scorecardresearch
 

प्रतिबंधों से नाराज Russia ने उठाया कड़ा कदम, फ्रेंच गुएना से रोकी रॉकेट लॉन्चिंग

यूक्रेन के साथ युद्ध करने पर यूरोपीय संघ (European Union) ने रूस पर कई प्रतिबंध लगा दिए हैं. इससे नाराज रूस ने फ्रेंच गुएना (French Guiana) से सभी स्पेस लॉन्च को रोक दिया है. उसके कोरोऊ कॉस्मोड्रोम से लॉन्च तो रोका ही है, साथ ही फ्रेंच गुएना से सभी तकनीकी कर्मचारियों को वापस बुला लिया है.

Advertisement
X
French Guiana का कोरोउ कॉस्मोड्रोम जहां अब रूस नहीं करेगा कोई रॉकेट लॉन्च. (फोटोः गेटी)
French Guiana का कोरोउ कॉस्मोड्रोम जहां अब रूस नहीं करेगा कोई रॉकेट लॉन्च. (फोटोः गेटी)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोऊ कॉस्मोड्रोम से नहीं उड़ेगा कोई रॉकेट
  • रूस ने अपने सभी इंजीनियरों को वापस बुलाया
  • बाधित हो सकते हैं US-EU के लॉन्च मिशन

यूक्रेन से युद्ध करने पर यूरोपीय देशों ने रूस पर कुछ प्रतिबंध लगाए. इससे नाराज रूस ने सख्त कदम उठाते हुए फ्रेंच गुएना (French Guiana) से अंतरिक्ष संबंधी सभी कार्यक्रमों को रोक दिया है. कोरोऊ कॉस्मोड्रोम (Kourou Cosmodrome) से लॉन्च रोक दिए गए हैं. सभी तकनीकी कर्मचारियों और इंजीनियरों को वापस बुला लिया गया है. 

Advertisement

रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमॉस (ROSCOSMOS) के प्रमुख डिमित्री रोगोजिन ने कहा कि हमारे ऊपर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से हम यूरोपीय साझेदारों के साथ अपने सारे स्पेस कार्यक्रम रोक रहे हैं. कोरोऊ कॉस्मोड्रोम से अब कोई लॉन्चिंग नहीं होगी. न ही फ्रेंच गुएना में कोई तकनीकी कर्मचारी रहेगा. 

रूस के इंजीनियरों के जाने से बाधित होंगे यूरोपीय देशों और अमेरिका के स्पेस मिशन. (फोटोः गेटी)
रूस के इंजीनियरों के जाने से बाधित होंगे यूरोपीय देशों और अमेरिका के स्पेस मिशन. (फोटोः गेटी)

डिमित्री ने कहा कि रूस फ्रेंच गुएना से सारे स्पेस लॉन्चिंग रद्द कर रहा है. अपने सारे कर्मचारियों को वापस बुला रहा है. इससे पहले भी स्पेस स्टेशन को लेकर अमेरिका और रूस में तनातनी और बयानबाजी हो चुकी है. NASA ने एक दिन पहले ही कहा था कि वह स्पेस स्टेशन और ऑर्बिटल लॉन्च को लेकर रूस के साथ काम करता रहेगा. इससे पहले डिमित्री रोगोजिन ने कई ट्वीट करके अमेरिका से कहा कि यदि आप ISS पर हमारा सहयोग बंद करेंगे तो फिर स्पेस स्टेशन को अनियंत्रित होने और अमेरिका या यूरोप पर कहीं गिरने से कौन बचाएगा. 

Advertisement

ये भी पढ़ेंः India को लेकर रूस ने अमेरिका से कह दी डरावनी बात

डिमित्री ने कहा था कि ये भी आशंका है कि ये 500 टन का ढांचा भारत या चीन पर गिर जाए. क्या आप उनको इस तरह से डराना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि आईएसएस रूस के ऊपर से नहीं उड़ता इसलिए जोखिम पूरी तरह आपका है. क्या आप उसे उठाने को तैयार हैं. डिमित्री के ऑनलाइन भावनाओं के बाद नासा ने यह बयान दिया कि अमेरिका और रूस के रिश्ते स्पेस स्टेशन को लेकर खराब नहीं हो रहे हैं. वो मिलकर काम करेंगे. 

वहाइट हाउस के अनुसार रूस के स्पेस प्रोग्राम पर सीधे तौर पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. लेकिन कुछ बेहद संवेदनशील तकनीकों को रूस एक्सपोर्ट करने से रोक दिया गया है. इन तकनीकों का उपयोग स्पेस इंडस्ट्री में किया जाता है. अमेरिका ने रूस के खिलाफ सेमीकंडक्टर्स, टेलिकम्यूनिकेशन, एनक्रिप्शन सिक्योरिटी, लेजर्स, सेंसर्स, नेविगेशन, एवियोनिक्स और मैरीटाइम तकनीकों के निर्यात पर बैन लगा दिया है. 

Advertisement
Advertisement