यूक्रेन की सरकार ने साइबर सेना (Cyber Army) यानी आईटी सेना (IT Army) बनाई है. इसके लिए लोगों की जरूरत है. यानी ऐसे लोग जो साइबर-सिक्योरिटी में एक्सपर्ट हों. साथ ही यूक्रेन की सरकार ने ऐमेच्योर लोगों को भी IT Army ज्वाइन करने की पेशकश की है. ताकि वो रूस के साथ युद्ध कर सकें. इस सेना के लिए भर्तियां (Recruitment) चालू हैं.
यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मिनिस्टर मिखाइलो फेडोरोव (Mykhailo Fedorov) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने ट्वीट पर लिखा कि हम IT Army बना रहे हैं. हमें डिजिटल टैलेंट की जरूरत है. इसमें भर्ती सभी साइबर एक्सपर्ट जवानों को काम टेलिग्राम पर दिए जाएंगे. हर किसी के लिए काम होगा. हम लगातार साइबर फ्रंट पर रूस का सामना करते रहेंगे.
We are creating an IT army. We need digital talents. All operational tasks will be given here: https://t.co/Ie4ESfxoSn. There will be tasks for everyone. We continue to fight on the cyber front. The first task is on the channel for cyber specialists.
— Mykhailo Fedorov (@FedorovMykhailo) February 26, 2022
गिजमोडो की रिपोर्ट के मुताबिक साइबर सेना के लिए पहला काम ये है कि वो डिनायल ऑफ सर्विस (DDOS) लॉन्च करें. ताकि रूस के 31 टारगेट्स को बर्बाद किया जा सके. इसमें सरकारी संस्थान, रूसी बैंक्स और रूसी व्यवसाय शामिल हैं. जिन लोगों को साइबर सिक्योरिटी की कम नॉलेज हैं, उन्हें यूट्यूब वीडियो (Youtube Video) पर काम करने को कहा गया है. ताकि वो गलत सूचनाओं वाले युद्ध संबंधी वीडियो को सही कर सकें. या फिर उन्हें हटा सकें.
अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि रूस पर अब तक हुए साइबर हमले में यूक्रेन की IT Army का हाथ है या नहीं. लेकिन एक बात तो पुख्ता है कि Annonymous नाम के हैकर ने रूस के कई प्रमुख संस्थानों पर साइबर हमला करके उनकी हालत खराब कर दी थी. कई रूसी मीडिया संस्थानों में युद्ध के खिलाफ संदेश डिस्प्ले हुए थे.
CNN के मुताबिक रूसी मीडिया संस्थान फोर्ब्स रसिया, फोनटांका और टेकी डेला वेबसाइट पर एक संदेश चला था कि प्रिय नागरिक, हम आपसे इस पागलपन को रोकने की अपील करते हैं. अपने बेटों और पति को मौत की तरफ मत भेजिए. पुतिन ने हम सब से झूठ बोला है. हमारे जीवन को खतरे में डाला है.
दूसरा मैसेज आया था कि हम लोगों को पूरी दुनिया से अलग कर दिया गया है. तेल और गैस का व्यापार नहीं हो रहा है. अगले कुछ वर्षों में हम ऐसे जीएंगे जैसे उत्तर कोरिया के लोग जी रहे हैं. इस संदेश के अलावा कई रूसी वेबसाइट्स पर रूसी मौतों के आंकड़ों को जारी किया गया था, जो आधिकारिक तौर पर रूस की सरकार की तरफ से जारी नहीं किए गए थे.