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दुनिया का पहला निजी लैंडर 25 अप्रैल को उतर सकता है चांद पर, जापानी कंपनी का कमाल

फिलहाल चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगा रहा जापान का हकूतो-आर स्पेसक्राफ्ट (Hakuto-R spacecraft), 25 अप्रैल को एक ऐतिहासिक घटना को अंजाम देने वाला है. यह स्पेसक्राफ्ट चांद पर लैंड करने की कोशिश करेगा. अगर मिशन सफल रहा तो, जापान चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा.

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25 अप्रेल को चांद पर उतरने की कोशिश करेगा लैंडर (Photo: Getty)
25 अप्रेल को चांद पर उतरने की कोशिश करेगा लैंडर (Photo: Getty)

जापान का हकूतो-आर स्पेसक्राफ्ट (Hakuto-R spacecraft) 25 अप्रैल को चांद पर लैंड करने की कोशिश में है. जापान का निजी लूनर लैंडर फिलहाल चंद्रमा की कक्षा में, चांद के चक्कर लगा रहा है. यह मंगलवार, 25 अप्रैल दोपहर 12:40 बजे EDT  (1640 GMT) चांद पर लैंडिंग की कोशिश करेगा. स्पेसक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी आईस्पेस (ispace) के मुताबिक, लैंडिंग की आल्टरनेट तारीखें 26 अप्रैल, 1 मई और 3 मई हैं. 

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हकूतो-आर स्पेसक्राफ्ट दिसंबर 2022 में स्पेसएक्स (SpaceX) के फॉल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया था. यान फिलहाल एक अण्डाकार लूनर ऑर्बिट में है. यह चांद की सतह के सबसे करीब 100 किलोमीटर दूर और सबसे दूर करीब 2,300 किमी है. इतनी दूरी से इस अंतरिक्ष यान ने अब तक काफी हैरान करने वाली तस्वीरें खींची हैं.

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 जापान चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा.(Photo: iSpace)

लैंडिंग की कोशिश में, लैंडर अपनी सबसे नज़दीकी एप्रोच पर ब्रेकिंग बर्न करेगा और अपने मुख्य प्रोपल्शन सिस्टम को ऑर्बिट से निकालने के लिए फायरिंग करेगा. प्री-सेट कमांड का इस्तेमाल करते हुए, चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए, लैंडर अपना एटिट्यूड सेट करेगा और वेग कम करेगा. इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक घंटे का समय लगेगा.

इस मिशन को टोकयो से कंट्रोल किया जाएगा. आईस्पेस मिशन को लाइवस्ट्रीम करने की योजना बना रहा है, जिससे इस ऐतिहासिक घटना को लोग रियल टाइम में देख सकें. 

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मिशन को टोक्यो से कंट्रोल किया जाएगा (Photo: Getty)

चांद पर जहां लैंड किया जाना है, वह जगह है एटलस क्रेटर (Atlas crater). यह मारे फ्रिगोरिस (Mare Frigoris) या 'सी ऑफ कोल्ड' के दक्षिणी बाहरी किनारे पर स्थित है.

अगर यह मिशन सफल होता है, तो Hakuto-R चंद्रमा पर सुरक्षित तौर पर उतरने वाला पहला, निजी तौर पर संचालित स्पेसक्राफ्ट बन जाएगा. यह स्पेसक्राफ्ट अपने साथ UAE की अंतरिक्ष एजेंसी का एक छोटा रोवर भी साथ लेकर जा रहा है, जिसका नाम है रशीद रोवर. सफल होने पर, अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद, जापान चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा.

 

कैनाडेन्सिस एयरोस्पेस ( Canadensys Aerospace) के बनाए गए हकूतो-आर पर एक मल्टी-कैमरा, AI-इनेबल्ड लूनर 360-डिग्री इमेजिंग सिस्टम ने हाल ही में चंद्रमा की तस्वीर ली है. आईस्पेस के लिए हकूतो-आर सिर्फ पहला कदम है, जिसे 12 अप्रैल को टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज ग्रोथ मार्केट में भी लिस्ट किया गया था. कंपनी पहले से ही अपने दूसरे और तीसरे मून  मिशन पर काम कर रही है, जिसे 2024 और 2025 में लॉन्च किया जाना है.

 

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