थ अटलांटिक राइट व्हेल, जो वर्जीनिया के तट पर मिली. फिर एक हंपबैक व्हेल, जो न्यूजर्सी के तट पर पाई गई. इसके बाद एक मिंके व्हेल न्यूयॉर्क सिटी के रॉकअवे पेनिनसुला तट पर मिली.
नेशनल ओशिएनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के मुताबिक इन व्हेल मछलियों की मौत से अमेरिकी सरकार परेशान हो गई है. साथ ही अमेरिकी वैज्ञानिक भी. पिछले सोमवार को कोस्ट गार्ड ने न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के बीच बहने वाले एम्ब्रोस शिपिंग चैनल में एक मरी हुई व्हेल को बहते हुए देखा. उन्होंने दो टीम भेजी. जांच के बाद पता चला कि ये हंपबैक व्हेल है. लेकिन यह पता नहीं चला कि कैसे मौत हुई.
वैज्ञानिक इसके पीछे बेहद विचित्र लेकिन हैरान करने वाली वजह बता रहे हैं. 1985 तक हंपबैक व्हेल्स का शिकार करना अमेरिका में वैध था. ताकि अटलांटिक महासागर और हडसन नदी की शाखाओं को साफ किया जा सके. क्योंकि इनकी आबादी ज्यादा बढ़ गई थी. जैसे-जैसे जलवायु परिवर्तन होता गया. ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ती गई. व्हेल्स और उनकी शिकार मछलियां विस्थापित होती चली गईं. ये तटों के बेहद करीब आ कर घूमने लगीं.
कोविड के बाद न्यूयॉर्क-न्यूजर्सी में हुआ ये बदलाव
तीन साल पहले आई कोविड महामारी. सबकुछ बंद हो गया. लॉकडाउन लग गया. ऑनलाइन शॉपिंग की डिमांड बढ़ी. यह मांग पूरी करने के लिए न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में शिपिंग पोर्ट बनाए गए. ताकि कार्गो जहाजों का आना-जाना आसान हो. माल की सप्लाई ज्यादा तेजी से पूरी की जा सके. अब ये शिपिंग पोर्ट देश के सबसे व्यस्त बंदरगाह बने हुए हैं. यहां पर कई बड़े-बड़े मालवाहक जहाज भी आते हैं. ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो.
जहाजों और व्हेल्स के बीच होती रहती है टक्कर
बंदरगाह बनने से जहाजों का आना-जाना बढ़ा तो उनसे निकलने वाला खाना वगैरह व्हेल मछलियों के लिए आकर्षण बन गया. एम्ब्रोस शिपिंग चैनल में व्हेल मछलियों की मात्रा बढ़ गई. गॉथम व्हेल रिसर्च ग्रुप के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर पॉल सिएसवेर्डा ने बताया कि इस चैनल में व्हेल रहती हैं, तब हम भगवान से ये मनाते हैं कि कम से कम वो जहाज से न टकराएं. या कोई जहाज इनसे न टकरा जाए. लेकिन ऐसा होता नहीं है. टक्कर हो ही जाती है.
समुद्र में हो रहे निर्माणकार्यों से भी हो रही है दिक्कत
इसके अलावा मैसाच्युसेट्स से लेकर वर्जीनिया तक समुद्र में विंड फॉर्म लगाए जा रहे हैं. यानी पनचक्की. इन्हें लगाने के दौरान भी निर्माण करने वाले जहाजों का आना-जाना बढ़ा रहता है. विंड फॉर्म्स का विरोध करने वाले कहते हैं कि इन्हें बनाने वाली कंपनियां जिस सोनार तकनीक से समुद्र का नक्शा बनाती हैं, उससे व्हेल मछलियों को दिशाभ्रम होता है. जिसकी वजह से वो तटों के करीब आ जाती हैं. जहाजों से टकराती हैं और उनकी मौत हो जाती है.
13 फरवरी को न्यूजर्सी के मानसक्वान में एक हंपबैक व्हेल देखी गई. इसे करीब एक महीने पहले जिंदा मछलियों का शिकार करते देखा गया था. वह भी तट से करीब 50 किलोमीटर दूर गहरे समुद्र में. लेकिन ये 13 फरवरी को तट पर मरी मिली. व्हेल की पहचान स्थानीय वैज्ञानिकों ने उसके मार्किंग टैग से की. जिसका नंबर है NYC0298.
व्हेल की मौत की वजह खोजना आसान नहीं
व्हेल मछलियां किसी स्कूल बस से कम आकार की होती नहीं है. इसलिए उनका एक्सरे हो नहीं सकता. इसलिए उनके जख्मों की पड़ताल वैज्ञानिकों को मैनुअली करनी पड़ती है. करीब एक फीट मोटे गद्देदार मांस के नीचे बीमारियां, पैरासाइट, घाव, जख्म को खोजना आसान नहीं होता. मरी हुई व्हेल मछली से बहुत ज्यादा दुर्गंध आती है. ऐसे में उसके घावों को खोजना और कठिन हो जाता है.
17 फरवरी को न्यूयॉर्क के क्वींस इलाके के रॉकअवे में मिली मिंके व्हेल का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए नेक्रोस्कोपी टीम बुलाई गई थी. जांच में पता चला कि उसे किसी बड़े जहाज के प्रोपेलर पंखे से जानलेवा चोट लगी है. इसके बाद इस व्हेल मछली को दफनाने की परंपरा को पूरा किया गया. उसे लॉन्ग आइलैंड के आदिवासी समुदाय के प्रमुख हैरी वॉलेस ने किया. व्हेल मछली को पूजा-पाठ के बाद तट पर ही रेत के अंदर गहराई में दफना दिया गया.
How online shopping may be linked to the recent spate of dead whales washing up in New York and New Jersey.
— Catrin Einhorn (@CatrinEinhorn) February 28, 2023
by @traceytully and @WinstonC_S https://t.co/GYda8ZswQA
मरी हुई 23 व्हेल मछलियों में से 16 हंपबैक व्हेल
पिछले तीन महीनों में मरी मिली 23 व्हेल में से 16 हंपबैक व्हेल्स थीं. साल 2017 से अब तक अमेरिका के पूर्वी तट पर 335 व्हेल मछलियां मरी मिली हैं. लेकिन सर्दियों में इतनी ज्यादा संख्या में व्हेल मछलियों की मौत वैज्ञानिकों को परेशान कर रही है. कोरोनाकाल में न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के बंदरगाह पर जहाजों का आना-जाना 27 फीसदी ज्यादा हो गया था.
पिछले साल NOAA ने बंदरगाहों को निर्देश दिया था कि सभी जहाजों को 10 नॉट यानी 18.52 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलना है. 35 फीट या उससे ऊपर के जहाजों को व्हेल मछली दिखने पर पहले उसे रास्ता देना होगा. अगर टक्कर हो जाती है तो व्हेल को पहले जाने देना होगा. फिर जहाज को आगे बढ़ाना होगा.